सितंबर 2025 में यात्री वाहन बिक्री ने छुआ नया शिखर, त्योहारी मांग और GST कटौती से मिली बड़ी उछाल

नई दिल्ली: सितंबर 2025 में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में कार बिक्री ने मजबूत रफ्तार पकड़ी है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल्स (कारों सहित) की बिक्री में 4.4% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां कुल 3,72,458 यूनिट्स की डिस्पैच हुईं, जो पिछले साल सितंबर के 3,56,752 यूनिट्स से अधिक है। यह बढ़ोतरी त्योहारों की शुरुआती मांग, GST 2.0 सुधारों और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर खरीद क्षमता के कारण हुई है।

SIAM के अनुसार, इस साल नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होने के कारण सितंबर के उत्तरार्ध में रिटेल एक्टिविटी में तेजी आई, जिसने उद्योग को सकारात्मक दिशा दी। हालांकि, उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों में बाढ़ से कुछ फसलों और लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ा, लेकिन कुल मिलाकर कृषि उत्पादन स्थिर रहा, जो आगे ग्रामीण मांग को सपोर्ट करेगा।

यह प्रदर्शन ऑटो सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है क्योंकि GST 2.0 सुधार, RBI की दरों में कटौती और इनकम टैक्स में राहत जैसे कदमों से उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। SIAM का मानना है कि यह गति त्योहारों और शादी के सीजन में जारी रहेगी, और वित्तीय वर्ष के बाकी हिस्से में सेक्टर सकारात्मक वृद्धि पर बंद होगा, हालांकि भू-राजनीतिक घटनाओं पर नजर बनी रहेगी।

सभी प्रकार के वाहनों की बिक्री का विस्तृत विश्लेषण

SIAM की रिपोर्ट में सितंबर 2025 के लिए विभिन्न श्रेणियों में वाहनों की थोक बिक्री (मैन्युफैक्चरर्स से डीलर्स तक डिस्पैच) का विवरण दिया गया है। नीचे एक टेबल में प्रमुख आंकड़े और सालाना तुलना दी गई है:

श्रेणीसितंबर 2025 (यूनिट्स)सितंबर 2024 (यूनिट्स)सालाना बदलाव (%)
पैसेंजर व्हीकल्स3,72,4583,56,752+4.4
दो-पहिया वाहन21,60,88920,25,993+6.7
तीन-पहिया वाहन84,07779,683+5.5
कमर्शियल व्हीकल्स(सितंबर विशिष्ट उपलब्ध नहीं; Q2 FY26 में 2,39,781 यूनिट्स, +8.3%)

पैसेंजर व्हीकल्स (PV): इस श्रेणी में कारें, यूटिलिटी व्हीकल्स (UV) और वैन शामिल हैं। सितंबर में कुल डिस्पैच 3,72,458 यूनिट्स रही, जो अब तक का सबसे ऊंचा सितंबर आंकड़ा है। हालांकि, UV सब-सेगमेंट में 2.1% की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह श्रेणी बाजार का दो-तिहाई हिस्सा रखती है। छोटी कारों (4 मीटर से कम लंबाई, पेट्रोल में 1,200 cc और डीजल में 1,500 cc इंजन वाली) पर GST घटकर 18% होने से नई खरीदारों का आकर्षण बढ़ा है। जुलाई-सितंबर तिमाही में PV की कुल बिक्री 10,39,200 यूनिट्स रही, जो पिछले साल से 1.5% कम है, लेकिन निर्यात में रिकॉर्ड 23% की बढ़ोतरी के साथ 2.42 लाख यूनिट्स पहुंची।

टू व्हीलर्स: यह सेगमेंट ग्रामीण मांग के दम पर सबसे मजबूत रहा। सितंबर में 21,60,889 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो 6.7% की बढ़ोतरी दर्शाती है। बेहतर मानसून और खरीफ फसल से ग्रामीण आय बढ़ी, जिसने किफायती विकल्पों को बढ़ावा दिया। तिमाही में कुल 55,62,077 यूनिट्स बिकीं, जो 7% ऊपर है, जिसमें स्कूटर्स में 12.4% और मोटरसाइकिल्स में 5% की वृद्धि शामिल है। निर्यात में भी रिकॉर्ड 25% की बढ़ोतरी देखी गई, जो 13 लाख यूनिट्स पर पहुंचा।

थ्री व्हीलर्स: इस श्रेणी में 5.5% की बढ़ोतरी के साथ 84,077 यूनिट्स की बिक्री हुई। पैसेंजर कैरियर सब-सेगमेंट और आसान फाइनेंसिंग ने इसे सपोर्ट किया। तिमाही में कुल 2,29,239 यूनिट्स बिकीं, जो 10% ऊपर है, और निर्यात 51% बढ़कर 1.23 लाख यूनिट्स पर पहुंचा, जो छह साल का उच्चतम स्तर है। इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों का हिस्सा कुल घरेलू वॉल्यूम का लगभग 11% रहा।

कमर्शियल व्हीकल्स (CV): सितंबर के लिए विशिष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन जुलाई-सितंबर तिमाही में CV की बिक्री 8.3% बढ़कर 2,39,781 यूनिट्स रही। यह वृद्धि फ्रेट डिमांड और शहरी लॉजिस्टिक्स की वजह से हुई। निर्यात में 22% की बढ़ोतरी के साथ 0.24 लाख यूनिट्स पहुंची। SIAM का मानना है कि GST सुधारों से CV सेगमेंट में लंबे समय तक मांग बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, सितंबर 2025 ऑटो उद्योग के लिए रिकॉर्ड-ब्रेकिंग महीना रहा, जहां सभी प्रमुख सेगमेंट में उच्चतम थोक बिक्री दर्ज की गई। SIAM अध्यक्ष शैलेश चंद्रा के अनुसार, GST 2.0 एक “लैंडमार्क रिफॉर्म” है, जो किफायत बढ़ाकर पूरे वैल्यू चेन को फायदा पहुंचाएगा। सेक्टर अब फेस्टिव सीजन की पीक मांग का इंतजार कर रहा है, जहां रिटेल बिक्री और भी मजबूत होने की उम्मीद है।