नई दिल्ली: इंडिया का ऑटोमोबाइल मार्केट साल 2026 में बड़े बदलाव के दौर से गुजरने वाला है। देश की प्रमुख कार कंपनियां जैसे Maruti Suzuki, Tata Motors और Mahindra & Mahindra (M&M) इस साल 31 नई गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में हैं। यह पिछले पांच सालों में सबसे बड़ा लॉन्च प्लान है। बीते साल 2025 में 19 नई गाड़ियां आई थीं, जबकि 2021 से हर साल औसतन 10-11 मॉडल ही लॉन्च होते रहे थे।
इस साल लॉन्च होने वाली गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक कारों की बड़ी भूमिका होगी। रेनो जल्द ही नई जनरेशन डस्टर पेश करने वाली है, जबकि मारुति सुजुकी अगले महीने अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV ई-विटारा लॉन्च करेगी। टाटा मोटर्स भी सिएरा EV समेत दो नई इलेक्ट्रिक कारें बाजार में उतारने की तैयारी में है। इसके अलावा वियतनाम की कंपनी विनफास्ट तीन नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करेगी, जिनमें एक 7-सीटर इलेक्ट्रिक MPV भी शामिल होगी। चीन की कंपनी लीपमोटर भी सिट्रॉएन के साथ मिलकर भारत में दो नए मॉडल लाने वाली है। टोयोटा भी एक नई इलेक्ट्रिक SUV लॉन्च करने की योजना बना रही है।
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही इस साल लॉन्च की भरमार हो, लेकिन बिक्री में बहुत बड़ी तेजी आने की उम्मीद नहीं है। ज्यादातर नए मॉडल पुराने गाड़ियों के फेसलिफ्ट या अपडेटेड वर्जन होंगे, जिससे कंपनियां अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने की कोशिश करेंगी। SUV सेगमेंट की मांग सबसे ज्यादा बनी रहेगी, खासकर मिड-साइज और प्रीमियम SUV की। हालांकि, इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा भी बहुत तेज होगी। छोटे और सस्ती हैचबैक कारों की मांग फिलहाल कमजोर रहने की संभावना है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की लॉन्चिग तो ज्यादा होगी, लेकिन बिक्री का हिस्सा अभी कम ही रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में सिंगल डिजिट यानी 10% से कम ही रहेगी और ज्यादातर मांग बड़े शहरों और प्रीमियम ग्राहकों से आएगी।
पिछले साल कार बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। 2025 में कुल 4.49 मिलियन पैसेंजर वाहन बिके, जो एक नया रिकॉर्ड है। SUV की हिस्सेदारी करीब 56% रही। GST में कटौती, टैक्स राहत और ब्याज दरों में कमी से बाजार को बड़ा सहारा मिला है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि यह सकारात्मक माहौल 2026 में भी जारी रहेगा और ऑटो सेक्टर की रफ्तार बनी रहेगी।
