Maruti Suzuki ने जोड़े पांच स्टार्टअप, फैक्ट्रियों में आएगी स्मार्ट क्रांति

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited ने Maruti Suzuki Incubation Program (MSIP) के तहत पांच नए स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है। इन स्टार्टअप्स के साथ मिलकर मारुति सुजुकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी न्यू-एज टेक्नोलॉजी को अलग-अलग बिजनेस क्षेत्रों में लागू करेगी।

Maruti Suzuki स्टार्टअप्स के साथ मिलकर अपनी फैक्ट्रियों और बिजनेस सिस्टम को ज्यादा स्मार्ट, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना चाहती है। कंपनी का फोकस सिर्फ कार बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह चाहती है कि हर पार्ट ज्यादा सटीक बने, हर गाड़ी बेहतर क्वालिटी की हो, फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी ज्यादा सुरक्षित रहें, काम तेजी और कम लागत में हो और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिले। Maruti Suzuki ने AugurAI, Aatral, Zen Mobility, Indus Vision और Proxgy जैसे स्टार्टअप्स को चुना है।

ये स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और IoT जैसी नई तकनीकों के जरिए कंपनी की रोजमर्रा की चुनौतियों का समाधान देंगे। MSIP और IIM बेंगलुरु के NSRCEL के साथ मिलकर मारुति सुजुकी नई सोच और नए आइडियाज़ को जमीन पर उतार रही है, मारुति सुजुकी स्टार्टअप्स के साथ मिलकर ऐसी तकनीकें अपना रही है, जिससे फैक्ट्री में पार्ट्स ज्यादा सटीक बनें, खराबी की गुंजाइश कम हो, डिलीवरी सस्ती और पर्यावरण-अनुकूल बने और कर्मचारियों की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत हो। AugurAI और Aatral: AI के जरिए छोटे-से-छोटे डिफेक्ट भी पहले ही पकड़ लिए जाएंगे, ताकि कंपनी “ज़ीरो-डिफेक्ट” गाड़ियां बना सके।

Indus Vision: गाड़ी तैयार होने के बाद उसकी AI से जांच होगी, जिससे इंसानी गलती की संभावना कम होगी और क्वालिटी और बेहतर बनेगी।
Zen Mobility: स्पेयर पार्ट्स की डिलीवरी में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल होगा, जिससे खर्च घटेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
Proxgy: फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों को हादसे से पहले ही अलर्ट मिलेगा, जिससे दुर्घटनाएं रोकी जा सकेंगी।

Maruti Suzuki ने बीते 7 सालों में 6,400 से ज्यादा स्टार्टअप्स को परखा है, जिनमें से 220 से अधिक के साथ काम किया गया और 32 स्टार्टअप्स को बिजनेस पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है। कंपनी का कहना है कि स्टार्टअप्स के साथ यह साझेदारी भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर को और स्मार्ट, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।