नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited (MSIL) ने FY 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही न केवल वित्तीय रूप से रिकॉर्ड तोड़ने वाली रही, बल्कि बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिहाज से भी ऐतिहासिक साबित हुई है।
Q3 में किसका रहा दबदबा? यह बनी नंबर-1 कार
सेल्स डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि दिसंबर 2025 में मारुति की Baleno सबसे अधिक बिकने वाली गाड़ी रही, जिसकी 22,108 यूनिट्स बिकीं।
Baleno: दिसंबर में कंपनी की टॉप-सेलर रही।
Dzire: दिसंबर में तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद, पूरे कैलेंडर वर्ष 2025 में 2,14,488 यूनिट्स की बिक्री के साथ यह देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बनी।
Fronx: 20,706 यूनिट्स के साथ दिसंबर में दूसरे स्थान पर रही और सालाना आधार पर 93% की भारी वृद्धि दर्ज की।
कंपनी का ‘फोकस’ कहाँ है
डेटा और बाजार के रुझान बताते हैं कि मारुति सुजुकी अब दो प्रमुख मोर्चों पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
प्रीमियम और SUV सेगमेंट: कंपनी का पूरा ध्यान अब ब्रेजा, फ्रोंक्स और ग्रैंड विटारा जैसे मॉडलों के जरिए SUV सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर है। इसके अलावा, कंपनी जल्द ही ‘विक्टोरिस’ (Victoris) नाम से एक नई मिड-साइज SUV लॉन्च करने की तैयारी में है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की ओर कदम: मारुति ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV, e-Vitara का निर्यात यूरोप के लिए शुरू कर दिया है और इसे जल्द ही भारतीय बाजार में पेश करने की योजना है।
छोटे कारों का पुनरुद्धार: इस तिमाही में कंपनी की मिनी और कॉम्पैक्ट कारों (जैसे ऑल्टो K10 और एस-प्रेसो) की मांग में भी करीब 100% की वृद्धि देखी गई है, जो दर्शाता है कि बजट सेगमेंट अभी भी कंपनी के लिए मजबूत स्तंभ है।
वित्तीय सेहत: रेवेन्यू और मुनाफे में भारी उछाल
Maruti Suzuki ने इस तिमाही में जबरदस्त वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी का कुल परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) 49,891.5 करोड़ रुपये रहा। अगर मुनाफे की बात करें, तो स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने 3,794 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है।
कंपनी के बोर्ड ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए Suzuki Motor Gujrat Private Limited (SMG) के कंपनी के साथ विलय (Merger) को प्रभावी कर दिया है, जो 1 दिसंबर, 2025 से लागू हो गया है। हालांकि, नए श्रम कोड (Labour Codes) के प्रावधानों के कारण कंपनी पर 593.9 करोड़ रुपये का एकमुश्त अतिरिक्त भार भी पड़ा है।
निष्कर्ष
Maruti Suzuki न केवल अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो को SUV और EV की ओर तेजी से मोड़ रही है। सुजुकी मोटर गुजरात के विलय के साथ, कंपनी अपनी निर्माण क्षमताओं को एक छत के नीचे लाकर और भी अधिक कुशल बनने की दिशा में अग्रसर है।
