चेन्नई: Yamaha Motor India ने इंडिया में अपने कारोबार को मजबूत बनाने के लिए बड़ा रणनीतिक बदलाव करने का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि इस कदम से उसकी कॉर्पोरेट संरचना मजबूत होगी, कामकाज आसान होगा और भविष्य में नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
Yamaha इंडिया में चार अलग-अलग कंपनियों के जरिए काम करती है—India Yamaha Motor (IYM), Yamaha Motor India Sales (YMIS), Yamaha Motor Research & Development India (YMRI) और Yamaha Motor India (YMI)। अब कंपनी इस सिस्टम को सरल बनाने जा रही है और चार की जगह सिर्फ दो प्रमुख इकाइयों में ढांचा बदलेगी।
नई व्यवस्था के तहत YMIS और YMI को मिलाकर IYM में शामिल कर दिया जाएगा। इससे बिक्री, मार्केटिंग, फाइनेंस, कॉर्पोरेट काम और मैन्युफैक्चरिंग यानी फैक्ट्री से जुड़ी सभी गतिविधियां एक ही यूनिट के तहत आ जाएंगी। वहीं YMRI पहले की तरह अलग और स्वतंत्र आरएंडडी यूनिट के रूप में काम करती रहेगी, जो नई तकनीक और भविष्य के मोबिलिटी सॉल्यूशंस विकसित करेगी। कंपनी का कहना है कि इस बदलाव से कामकाज आसान होगा, दोहराव खत्म होगा और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। इससे Yamaha को बाजार की जरूरतों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने और नए प्रोडक्ट जल्दी लॉन्च करने में मदद मिलेगी।
Yamaha Motor India Group के चेयरमैन हाजीमे आओता अब IYM के मैनेजिंग डायरेक्टर भी होंगे। उन्होंने कहा कि यह बदलाव कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है और इससे भारत में Yamaha की मौजूदगी और मजबूत होगी। वहीं इनागाकी जुनपेई YMRI के मैनेजिंग डायरेक्टर बने रहेंगे और नई टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग इनोवेशन की कमान संभालेंगे। कंपनी ने साफ किया है कि इस बदलाव का ग्राहकों, पार्टनर्स और कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी सेवाएं और सपोर्ट पहले की तरह जारी रहेंगे।
Yamaha का मानना है कि नई संरचना से कंपनी की ग्रोथ तेज होगी, इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा और भारत में दोपहिया बाजार में उसकी पकड़ और मजबूत होगी। हालांकि, इस बदलाव के लिए जरूरी नियामक मंजूरी ली जाएगी। Yamaha भारत को अपनी ग्लोबल रणनीति का अहम हिस्सा मानते हुए भविष्य की मोबिलिटी और टेक्नोलॉजी रेस के लिए खुद को तैयार कर रही है।
