बेंगलुरु: Ola Electric ने इंडियन EV उद्योग में नया इतिहास रच दिया है। कंपनी की पूरी तरह से स्वदेशी विकसित 4680 Bharat Cell बैटरी पैक (5.2 kWh) को ARAI (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया) से औपचारिक प्रमाणन मिल गया है। यह मंजूरी इंडियन गवर्नमेंट के नवीनतम AIS-156 Amendment 4 मानकों के तहत दी गई है। यह बैटरी सुरक्षा, प्रदर्शन और टिकाऊपन के हर कसौटी पर खरी उतरी है।
इस सर्टिफिकेट के साथ ही ओला इंडिया की पहली EV कंपनी बन गई है जिसे अपनी घर में बनाई गई बैटरी सेल के लिए मंजूरी मिली है। कंपनी जल्द ही अपनी 4680 Bharat Cell से चलने वाले वाहनों की डिलीवरी शुरू करेगी। इस नई बैटरी का पहला इस्तेमाल Ola S1 Pro+ (5.2 kWh) स्कूटर में किया जाएगा। जो ओला का पहला मॉडल होगा जो पूरी तरह अपनी सेल टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा।
ओला इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने कहा कि 4680 Bharat Cell बैटरी पैक को ARAI सर्टिफिकेशन मिलना भारत के EV टेक्नोलॉजी नेतृत्व की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब ग्राहक हमारे खुद के सेल्स से बने वाहनों का अनुभव कर पाएंगे, जिनमें बेहतर रेंज, परफॉर्मेंस और भरोसेमंद प्रदर्शन मिलेगा।अब तक ओला अपने स्कूटर और मोटरसाइकिलों में थर्ड-पार्टी कंपनियों के बैटरी सेल्स इस्तेमाल करती थी। 4680 Bharat Cell के साथ ओला ने वर्टिकल इंटीग्रेशन (यानि EV के हर अहम हिस्से को खुद बनाना) की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है। इससे कंपनी की रेंज और परफॉर्मेंस में सुधार, कॉस्ट घटने और ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
ARAI प्रमाणन के लिए इस 4680 बैटरी पैक ने दुनिया के सबसे कठिन सुरक्षा परीक्षण पास किए — जिनमें वॉटर इमर्शन, वाइब्रेशन ड्यूराबिलिटी और थर्मल शॉक रेजिस्टेंस शामिल हैं। इन टेस्ट्स से साबित हुआ कि ओला की नई बैटरी न सिर्फ पावरफुल है, बल्कि हर मौसम और परिस्थिति में सुरक्षित और टिकाऊ प्रदर्शन देने के लिए तैयार है। ओला की यह 4680 बैटरी पैक तमिलनाडु स्थित Ola Futurefactory में बनाई जाएगी, जबकि रिसर्च एंड डेवलपमेंट का काम कंपनी के बेंगलुरु स्थित Battery Innovation Centre (BIC) में होता है। कंपनी की टीम भारत, ब्रिटेन और अमेरिका में मिलकर नई बैटरी और EV टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। Ola S1 Pro+ (5.2 kWh) का पहला मॉडल लॉन्च होगा। विदेशी सेल्स पर निर्भरता खत्म। Made-in-India बैटरी से आत्मनिर्भरता की ओर। रेंज, परफॉर्मेंस और सुरक्षा — तीनों में बड़ा सुधार आया। भविष्य में Ola Gigafactory से बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा
