ऑटो उद्योग की Q1 2025 रिपोर्ट: SUV का जलवा, निर्यात में उछाल लेकिन कुछ सेगमेंट में मंदी

नई दिल्ली : इंडियन ऑटोमोबाइल सेक्टर में FY2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) में जहां यात्री वाहनों की बिक्री फिर से वन मिलियन का आंकड़ा पार कर गई है, वहीं कुछ सेगमेंट्स में हल्की गिरावट भी देखने को मिली है। ऑटोमोबाइल कंपनियों के शीर्ष संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार यह तिमाही कई उतार-चढ़ावों से भरी रही है।

SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने टिप्पणी करते हुए कहा, “ऑटो उद्योग का प्रदर्शन अपेक्षाकृत स्थिर रहा, हालांकि यात्री वाहनों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए खुदरा पंजीकरण पिछली पहली तिमाही की तुलना में थोड़ा अधिक रहा। सभी श्रेणियों में समग्र रुझान अब तक सुस्त रहे हैं, जबकि उद्योग आपूर्ति संबंधी चुनौतियों से जूझ रहा है। आगामी त्यौहारी सीज़न और RBI द्वारा रेपो दर में कटौती के लाभों के साथ, हमें उम्मीद है कि उपभोक्ता रुझान में सुधार होगा।”

Q1 2025-26 के प्रमुख आकर्षण:

पैसेंजर व्हीकल : SUV का दबदबा बरकरार, निर्यात में तेज़ी
बिक्री में स्थिरता: यात्री वाहनों की बिक्री इस तिमाही में फिर से 1.01 मिलियन यूनिट्स का आंकड़ा पार कर गई। यह पिछले दो सालों में लगातार दूसरी बार है जब Q1 में बिक्री 1 मिलियन के पार गई है। हालांकि, तिमाही के दूसरे हिस्से में बिक्री कम होने के कारण, कुल बिक्री 2024-25 की Q1 की तुलना में 1.4% कम रही।
SUV का जलवा: SUVs की हिस्सेदारी अब बढ़कर 66% हो गई है। SUVs ने पिछली Q1 के मुक़ाबले 2025-26 की Q1 में 3.8% की ग्रोथ दर्ज की है।
निर्यात में रिकॉर्ड: यात्री वाहनों का निर्यात 2.04 लाख यूनिट्स के साथ अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछली Q1 के मुक़ाबले 13.2% की शानदार वृद्धि है। मध्य पूर्व, लैटिन अमेरिका, श्रीलंका, नेपाल, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में मजबूत मांग ने इस तेज़ी में योगदान दिया।

टू व्हीलर : इन्वेंटरी सुधार और निर्यात की रौनक

बिक्री में गिरावट: टू व्हीलर की बिक्री 4.67 मिलियन यूनिट्स रही, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 6.2% की गिरावट दर्शाती है। इसका मुख्य कारण उद्योग में हुआ इन्वेंटरी सुधार था।
स्कूटर सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़ी: इस तिमाही में स्कूटर सेगमेंट की हिस्सेदारी में 2.15% की बढ़ोतरी हुई है।
निर्यात में उछाल: दोपहिया वाहनों के निर्यात में 23.2% की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 1.14 मिलियन यूनिट्स दर्ज की गईं। यह वृद्धि पड़ोसी बाजारों में पुनरुद्धार और प्रमुख निर्यात बाजारों में निरंतर विकास की गति से प्रेरित थी।

थ्री-व्हीलर : अब तक की सबसे ज़्यादा Q1 बिक्री

रिकॉर्ड तोड़ बिक्री: थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने 1.65 लाख यूनिट्स की अब तक की अपनी सबसे अधिक Q1 बिक्री दर्ज की, जिसमें 0.1% की मामूली वृद्धि हुई। यह वृद्धि मुख्य रूप से पैसेंजर कैरियर सब-सेगमेंट के कारण हुई।
कार्गो सेगमेंट में उछाल: शहर के भीतर कम भार वाले कार्गो की बढ़ती मांग के कारण कार्गो का खुदरा पंजीकरण लगातार बढ़ रहा है। आसान वित्तपोषण विकल्पों ने भी इस गति को समर्थन दिया।
निर्यात भी तेज़: थ्री-व्हीलर का निर्यात भी 34.4% की वृद्धि के साथ 0.96 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया है।
कमर्शियल व्हीकल : हल्की गिरावट लेकिन निर्यात में बढ़त
मामूली गिरावट: कमर्शियल व्हीकल की बिक्री 2.23 लाख यूनिट्स रही, जो पिछले साल की Q1 की तुलना में 0.6% की मामूली गिरावट है।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में वृद्धि: कमर्शियल व्हीकल सेक्शन के भीतर, पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में वृद्धि दर्ज की गई, जो सार्वजनिक परिवहन में जारी गति का संकेत है। हालांकि, माल खंड में मामूली गिरावट देखी गई।
निर्यात में अच्छी वृद्धि: कमर्शियल व्हीकल के निर्यात ने 23.4% की अच्छी वृद्धि दर्ज की, जिसमें लगभग 0.2 लाख यूनिट्स का निर्यात हुआ।

जून 2025 का प्रदर्शन (घरेलू बिक्री):

पैसेंजर व्हीकल्स: 3,12,849 यूनिट्स
थ्री-व्हीलर: 61,828 यूनिट्स
टू-व्हीलर: 15,59,851 यूनिट्स

Q2 (जुलाई – सितंबर 2025) के लिए विकास का दृष्टिकोण:

आने वाली तिमाही के लिए ऑटो उद्योग का दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है। Q1 की चुनौतियां भले ही बनी रहें लेकिन कई सकारात्मक आर्थिक और मौसमी संकेतकों से धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है:
आगामी त्योहारी सीज़न: यह आमतौर पर मांग को बढ़ाता है, खासकर यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों के लिए, और उपभोक्ता धारणा को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
सामान्य से ज़्यादा मॉनसून: इससे ग्रामीण आय में सुधार की संभावना है, जो विशेष रूप से दोपहिया वाहनों और एंट्री-लेवल गाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इनकी मांग ग्रामीण क्षेत्रों पर बहुत अधिक निर्भर करती है।
RBI की रेपो दर में कटौती: पिछले छह महीनों में RBI द्वारा रेपो दर में 100 आधार अंकों की संचयी कटौती से धीरे-धीरे उधार लेने की लागत कम होने की उम्मीद है, जिससे उपभोक्ता खरीदारी के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।

SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन ने Q1 के बिक्री आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “FY2025-26 की पहली तिमाही में यात्री वाहनों की बिक्री पिछले वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 1.4% कम होकर 1.01 मिलियन यूनिट की बिक्री दर्ज की गई। 2025-26 की पहली तिमाही में थ्री व्हीलर्स की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 0.1% की मामूली वृद्धि के साथ 1.65 लाख इकाई रही, जो कि पहली तिमाही में अब तक की सबसे अधिक बिक्री है। टू व्हीलर्स ने पिछले वर्ष की तुलना में इस तिमाही में 6.2% की गिरावट दर्ज की, जिसमें 4.67 मिलियन यूनिट की बिक्री हुई।”