यूरोप में इलेक्ट्रिक कारों का धमाका : पेट्रोल कारों से आगे निकली EV, बिक्री 51% बढ़ी

नई दिल्ली: यूरोपियन यूनियन (EU) में ऑटोमोबाइल इतिहास का एक बड़ा मोड़ आ गया है। दिसंबर 2025 में पहली बार इलेक्ट्रिक कारों (EV) की बिक्री पेट्रोल कारों से ज्यादा हो गई। यह जानकारी यूरोपियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स असोसिएशन (ACEA) की नई रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2025 में EU में करीब 2,17,898 बैटरी इलेक्ट्रिक कारें रजिस्टर हुईं, जो पिछले साल के मुकाबले 51% ज्यादा हैं। पेट्रोल कारों की बिक्री घटकर 2,16,492 यूनिट रह गई, जो सालाना आधार पर करीब 19% की गिरावट दर्शाती है।

2025 में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 17.4% हो गई, जो 2024 में 13.6% थी। सबसे ज्यादा EV बिक्री जर्मनी, नीदरलैंड्स, बेल्जियम और फ्रांस में हुई, जो कुल EV रजिस्ट्रेशन का करीब 62% हिस्सा रहे। पेट्रोल कारें अब भी बड़ी संख्या में बिक रही हैं, लेकिन उनकी हिस्सेदारी लगातार घट रही है। 2025 में पेट्रोल कारों की कुल बिक्री करीब 28.8 लाख यूनिट रही, और बाजार हिस्सेदारी घटकर 26.6% रह गई।

हाइब्रिड कारें पेट्रोल या डीजल से चलती हैं और छोटी बैटरी होती है अभी भी EU में सबसे ज्यादा बिकने वाला सेगमेंट हैं। इनकी बिक्री में 5.8% की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन प्लग-इन हाइब्रिड और पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री इससे कहीं तेज गति से बढ़ रही है। EU सरकारें भी साफ-सुथरी गाड़ियों को बढ़ावा देने की नीति बना रही हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार 2035 तक कारों से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन में 90% कटौती का लक्ष्य रखा गया है। इससे पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर दबाव बढ़ेगा, हालांकि हाइब्रिड और कुछ पारंपरिक इंजन गाड़ियों को भी आगे चलकर जगह मिल सकती है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि Volkswagen EU में सबसे बड़ी कार कंपनी बनी हुई है, जबकि Tesla की हिस्सेदारी घट गई है। वहीं, चीन की BYD कंपनी ने अपनी बाजार हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाई है। यह आंकड़े बताते हैं कि यूरोप तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर बढ़ रहा है और आने वाले सालों में पेट्रोल कारों का दौर धीरे-धीरे कम होता जा सकता है।