नई दिल्ली: Tata Motors की बहुप्रतीक्षित SUV Tata Sierra ने ने लॉन्चिंग के कुछ ही समय में 1 लाख से ज्यादा बुकिंग का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसके बाद कंपनी ने अब मांग बढ़ाने की जगह प्रॉडक्शन उत्पादन बढ़ाने पर पूरा फोकस कर दिया है। नई SUV की बुकिंग शुरू होते ही आंकड़े तेजी से बढ़ते चले गए। अब तक सिएरा के लिए 1 लाख से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि बाजार में इसकी मांग बेहद मजबूत है।
Tata Motors Passenger Vehicles के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा ने बताया कि सिएरा को पहले ही दिन करीब 70,000 बुकिंग मिल गई थीं और उसके बाद ऑर्डर लगातार आते रहे। उन्होंने साफ कहा कि अब असली चुनौती है इतनी बड़ी मांग को समय पर कैसे पूरा किया जाए।
हालांकि, उत्पादन बढ़ाना Tata के लिए आसान नहीं है। Sierra अभी फेज्ड रैम्प-अप के दौर से गुजर रही है। देशभर में सप्लायर लेवल पर दबाव बना हुआ है, खासकर कास्टिंग्स और कुछ पावरट्रेन पार्ट्स की उपलब्धता में दिक्कत आ रही है। इसी वजह से कंपनी धीरे-धीरे, महीने-दर-महीने प्रोडक्शन बढ़ा रही है और सप्लायर्स के साथ मिलकर अतिरिक्त क्षमता तैयार करने पर काम कर रही है।
Tata Motors की Sierra और Nexon दोनों एक ही फैक्ट्री में बनती हैं। Nexon पहले से ही बहुत ज़्यादा बिकने वाली SUV है, इसलिए फैक्ट्री की ज्यादातर क्षमता उसी में लगती है। अब जब सिएरा की मांग भी अचानक बहुत बढ़ गई है, तो कंपनी के सामने चुनौती है कि दोनों गाड़ियों को बिना किसी को नुकसान पहुंचाए सही मात्रा में कैसे बनाया जाए। अगर Sierra ज़्यादा बनाई जाएगी तो Nexon की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
अगर Nexon पर ज़्यादा फोकस रहा तो Sierra की डिलीवरी में देरी होगी। इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए टाटा मोटर्स फैक्ट्री के काम करने के तरीके को बेहतर बना रही है। मशीनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। शिफ्ट्स को बेहतर तरीके से प्लान किया जा रहा है। पार्ट्स सप्लाई करने वाले वेंडर्स में भी निवेश किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2026 तक सिएरा का उत्पादन 15,000 यूनिट प्रति माह तक पहुंचाने का है। अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो सालाना आधार पर सिएरा की बिक्री 1.5 लाख यूनिट से ज्यादा हो सकती है।
