फैक्ट्रियों से ड्रोन तक GPS के बिना सटीक लोकेशन, Ericsson की 5G सर्विस का धमाल


नई दिल्ली: दुनिया की दिग्गज टेलीकॉम टेक्नोलॉजी कंपनी Ericsson ने 5G Advanced Location Services लॉन्च करने की घोषणा की है, जो 2026 की पहली तिमाही से 5G Standalone नेटवर्क पर 10 सेंटीमीटर तक की सटीक आउटडोर और सब-मीटर इंडोर लोकेशन ट्रैकिंग देगी। अब लोकेशन जानने के लिए पारंपरिक GPS पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।

Ericsson की नई 5G तकनीक सीधे 5G नेटवर्क के जरिए ही किसी डिवाइस, वाहन या मशीन की सटीक स्थिति बता सकती है। इससे ज्यादा एक्यूरेसी मिलेगी, बैटरी कम खर्च होगी और सिस्टम उन जगहों पर ज्यादा भरोसेमंद होगा, जहां GPS ठीक से काम नहीं करता। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम बाहर खुले क्षेत्र में 10 सेंटीमीटर से भी कम और इमारतों के अंदर 1 मीटर से कम की सटीक लोकेशन ट्रैकिंग देने में सक्षम है।

Ericsson की 5G लोकेशन सर्विस सिर्फ मोबाइल फोन तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में मशीनों और रोबोट्स की ट्रैकिंग, गोदामों में सामान की निगरानी, शहरों में इमरजेंसी सेवाओं की लोकेशन, और ड्रोन या ऑटोनॉमस गाड़ियों की सटीक नेविगेशन के लिए किया जा सकेगा।

Ericsson ने इस लोकेशन सर्विस को सीधे 5G कोर नेटवर्क में ही इंटीग्रेट किया है। अब अलग से GPS या किसी अतिरिक्त ऐप और डिवाइस-साइड हार्डवेयर की जरूरत नहीं होगी। इससे न सिर्फ सटीकता बढ़ेगी बल्कि डिवाइस की बैटरी लाइफ भी बेहतर होगी। कंपनी का कहना है कि यह सॉल्यूशन उसके डुअल-मोड 5G Core पर आधारित है, जिससे इसे बड़े स्तर पर आसानी से लागू किया जा सकता है। इस तकनीक का मकसद टेलीकॉम कंपनियों को नई कमाई के मौके देना है। अब ऑपरेटर सिर्फ कॉल और डेटा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सटीक लोकेशन आधारित सेवाएं देकर मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, पब्लिक सेफ्टी, ऑटोमोबाइल, ड्रोन और एग्रीकल्चर जैसे सेक्टर में भी कदम रख सकेंगे।

Ericsson की हेड ऑफ कोर नेटवर्क्स, मोनिका जेथज़ोन ने कहा कि यह लॉन्च 5G Standalone नेटवर्क की असली क्षमता को सामने लाता है और ऑपरेटरों को अलग तरह की सेवाएं देने का मौका देता है। 5G अब सिर्फ तेज इंटरनेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बेहद सटीक और भरोसेमंद लोकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए कई उद्योगों की कार्यप्रणाली बदलने वाला है।

Ericsson ने IMC 2025 में दिखाया 5G का कमाल, डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ाए कदम

नई दिल्ली: इंडिया में डिजिटल क्रांति को रफ़्तार देने के अपने वादे को दोहराते हुए Ericsson ने India Mobile Congress 2025 (IMC) में 5G और AI से जुड़े कई शानदार इनोवेशन दिखाए। IMC में Ericsson के इमर्सिव बूथ में लाइव डेमो दिखाए गए, जो यह बताते हैं कि डिजिटलीकरण अब गांवों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं को भी बदल रहा है।

इंडिया अब दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते 5G बाजारों में शामिल है। देश में 360 मिलियन से ज़्यादा 5G यूज़र्स हैं और नेटवर्क 80% से अधिक आबादी तक पहुंच चुका है। Ericsson के साउथ-ईस्ट एशिया और इंडिया हेड अंद्रेस विसेंटे ने बताया कि भारत अब AI, क्लाउड और कनेक्टिविटी के नए युग में कदम रख चुका है। India Mobile Congress 2025 में इस बार कई ऐसे देसी इनोवेशन दिखे जो बतौर “Made-in-India टेक” वाकई कमाल के थे। इनमें ग्रेन ATM ‘Annapurti’ की झलक दिखाई दी। ये 5G-सक्षम स्मार्ट मशीन आधार कार्ड से पहचान कर सिर्फ 30 सेकंड में 25-30 किलो अनाज निकाल देती है। अभी ये सिस्टम शिलॉन्ग, वाराणसी, लखनऊ और भोपाल में चल रहा है।

स्मार्ट स्टेथोस्कोप ‘StethoECG’ ऐसे ही इनोवेशन की मिसाल है। IIT मद्रास और Ericsson का बना यह 5G वाला डिवाइस ECG और स्टेथोस्कोप दोनों का काम करता है। इससे डॉक्टर अब दूरदराज के मरीजों का दिल की जांच रियल टाइम में कर सकते हैं। रेलवे के लिए रोबोटिक इंस्पेक्शन सिस्टम का डेमो भी पेश किया गया। रेल कोच की जांच ‘रोबोटिक डॉग करेगा’, जो सेंसर और कैमरों से डिफेक्ट पहचानकर 5G नेटवर्क के ज़रिए लाइव डेटा भेजेगा। इससे रेलवे सेफ्टी और एफिशिएंसी दोनों बढ़ेंगी।

अब 8.4 मिलियन भारतीय घरों में 5G इंटरनेट FWA कनेक्शन है, जिनमें 40% गांवों के हैं। AR-आधारित ‘Train Ride to the Future’ के वर्चुअल डेमो में दिखाया गया कि भविष्य की ट्रेनें 5G नेटवर्क से चलेंगी, जहां यात्री बिना रुकावट इंटरनेट, वीडियो कॉल और काम जैसी सुविधाओं का मज़ा ले सकेंगे। Ericsson 2 जी से 5 जी तक भारत की टेलीकॉम यात्रा का हिस्सा 
अब कंपनी का लक्ष्य भारत के अगले डिजिटल दशक की बुनियाद AI, 5G और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी पर रखना है।

Ericsson ने IMC 2025 में दिखाया 5G और AI का डिजिटल दम

नई दिल्ली: इंडिया दुनिया के सबसे तेजी से 5G अपनाने वाले देशों में से एक बन गया है। इंडिया में 5G नेटवर्क के 360 मिलियन से ज्यादा यूज़र हैं। 5G नेटवर्क अब देश की 80% आबादी तक पहुँच चुका है। Ericsson प्रमुख कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर सुरक्षित और हाई-परफॉर्मेंस नेटवर्क दे रहा है। कंपनियां 5G का इस्तेमाल करके उत्पादकता बढ़ा सकती हैं और सस्टेनेबल तरीके से काम कर सकती हैं।

इंडिया अब दुनिया के सबसे तेजी से 5G अपनाने वाले देशों में से एक है। यहां 360 मिलियन से ज्यादा 5G सब्सक्राइबर्स हैं और नेटवर्क देश की 80% आबादी को कवर करता है। Ericsson प्रमुख कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर सुरक्षित और हाई-परफॉर्मेंस नेटवर्क देने और उद्यमों को 5G के जरिए उत्पादकता और सस्टेनेबिलिटी बढ़ाने में मदद कर रहा है।

IMC 2025 में Ericsson ने G-enabled Grain ATM “Annapurti” World Food Programme के साथ मिलकर बनाया । Aadhaar-आधारित बायोमेट्रिक्स से सिर्फ 30 सेकंड में 25-30 किलो अनाज वितरित करता है। Shillong, Varanasi, Gorakhpur, Lucknow और Bhopal में ग्रेन एटीएम है। अगले साल 23 नई मशीनें पूरे भारत में लगाई जाएंगी। यह मशीन त्वरित और सुरक्षित तरीके से सरकारी राशन योजनाओं में अनाज उपलब्ध कराती है, 5G कनेक्टिविटी वाला हैंडहेल्ड डिजिटल स्टेथोस्कोप में ECG सिस्टम एम्बेडेड है। यह IIT Madras और Ericsson रिसर्च का प्रोजेक्ट है। दूर-दराज़ इलाकों में हृदय की मॉनिटरिंग रियल-टाइम में संभव बनाता है। डॉक्टर दूर बैठकर भी मरीज की दिल की जांच कर सकते हैं, और स्वास्थ्य सेवाएँ ज्यादा जगहों तक पहुँचती हैं।

रोबोटिक डॉग में सेंसर और HD कैमरा लगा है, जो रेलकार की स्वचालित जांच करता है। प्राइवेट 5G नेटवर्क के जरिए AI-ड्रिवन डिफेक्ट डिटेक्शन करता है। इंसानों की जगह रोबोट तेजी से और सुरक्षित तरीके से रेलकार की जांच करता है। इंडिया में 8.4 मिलियन FWA सब्सक्राइबर्स हैं, जिनमें 40% ग्रामीण क्षेत्र में हैं। वायरलेस इंटरनेट फाइबर जैसी स्पीड प्रदान करता है। ट्रेन की यात्रा के दौरान भी 5G की मदद से इंटरनेट, मनोरंजन और काम आसानी से किया जा सकता है।

IMC दौरे में Ericsson की ‘स्मार्ट रेल इंस्पेक्शन’ टेक्नोलॉजी से रूबरू हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज यशोभूमि, नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 के प्रदर्शनी क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने भारत के डिजिटल परिवर्तन को सशक्त करने वाली तकनीक और इनोवेशन की जीती जागती तस्वीर देखी।

मंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत दूरसंचार विभाग (डीओटी) मंडप के उद्घाटन से की, जहां डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के तहत कई पहल की गई। आईएमसी 2025 को कई केंद्रीय नेताओं और प्रमुख दूरसंचार अधिकारियों ने देखा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने Ericsson बूथ का दौरा किया और Automated Railcar Inspection समाधान को देखा, जो रोबोटिक्स, AI और प्राइवेट 5G पर आधारित है। इस वर्ष 1.5 लाख से अधिक मेहमानों, 7,000+ वैश्विक प्रतिनिधि और 400 संस्थाओं के आईएमसी में शामिल होने की संभावना है। IMC 2025 में 1,600 से ज़्यादा टेक्नोलॉजी “use‐cases” प्रदर्शित किए जाएंगे, और इस इवेंट को “एशिया मोबाइल कांग्रेस” के रूप में विकसित करने की सोच व्यक्त की गई है।

केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय दूरसंचार और ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी (MoS, संचार एवं ग्रामीण विकास) और दूरसंचार विभाग के शीर्ष अधिकारी श्री नीरज मित्तल जैसे शीर्ष अधिकारी Ericsson बूथ पर आए। यह केवल एक औपचारिक विज़िट नहीं थी, बल्कि यह संदेश था कि सरकार टेल्को टेक्नोलॉजी, 5G/AI नवाचार और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को गंभीरता से देख रही है। सरकारी अधिकारियों का स्वयं निरीक्षण उपयोगकर्ताओं, मीडिया और निवेशकों में विश्वास जगाता है।

Automated Railcar Inspection वेग, सुरक्षा और रखरखाव की मांग वाले रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में यह समाधान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रोबोटिक डिवाइस रेलकार की मूवमेंट का निरीक्षण कर सकते हैं। AI विज़न एल्गोरिदम गलती का तुरंत पता लगा सकते हैं, प्राइवेट 5G नेटवर्क की मदद से डेटा तुरंत, विश्वसनीय रूप से और सुरक्षित तरीके से भेजा जा सकता है। इस तरह के समाधान से रेल नेटवर्क की प्रबंधन लागत, डिटेक्शन समय और गलतियां दोनों कम हो सकती हैं।

IMC 2025 की विषय-वस्तु “Innovate to Transform” रखी गई है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी नवाचार, डिजिटल भारत और अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी नेतृत्व को आगे बढ़ाना है। IMC 2025 को सिर्फ भारत‐मोबाइल कांग्रेस नहीं, बल्कि एशिया मोबाइल कांग्रेस के रूप में देखा जा रहा है, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी मंच बनना चाहता है।