AI युग में IBM का बड़ा दांव: Sovereign Core से डेटा पर पूरा कंट्रोल

बेंगलुरु: जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है, वैसे-वैसे डिजिटल संप्रभुता की चुनौती भी गंभीर होती जा रही है। इसी जरूरत को समझते हुए IBM ने नया सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म IBM Sovereign Core लॉन्च किया है। यह इंडस्ट्री का पहला ऐसा AI-ready sovereign-enabled सॉफ्टवेयर है, जिसकी मदद से संगठन अपने डेटा, AI वर्कलोड और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूरा नियंत्रण रख सकते हैं। IBM Sovereign Core से कंपनी का डेटा, AI मॉडल और पूरा सिस्टम उसी कंपनी के हाथ में रहता है, उसी देश के कानूनों के तहत चलता है और हर एक्टिविटी का साफ-साफ रिकॉर्ड मिलता है।

IBM Sovereign Core कंपनियों को बिना जोखिम के AI चलाने की पूरी आज़ादी देता है । संगठन यह खुद तय कर सकते हैं कि उनका डेटा और AI सिस्टम किस देश या इलाके में चलेंगे। यह Red Hat के ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म पर बना है। कंपनियां किसी एक कंपनी या क्लाउड पर फंसकर नहीं रह जातीं।

IBM Sovereign Core कंपनियों को यह भरोसा देता है कि वे बिना डेटा खोने के डर, बिना कानून तोड़े और बिना किसी बाहरी कंपनी पर निर्भर हुए AI का फायदा उठा सकती हैं। लॉग-इन, पासवर्ड, एन्क्रिप्शन कीज़ और किसे एक्सेस मिले—इन सब पर पूरा अधिकार उसी कंपनी का रहता है। AI मॉडल और GPU सर्वर भी देश में ही चलते हैं, इसलिए संवेदनशील डेटा बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती और डेटा लीक का खतरा कम हो जाता है।

सिस्टम खुद-ब-खुद ऑडिट और कंप्लायंस की रिपोर्ट बनाता रहता है, जिससे अगर कभी सरकार या रेगुलेटर सवाल पूछे तो जवाब देना आसान हो जाता है। कंपनियों को पूरी आज़ादी मिलती है कि वे इसे अपने डेटा सेंटर, देश के अंदर मौजूद क्लाउड या लोकल IT सर्विस प्रोवाइडर के जरिए चलाएं। यूरोप में IBM ने Cegeka और Computacenter जैसी कंपनियों के साथ मिलकर यह दिखा दिया है कि यह समाधान लोकल लेवल पर भी आसानी से लागू किया जा सकता है।

फरवरी 2026 से इसका ट्रायल (टेक प्रीव्यू) शुरू होगा और 2026 के मध्य तक यह पूरी तरह बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। IBM Sovereign Core AI के जमाने में कंपनियों को सुरक्षा, नियमों का पालन और टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता—तीनों एक साथ देने वाला समाधान है।