JBM Auto बना इंडिया का ई-बस किंग, हर चौथी इलेक्ट्रिक बस पर JBM का नाम

नई दिल्ली: JBM Auto Limited ने इंडिया के इलेक्ट्रिक बस बाजार में जबरदस्त दबदबा कायम करते हुए FY26 में 24% मार्केट शेयर के साथ नंबर-1 पोजीशन हासिल कर ली है। एयरपोर्ट पर चलने वाली बसों में कंपनी की लगभग 79% हिस्सेदारी है। इस सेगमेंट में लगभग हर 10 में से 7-8 बसें JBM की हैं। इंटरसिटी लग्जरी कोच (शहरों के बीच चलने वाली प्रीमियम बसें) में 50% से ज्यादा हिस्सा है। आधे से ज्यादा बाजार पर इसका कब्जा है।

FY26 में कंपनी की कुल 1,282 इलेक्ट्रिक बसें देश के अलग-अलग राज्यों तेलंगाना, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और असम में रजिस्टर हुईं। JBM Auto की पकड़ न सिर्फ सिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट बल्कि प्राइवेट और लग्जरी ट्रांसपोर्ट सेगमेंट में भी मजबूत हुई है। कंपनी का स्वदेशी और आत्मनिर्भर ई-मोबिलिटी प्लेटफॉर्म उसे सरकारों, कॉरपोरेट्स और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स के बीच एक भरोसेमंद पार्टनर बनाता है।

कंपनी ने खास सेगमेंट्स में भी अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। इलेक्ट्रिक टारमैक बसों में 79% हिस्सेदारी और इंटरसिटी लग्जरी कोच में 50% से ज्यादा शेयर के साथ JBM Auto इस स्पेस में लगभग एकतरफा बढ़त बनाए हुए है। इसके साथ ही कंपनी के पास 10,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय में इसकी ग्रोथ को और तेज करेगा।

कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में बस सेगमेंट में करीब 60% EV पैठ (penetration) हासिल करने में अहम भूमिका निभाना है। कंपनी के वाइस चेयरमैन और MD Nishant Arya ने कहा कि FY26 उनके लिए ट्रांसफॉर्मेशन का साल रहा है। उन्होंने बताया कि JBM Auto इंडिया को कार्बन-न्यूट्रल बनाने के विजन में अहम योगदान दे रही है और कंपनी की यह लीडरशिप उसकी तकनीकी मजबूती और ऑपरेशनल एक्सीलेंस को साबित करती है।

उन्होंने आगे कहा कि टारमैक, लग्जरी कोच और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे अलग-अलग सेगमेंट्स में लीडरशिप हासिल कर कंपनी ने दिखा दिया है कि उसका इंटीग्रेटेड EV प्लेटफॉर्म हर तरह के उपयोग और परिस्थितियों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प है। JBM Auto के पास चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक बस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 20,000 बसों तक है। कंपनी सिटी बस, इंटरसिटी, स्कूल, स्टाफ, लग्जरी कोच और स्पेशल पर्पस व्हीकल्स समेत पूरी e-bus रेंज ऑफर करती है।

कंपनी ने यह भी लक्ष्य रखा है कि आने वाले कुछ सालों में उसकी इलेक्ट्रिक बसें दुनियाभर में 3 बिलियन (300 करोड़) किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करेंगी—जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।