नई दिल्ली: FADA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इंडिया का ऑटो रिटेल सेक्टर वित्त वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है। इस दौरान देशभर में कुल 2,96,71,064 वाहनों की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 13.30% की मजबूत बढ़त है। खास बात यह है कि यह आंकड़ा अब 3 करोड़ यूनिट्स के बड़े माइलस्टोन के बेहद करीब पहुंच चुका है, जो ऑटो इंडस्ट्री में बढ़ती मांग और मजबूत होती अर्थव्यवस्था का संकेत देता है।
सेगमेंट के हिसाब से टू-व्हीलर की बिक्री 2.14 करोड़ यूनिट्स के साथ 13.40% बढ़ी, जो आम लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। कारों की बिक्री 47 लाख यूनिट्स रही और इसमें 13% की बढ़त दर्ज हुई। सबसे ज्यादा उछाल ट्रैक्टर सेगमेंट में देखने को मिला, जो 18.95% बढ़कर 10.5 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। कमर्शियल व्हीकल 11.74% बढ़कर 10.6 लाख यूनिट्स हो गए, जबकि थ्री-व्हीलर भी 11.68% की बढ़त के साथ 13.6 लाख यूनिट्स तक पहुंच गए। हालांकि कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में 11.70% की गिरावट देखने को मिली।
FADA के अनुसार FY’26 दो हिस्सों में बंटा रहा। अप्रैल से अगस्त तक बिक्री धीमी रही क्योंकि GST 2.0 को लेकर अनिश्चितता थी। लेकिन सितंबर के बाद जैसे ही कीमतें स्पष्ट हुईं और गाड़ियां ज्यादा अफोर्डेबल हुईं, बाजार में तेजी आ गई। इसका असर यह हुआ कि 6 में से 5 वाहन कैटेगरी ने अपने अब तक के सबसे ज्यादा सालाना रिकॉर्ड बनाए।
मार्च 2026 पूरे साल का सबसे शानदार महीना साबित हुआ। इस दौरान 26.9 लाख वाहनों की बिक्री हुई, जो साल-दर-साल 25% से ज्यादा की बढ़त है। इस महीने ग्रामीण बाजार ने शहरी बाजार को पीछे छोड़ दिया। गांवों में बिक्री 26.49% बढ़ी, जबकि शहरों में यह 23.82% रही। यह साफ दिखाता है कि इस समय मांग का असली इंजन ग्रामीण इंडिया बन रहा है।
फ्यूल ट्रेंड में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। थ्री-व्हीलर में EV की हिस्सेदारी 60.95% तक पहुंच गई है, जबकि पैसेंजर व्हीकल में CNG और EV दोनों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। टू-व्हीलर और CV सेगमेंट में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की पकड़ मजबूत हो रही है।कुल मिलाकर FADA का मानना है कि ऑटो सेक्टर का भविष्य मजबूत है, लेकिन फिलहाल चुनौतियों को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
