2026 में ऑटो मार्केट भरेगा नई उड़ान, GST कट से बिक्री में आएगा उछाल : Axis Securities

नई दिल्ली: इंडिया का ऑटोमोबाइल सेक्टर 2026 में नई रफ्तार, नया जोश और नई उम्मीदों के साथ दौड़ने को तैयार है। Axis Securities की रिपोर्ट साफ इशारा करती है कि टैक्स में राहत, कीमतों में कटौती और मांग की वापसी मिलकर आने वाले साल को ऑटो इंडस्ट्री के लिए सुपरहिट बना सकते हैं। दोपहिया से लेकर ट्रैक्टर तक, लगभग हर सेगमेंट में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, GST दरों में संभावित कटौती और इनकम टैक्स में राहत आम आदमी की जेब को राहत देगी, जिससे गाड़ियों की खरीद आसान होगी कार, बाइक या ट्रैक्टर जैसी बड़ी खरीद “टालने वाली चीज़” नहीं रहेगी, बल्कि प्लान की हुई जरूरत बन जाएगी। Axis Securities को भरोसा है कि 2026 में ऑटो सेक्टर की रफ्तार बनी रहेगी। सरकार की नीतियां, खर्च करन की ताकत, ग्रामीण इलाकों से बढ़ती मांग से गाड़ियों की कीमतें धीरे-धीरे जेब के दायरे में आती दिख रही हैं। इन तीनों के मिलते ही ऑटो इंडस्ट्री को वही ताकत मिलेगी, जो किसी इंजन को तेज़ दौड़ाने के लिए ईंधन देता है और इसी भरोसे पर ब्रोकरेज हाउस ने पूरे सेक्टर के लिए पॉजिटिव नजरिया बनाए रखा है।

दोपहिया और तीनपहिया वाहन अब ऑटो इंडस्ट्री के सबसे भरोसेमंद “ग्रोथ इंजन” बन चुके हैं। दोपहिया वाहनों में 10% की सालाना बढ़त दिखा रही है कि ग्राहक फिर से स्कूटर और बाइक खरीदने लगे हैं। एक्सपोर्ट की अच्छी मांग ने कंपनियों के भरोसे को और मजबूत किया। तीनपहिया वाहनों की 49% ग्रोथ और दिसंबर में 80% उछाल यह साफ दिखाता है कि शहरी और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट में इनकी मांग रिकॉर्ड स्तर पर है।

पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भी स्थिर ग्रोथ जारी है। अप्रैल-दिसंबर 2026 के दौरान बिक्री करीब 6% बढ़ी। कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट ने 9% की सालाना ग्रोथ दिखाई है। ट्रैक्टर सेगमेंट ग्रामीण भारत की मजबूती की कहानी कह रहा है। बेहतर मानसून, भरे हुए जलाशय और अच्छी फसल के चलते ट्रैक्टर बिक्री में 21% की तेज बढ़त दर्ज की गई है।

Axis Securities की रिपोर्ट यही कहती है कि अगर सरकार की मदद (नीतियां और टैक्स में राहत) बनी रही, और गांव-शहर दोनों जगह लोग गाड़ियां खरीदने लगे, तो 2026 ऑटो इंडस्ट्री के लिए बहुत अच्छा साल साबित होगा। गाड़ी बनाने वाली कंपनियों की बिक्री बढ़ेगी, लोग आसानी से गाड़ी खरीद पाएंगे, और पूरे बाजार में बढ़त बनी रहेगी। इसे ही Axis Securities ने “ग्रोथ का गोल्डन ईयर” कहा है।