नई दिल्ली: Honda Cars India (HCIL) ने घोषणा की है कि जनवरी 2026 से कंपनी की कारों की कीमतों में संशोधन किया जाएगा। यह फैसला ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप है, जहां कंपनियां कुछ समय तक बढ़ी हुई लागत को खुद वहन करने के बाद कीमतों में बदलाव करती हैं।
पिछले कुछ महीनों से वाहन निर्माण से जुड़ी लागत लगातार बढ़ रही है। इनमें कच्चे माल (शीट मेटल, प्लास्टिक आदि), इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के बढ़े हुए खर्चों के साथ ऊर्जा लागत, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट खर्च सप्लायर और वेंडर से जुड़े खर्च भी बढ़ रहे हैं। Honda ने इन बढ़ती लागतों का असर ग्राहकों तक न पहुंचे, इसके लिए लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखीं। लेकिन अब लगातार दबाव के कारण कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया है।
यह नई कीमतें जनवरी 2026 से बनने वाले नए मॉडल ईयर (Model Year) वाहनों पर लागू होंगी। जो कारें जनवरी 2026 से पहले बनी हैं, वे पुरानी कीमतों पर ही बिकेंगी। जब तक मौजूदा स्टॉक खत्म नहीं होता। इससे एक ही मॉडल की दो कारों की कीमत अलग-अलग हो सकती है, सिर्फ उनके प्रोडक्शन ईयर के आधार पर। डीलर आमतौर पर खरीद के समय ग्राहकों को यह जानकारी देते हैं। कीमत बढ़ने की घोषणा के बाद ग्राहक पुराने स्टॉक को ज्यादा वैल्यू फॉर मनी मानते हैं। शोरूम में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है।
पुराने स्टॉक में हर रंग और वेरिएंट उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं। खरीदारों को कभी-कभी पसंद का रंग छोड़ना पड़ सकता है। डीलर मांग और प्रोडक्शन शेड्यूल के हिसाब से स्टॉक मैनेज करते हैं। Honda ने साफ किया है कि इस कीमत बढ़ोतरी के साथ किसी भी मॉडल में फीचर या स्पेसिफिकेशन में बदलाव नहीं होगा। ग्राहक चाहें तो पुराने स्टॉक या नए मॉडल ईयर में से चुनाव कर सकते हैं।
