इंडियन लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई क्रांति : ट्रेन से कश्मीर पहुंचीं Maruti Suzuki की 100+ कारें

नई दिल्ली: इंडियन ऑटो और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में Maruti Suzuki India Limited पहली इंडियन कार निर्माता कंपनी बन गई है, जिसने अपनी गाड़ियां रेलवे से सीधे सीधे कश्मीर घाटी तक भेजीं। इस शिपमेंट में Brezza, Dzire, WagonR और S-Presso जैसी 100 से ज्यादा कारें शामिल थीं। ये गाड़ियां नए खुले अनंतनाग रेलवे टर्मिनल तक पहुँचीं। अब गाड़ियां सड़क के बजाय रेलवे के जरिए तेजी और सुरक्षित तरीके से घाटी में पहुँचेंगी।

Maruti Suzuki की कारों की पहली शिपमेंट Manesar, हरियाणा से शुरू हुई। ट्रेन ने अपनी यात्रा में Chenab नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज को पार किया। कुल यात्रा लगभग 850 किलोमीटर की थी, और यह कारें सीधे कश्मीर वैली पहुँचीं। सुरक्षित और लंबी दूरी तय करके गाड़ियां कश्मीर घाटी तक रेलवे के जरिए डिलीवर की गईं, जो लॉजिस्टिक्स में एक नया कीर्तिमान है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह कदम कश्मीर के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। पहले घाटी के सेब और अन्य सामान इसी रेल लिंक से भेजे जाते थे। अब Maruti Suzuki की कारें भी रेलवे के जरिए सीधे कश्मीर पहुँचेंगी। रेलवे लिंक अब सिर्फ सामान नहीं, बल्कि कारों जैसी बड़ी वस्तुएँ भी पहुंचाने में मदद कर रहा है, जिससे क्षेत्र की जीवनशैली और कारोबार दोनों बेहतर होंगे।

Maruti Suzuki के CEO Hisashi Takeuchi का कहना है कि रेलवे से गाड़ियाँ भेजना कंपनी की लॉजिस्टिक्स रणनीति का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। Chenab ब्रिज जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से कारें अब कश्मीर घाटी के ग्राहकों तक तेज़ और सुरक्षित तरीके से पहुँचेंगी।

Maruti Suzuki ने इंडिया में ग्रीन लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देते हुए रेलवे के इस्तेमाल को रोड ट्रांसपोर्ट का हरित विकल्प बनाया है। 2013 में यह पहली भारतीय ऑटोमेकर बनी जिसने AFTO (Automobile Freight Train Operator) लाइसेंस प्राप्त किया। FY2014-15 से अब तक कंपनी ने 2.6 मिलियन से अधिक गाड़ियां भारतीय रेलवे के जरिए भेजी, जिससे सड़क जाम कम और कार्बन उत्सर्जन घटा। यह उपलब्धि न सिर्फ Maruti Suzuki के लिए, बल्कि भारतीय रेलवे के लिए भी एक मील का पत्थर है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा दे रही है।