Montra Electric बना इंडिया का पहला PM E-DRIVE सर्टिफाइड भारी ई-ट्रक

नई दिल्ली: Montra Electric ने देश का पहला ऐसा भारी-भरकम इलेक्ट्रिक ट्रक बनाया है, जिसे सरकार की नई PM E-DRIVE योजना का आधिकारिक सर्टिफिकेट मिला है। सरकार ने खुद मान लिया है कि यह ट्रक पूरी तरह मानकों पर खरा उतरता है।

कंपनी ने अपना पहला सर्टिफाइड इलेक्ट्रिक ट्रक Rhino 5538 EV देश की बड़ी सीमेंट कंपनी UltraTech को सौंप भी दिया है। अब भारत में बड़े ट्रक, जो पहले सिर्फ डीजल से चलते थे, उनके लिए इलेक्ट्रिक विकल्प भी पूरी तरह तैयार हो चुका है और कंपनियां इसे इस्तेमाल करना शुरू कर रही हैं।

सरकार की PM E-DRIVE योजना का मकसद है कि ट्रक, बस और बड़े कमर्शियल वाहन धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक बनें, ताकि डीजल-पेट्रोल से होने वाला धुआं और प्रदूषण कम हो। इस योजना के तहत जो कंपनी या ट्रक मालिक इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदेगा, उसे करीब 9.6 लाख रुपये तक की सरकारी मदद (सब्सिडी) मिलेगी। इससे इलेक्ट्रिक ट्रक की कीमत कम पड़ेगी और ट्रक मालिकों के लिए इसे खरीदना फायदेमंद हो जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स कंपनियां, खदान, फैक्ट्रियां, सीमेंट और स्टील कंपनियां तेजी से इलेक्ट्रिक ट्रकों पर शिफ्ट हो सकती हैं।

Rhino 5538 EV ट्रक खास तौर पर भारत के मुश्किल रास्तों और काम को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें बहुत बड़ी बैटरी लगी है, जिसकी ताकत करीब 380 हॉर्सपावर है। पावर में यह डीजल ट्रक से कम नहीं है। एक बार चार्ज करने पर यह लगभग 198 किलोमीटर तक चल सकता है। इसमें बैटरी स्वैपिंग का ऑप्शन भी है। अगर बैटरी खत्म हो जाए तो नई बैटरी कुछ ही मिनटों में बदलकर ट्रक को फिर से चलाया जा सकता है। इसलिए इसे बंदरगाह, खदान, सीमेंट फैक्ट्री, स्टील प्लांट और लंबी दूरी की माल ढुलाई जैसे भारी कामों के लिए तैयार किया गया है।

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारास्वामी ने कहा कि ऐसे इलेक्ट्रिक ट्रक भारत के नेट ज़ीरो लक्ष्य (यानि भविष्य में शून्य प्रदूषण) के लिए बहुत जरूरी हैं और PM E-DRIVE जैसी योजनाएं भारत को दुनिया में EV बनाने का बड़ा केंद्र बना सकती हैं। वहीं Montra Electric ने कहा कि भारी ट्रकों से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है, इसलिए इलेक्ट्रिक ट्रकों का आना देश के लिए बहुत जरूरी है और कंपनी इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभाएगी। भारत में अब सिर्फ छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियां नहीं, बल्कि बड़े ट्रक भी इलेक्ट्रिक बनने लगे हैं, जिससे भविष्य में ट्रांसपोर्ट सस्ता, साफ और पर्यावरण के लिए बेहतर होगा।