नई दिल्ली: VE Commercial Vehicles (VECV) के MD और CEO विनोद अग्रवाल ने Union Budget 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे इंडिया की विकास यात्रा और Viksit Bharat के विज़न को साकार करने वाला एक संतुलित रोडमैप बताया है। उनके अनुसार, यह बजट ऑटोमोटिव और विशेष रूप से कमर्शियल वाहन उद्योग की नींव को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विनोद अग्रवाल के बयान के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च और CV सेक्टर में तेज़ी
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹12.2 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं। श्री अग्रवाल के अनुसार, पूंजीगत व्यय (Capex) पर यह निरंतर ध्यान ट्रकों, बसों और लॉजिस्टिक्स संपत्तियों की मांग को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ये क्षेत्र देश की आर्थिक गतिविधियों का आधार हैं और इस निवेश से कमर्शियल वाहनों के बाज़ार को नई गति मिलेगी।
Rare Earth Mineral Corridor: एक रणनीतिक कदम
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में Rare Earth Mineral Corridor विकसित करने की योजना को उन्होंने गेम-चेंजर बताया है।
यह पहल इलेक्ट्रिक मोटर्स और एडवांस्ड कंपोनेंट्स के लिए आवश्यक सामग्री सुरक्षित करने में मदद करेगी।
इससे विदेशों से होने वाले आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू Value Chain मज़बूत होगी।
Clean Mobility और लागत में कमी
क्लीन मोबिलिटी के मोर्चे पर, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए Capital Goods पर ड्यूटी छूट जारी रखने के फैसले का स्वागत किया गया है।
स्थानीय प्रोसेसिंग के लिए प्रोत्साहन EV अपनाने की प्रक्रिया को तेज़ करेंगे।
इससे एक लागत-कुशल बैटरी इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी, जो Total Cost of Ownership (TCO) को बेहतर बनाने और कमर्शियल वाहनों की व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
निष्कर्ष: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में संतुलित कदम
श्री अग्रवाल ने बजट का सारांश देते हुए कहा, “कुल मिलाकर, यह बजट उद्योग के तात्कालिक विश्वास और लंबी अवधि की क्षमता निर्माण के बीच सही संतुलन बनाता है। यह भारत को एक लचीले, आत्मनिर्भर और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी Manufacturing Hub के रूप में मज़बूत करता है।”
