नई दिल्ली: Kia India ने अपने Certified Pre-Owned (CPO) कारों के कारोबार को और मजबूत किया है। कंपनी चाहती है कि जो लोग सेकेंड हैंड कार खरीदते हैं, उन्हें भी वही भरोसा और सुरक्षा मिले, जो नई कार खरीदते समय मिलता है। इसी के लिए KIA ने दो बड़े वारंटी अपग्रेड का ऐलान किया है, जिससे पुरानी कारों के खरीदार अब पहले से कहीं ज्यादा निश्चिंत होकर कार खरीद सकेंगे। Certified Pre-Owned (CPO) वह प्रोग्राम होता है जिसमें कंपनी पुरानी कारों को पूरी तरह जांचने-परखने के बाद “सर्टिफाइड” करती है। कार की हालत, सुरक्षा, इंजन, ब्रेक, इलेक्ट्रॉनिक्स, माइलेज और कई दर्जन पॉइंट्स चेक किए जाते हैं। केवल वही कारें CPO टैग पाती हैं जो सभी टेस्ट पास करती हैं।
KIA अब 7 साल तक पुरानी कारों को भी अपने CPO प्रोग्राम के तहत सर्टिफाई करेगी। पहले यह सीमा 5 साल थी। CPO Kia कारों पर मिलने वाली वारंटी बढ़ाकर अब 24 महीने या 40,000 किमी (जो भी पहले हो) कर दी गई है। KIA सिर्फ अपनी कारों पर ही नहीं, दूसरे ब्रांड की कारों के लिए भी अब वारंटी दे रही है। अगर कोई दूसरी कंपनी की कार kia के CPO शोरूम से खरीदी जाती है, तो उस पर 12 महीने या 15,000 किलोमीटर की वारंटी मिलेगी।
KIA का कहना है कि उसका Pre-Owned Car Certification Program ग्राहकों को किसी भी ब्रांड की पुरानी कार चुनने की आज़ादी देता है, लेकिन क्वॉलिटी और सुरक्षा के वही सख्त मानक बनाए रखता है, जिनके लिए KIA जानी जाती है। ब्रैंड चाहे कोई भी हो, गुणवत्ता का भरोसा KIA का ही मिलेगा। KIA इंडिया के सेल्स और मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अतुल सूद का कहना है कि ये नए वारंटी प्लान्स कंपनी की “customer-first” सोच को दिखाते हैं।
Pre-Owned Car Certification Program में KIA कार की बेहतर क्वॉलिटी सुनिश्चित करने के लिए अपने CPO प्रोग्राम में 175-प्वाइंट निरीक्षण करती है। गाड़ी का इंजन, ब्रेक, बॉडी, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर अंदरूनी फिटिंग तक सबकुछ बारीकी से चेक होता है। सिर्फ वही कारें बिक्री के लिए रखी जाती हैं जो हर टेस्ट में पास होती हैं। इससे ग्राहक निश्चिंत रहते हैं कि उन्हें एक भरोसेमंद, अच्छी तरह चेक की गई कार मिल रही है। आज की तारीख में KIA इंडिया देशभर में 114 Certified Pre-Owned आउटलेट्स चला रही है।
