नई दिल्ली: फेस्टिवल सीजन की शुरुआत होते ही भारत में गाड़ियों की बिक्री ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली। नवरात्र में तो चाहे कार हो या बाइक-स्कूटर, हर सेगमेंट की गाड़ियों की बिक्री में जबरदस्त तेजी देखी गई। इस साल की नवरात्र ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक रही और पिछले साल के मुकाबले कुल बिक्री में 34.01 फीसदी का जबरदस्त उछाल आया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने बीते सितंबर महीने में खास तौर पर नवरात्रि की सेल्स रिपोर्ट के आंकड़े जारी कर दिए हैं। 22 सितंबर से GST 2.0 और त्योहारी माहौल ने ऑटो बिक्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
कारों और एसयूवी की बिक्री नवरात्रि में जबरदस्त तेजी दिखी। इस बार ग्राहकों ने छोटी कारों के साथ-साथ प्रीमियम और एसयूवी सेगमेंट में भी खूब खरीदारी की। नवरात्रि के दौरान पैसेंजर गाड़ियों में 2024 की नवरात्रि की तुलना में करीब 35 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी हुई। कई कंपनियों ने नवरात्रि के पहले दिन ही रेकॉर्ड डिलिवरी दर्ज की। FADA के अनुसार, सितंबर 2025 में ऑटो बिक्री में सालाना आधार पर 5.22% की वृद्धि हुई। दो-पहिया वाहनों की बिक्री में 36% की तेजी आई, जबकि यात्री वाहनों की बिक्री 34.8% बढ़ी। कमर्शियल वाहनों की बिक्री 3% बढ़ी और ट्रैक्टरों की बिक्री में भी 4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना 5.22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। टू-व्हीलर सेगमेंट में 36 फीसदी की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में 34.8 फीसदी की वृद्धि हुई। कमर्शियल वाहन सेगमेंट में भी तीन फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। 3-व्हीलर्स को शहरों में बढ़ती ट्रैफिक और मोबिलिटी की जरूरत ने 24.5% की बढ़त दिलाई।
पर्सनल व्हीकल्स (PV)की खरीद में 34.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कमर्शियल व्हीकल्स (CV) को वित्तीय योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की उम्मीद ने 14.8% की ग्रोथ दी। ट्रैक्टर की खरीद 18.7% बढ़ी, वहीं वहीं, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (CE) की खरीद में भारी बारिश के चलते कमी आई। यह –18% रहा। FADA का कहना है कि खरीफ की अच्छी फसल, मजबूत खरीद शक्ति और RBI की स्थिर दरें अक्टूबर में बिक्री को और बढ़ाएंगी। धनतेरस और दीपावली के दौरान वाहन बिक्री अपने पीक पर पहुंचने वाली है।
