अगस्त 2025 में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में गिरावट, लेकिन निर्यात में जोरदार उछाल

नई दिल्ली: इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने अगस्त 2025 में मिक्स्ड प्रदर्शन दिखाया है। जहां पैसेंजर व्हीकल्स (कारों) की घरेलू बिक्री में गिरावट दर्ज की गई वहीं निर्यात के मोर्चे पर मजबूत वृद्धि ने उम्मीदें जगाई हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कमजोर मांग और डिस्पैच में समायोजन के कारण पैसेंजर वाहनों की बिक्री में 8.8% की कमी आई है। हालांकि, कुल वाहन निर्यात में 28.5% की बढ़ोतरी ने इंडस्ट्री को नई ऊर्जा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं क्या कहते हैं SIAM के आंकड़े।

पैसेंजर वाहनों की बिक्री: गिरावट के बावजूद उम्मीद की किरण

पैसेंजर व्हीकल्स की घरेलू बिक्री अगस्त 2025 में 3,21,840 यूनिट्स रही, जो पिछले साल अगस्त के 3,52,921 यूनिट्स की तुलना में 8.8% कम है। SIAM के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन के अनुसार, यह गिरावट कमजोर बाजार मांग और मैन्युफैक्चरर्स द्वारा डिस्पैच को समायोजित करने के कारण हुई है। ग्राहक जीएसटी दरों में कटौती की उम्मीद में खरीदारी टाल रहे हैं, जो सितंबर से लागू हो गई हैं।

सेगमेंट-वाइज ब्रेकडाउन पर नजर डालें तो:

पैसेंजर कार्स: 90,466 यूनिट्स बिकीं, जो 6.9% की गिरावट दर्शाती है।
यूटिलिटी व्हीकल्स (UVs): 2,20,589 यूनिट्स, 10.5% की कमी।
वैन: 10,785 यूनिट्स, महज 1.8% की गिरावट।

उत्पादन की बात करें तो पैसेंजर वाहनों का कुल उत्पादन लगभग 3.50 लाख यूनिट्स रहा, जिसमें पैसेंजर कार्स में 7.9% और UVs में 1.8% की साल-दर-साल गिरावट दर्ज की गई। फिर भी, इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन और जीएसटी कटौती से आने वाले महीनों में रिकवरी हो सकती है।

निर्यात में चमक: पैसेंजर वाहनों ने दिखाया दम

निर्यात के मामले में पैसेंजर वाहनों ने शानदार प्रदर्शन किया। अगस्त 2025 में 82,246 यूनिट्स का निर्यात हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 24% अधिक है। कुल वाहन निर्यात 5.57 लाख यूनिट्स पहुंच गया, जिसमें 28.5% की वृद्धि दर्ज की गई। यह इंडियन ऑटो इंडस्ट्री की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है, खासकर इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की बढ़ती मांग के चलते। अप्रैल से अगस्त 2025 तक के YTD निर्यात 25.37 लाख यूनिट्स पहुंच चुके हैं, जो 25.3% की बढ़ोतरी है।

अन्य सेगमेंट्स का प्रदर्शन: दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों ने संभाला मोर्चा

पैसेंजर व्हीकल्स की गिरावट के बावजूद, इंडस्ट्री का कुल उत्पादन 26,93,049 यूनिट्स रहा, जो 8.1% की वृद्धि दर्शाता है। कुल घरेलू बिक्री 22,51,949 यूनिट्स रही। यहां अन्य सेगमेंट्स ने मजबूती दिखाई:

दो-पहिया वाहन: घरेलू बिक्री 18,34,000 यूनिट्स, 7.1% की बढ़ोतरी। स्कूटर्स में 12.7% और मोटरसाइकिल्स में 3.3% की वृद्धि, जबकि मोपेड्स में 1.7% की गिरावट। निर्यात 4,32,000 यूनिट्स, +13.2%।
तीन-पहिया वाहन: घरेलू बिक्री 75,759 यूनिट्स, 8.3% की बढ़ोतरी और अगस्त का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा। पैसेंजर कैरियर्स में 8.8% और गुड्स कैरियर्स में 15.6% की वृद्धि। ई-कार्ट्स में 362.9% का जोरदार उछाल, जबकि ई-रिक्शा में 49.4% की गिरावट। निर्यात 42,765 यूनिट्स, +48%।
क्वाड्रिसाइकिल्स: कोई बिक्री नहीं दर्ज।

सेगमेंटघरेलू बिक्री (अगस्त 2025)YoY बदलाव (%)निर्यात (अगस्त 2025)YoY बदलाव (%)
पैसेंजर वाहन3,21,840-8.882,246+24
दो-पहिया18,34,000+7.14,32,000+13.2
तीन-पहिया75,759+8.342,765+48
कुल22,51,9495,57,000+28.5

आगे की राह: त्योहारी सीजन और जीएसटी कटौती से उम्मीदें

SIAM के आंकड़े बताते हैं कि इंडस्ट्री में चुनौतियां हैं, लेकिन निर्यात की मजबूती और त्योहारी सीजन की शुरुआत से रिकवरी की संभावना है। जीएसटी दरों में हालिया कटौती (पेट्रोल/डीजल कारों पर 18-40%, EVs पर 5%) से ग्राहक आकर्षित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मांग में सुधार हुआ तो साल के अंत तक इंडस्ट्री 5% की वृद्धि हासिल कर सकती है।