ऑटो बाजार में धमाका! फरवरी 2026 में 24 लाख से ज्यादा गाड़ियां बिकीं: FADA

नई दिल्ली: इंडिया के ऑटो रिटेल सेक्टर के लिए फरवरी 2026 का महीना बेहद शानदार रहा। देशभर में कुल 24,09,362 वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल के मुकाबले 25.62% ज्यादा है। ऑटो डीलर्स की शीर्ष संस्था Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यह अब तक का सबसे बेहतरीन फरवरी रहा, जिसमें टू-व्हीलर, पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर जैसे लगभग सभी सेगमेंट में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली।

FADA की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2026 में टू-व्हीलर (2W) की बिक्री 17,00,505 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 25.02% की बढ़त दर्शाती है। इसी तरह पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में 3,94,768 यूनिट की बिक्री हुई, जो 26.12% की वृद्धि है। कमर्शियल व्हीकल (CV) की बिक्री भी मजबूत रही और यह 1,00,820 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 28.89% अधिक है।
वहीं थ्री-व्हीलर (3W) की बिक्री 1,17,130 यूनिट रही, जिसमें 24.39% की बढ़त दर्ज की गई। सबसे तेज वृद्धि ट्रैक्टर सेगमेंट में देखी गई, जहां 89,418 यूनिट की बिक्री के साथ 36.35% की शानदार ग्रोथ दर्ज हुई। हालांकि कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (CE) सेगमेंट में थोड़ी गिरावट आई और इसकी बिक्री 6,721 यूनिट रही, जो 1.22% कम है।

FADA के मुताबिक फरवरी की मजबूत बिक्री का सबसे बड़ा कारण GST 2.0 के बाद बाजार में भरोसा बढ़ना रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ने से भी ऑटो सेक्टर को काफी मजबूती मिली। टू-व्हीलर बाजार में शहरी बिक्री 28.96% और ग्रामीण बिक्री 22.16% बढ़ी। वहीं पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में ग्रामीण बाजार 34.21% की ग्रोथ के साथ शहरों (21.12%) से आगे निकल गया। SUV की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है।

कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में फ्रेट मूवमेंट, ई-कॉमर्स गतिविधियों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से अच्छी मांग बनी हुई है। वहीं ट्रैक्टर की तेज बिक्री ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत देती है।पैसेंजर व्हीकल का स्टॉक घटकर 27 से 29 दिन के स्तर पर आ गया है। मार्च 2026 के लिए करीब 75.51% डीलर्स को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है जबकि केवल 4.59% डीलर्स गिरावट की आशंका जता रहे हैं। हालांकि अगले तीन महीनों में बाजार तेज उछाल से स्थिर वृद्धि के चरण में जाने की ओर बढ़ सकता है। कुल मिलाकर ऑटो रिटेल सेक्टर का माहौल अभी भी सावधानी के साथ सकारात्मक बना हुआ है।

जनवरी 2026 में बाइक से ट्रैक्टर तक बंपर बिक्री, ऑटो रिटेल में 17.61% की छलांग, इंडिया के गांव बने ऑटो इंडस्ट्री की रफ्तार के इंजन

नई दिल्ली: इंडिया के ऑटो-रिटेल सेक्टर के लिए जनवरी 2026 उत्साहजनक रहा। मजबूत ग्रामीण मांग, शादी-विवाह सीजन, फसल से आई नकदी और नीतिगत समर्थन के चलते कुल ऑटो रिटेल बिक्री 27,22,558 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 17.61 प्रतिशत ज्यादा है। दोपहिया से लेकर पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर तक बढ़त देखने को मिली।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में सबसे ज्यादा बिकने वाले वाहन दोपहिया रहे। करीब 18.5 लाख स्कूटर-बाइक बिके। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 21% ज्यादा है। इनमें से 56% बिक्री गांवों से आई । शहरों में भी 22% से ज्यादा ग्रोथ हुई। अब मांग सिर्फ त्योहारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि रोज़मर्रा की जरूरत के लिए भी लोग वाहन खरीद रहे हैं। आसान लोन, कम डाउन पेमेंट और बेहतर फाइनेंस स्कीम की वजह से लोगों के लिए बाइक-स्कूटर खरीदना पहले से आसान हो गया है।

Passenger Vehicle (PV) में कारों की बिक्री भी बढ़ी, लेकिन रफ्तार दोपहिया से थोड़ी कम रही। करीब 5.13 लाख कारें बिकीं और ग्रोथ 7.22% रही। अभी भी ज्यादातर कारें शहरों में बिक रही हैं (करीब 59%), लेकिन असली तेजी गांवों और छोटे शहरों से आई। ग्रामीण और नॉन-मेट्रो इलाकों में कार बिक्री 14.43% बढ़ी, जबकि बड़े शहरों में सिर्फ 2.75% की बढ़त रही। इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण SUV और compact-SUV की बढ़ती पसंद, सस्ती एंट्री-लेवल कारों की वापसी, डीलरशिप पर गाड़ियों की बेहतर उपलब्धता, कंपनियों की तरफ से आकर्षक ऑफर और स्कीम्स रहे।

जनवरी 2026 में ट्रक और दूसरे कमर्शियल वाहनों की बिक्री भी अच्छी रही। 1.07 लाख यूनिट बिके और ग्रोथ 15% से ज्यादा रही। पुराने ट्रकों को बदलने की डिमांड भी आई। सड़क, हाइवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के चलते LCV (छोटे ट्रक) और HCV (बड़े ट्रक) दोनों की मांग बढ़ी। ऑटो और ई-रिक्शा जैसे थ्री-व्हीलर की बिक्री 18.8% बढ़कर 1.27 लाख यूनिट पहुंच गई। 1.14 लाख ट्रैक्टर बिके और ग्रोथ करीब 23% रही।

Construction Equipment (CE) सेगमेंट में 21% की गिरावट आई। पिछले साल बिक्री बहुत ज्यादा थी, जिसे हाई-बेस इफेक्ट कहते हैं। मांग पूरी तरह कमजोर नहीं है, बल्कि तुलना का आधार ऊंचा था। डीलर्स बता रहे हैं कि शोरूम में पूछताछ बढ़ी है। लोग महंगे और ज्यादा फीचर वाले मॉडल्स की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

2025 में TVS, Hero और Bajaj के ई-स्कूटरों का जलवा, बिक्री 11% बढ़ी

नई दिल्ली: इंडिया में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (e-2W) का बाजार 2025 में एक नए दौर में दाखिल होता दिखा। जहां एक तरफ प्रतिस्पर्धा और तेज़ हुई, वहीं दूसरी तरफ पुराने और भरोसेमंद वाहन निर्माता कंपनियों ने जोरदार वापसी करते हुए बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

FADA (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन) के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 11.36% बढ़कर 12.8 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो 2024 में 11.49 लाख यूनिट थी। 2025 में TVS, Hero और Bajaj के इलेक्ट्रिक स्कूटर ने सबसे ज्यादा दमखम दिखाया। पूरे देश में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की कुल बिक्री 11% बढ़ गई। बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की हिस्सेदारी भी बढ़कर 6.3% हो गई।

अब लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि पेट्रोल के बढ़ते दामों और कम रनिंग कॉस्ट की वजह से एक समझदारी भरा विकल्प मानने लगे हैं। इसी का असर है कि दोपहिया सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी भी बढ़कर 6.3% हो गई है, जो पिछले साल 6.1% थी।

इस रेस में TVS Motor Company सबसे आगे रही। कंपनी ने 2025 में 2.98 लाख इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे, जो साल-दर-साल आधार पर 35% से ज्यादा की बढ़त है। इसका सबसे बड़ा कारण बना TVS iQube, जो आज देश के सबसे ज्यादा बिकने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों में से एक है। नए खरीदारों को ध्यान में रखते हुए लॉन्च किया गया TVS Orbiter भी मददगार साबित हुआ।

दूसरे नंबर पर Bajaj Auto रही, जिसने 2.69 लाख यूनिट की बिक्री के साथ 39% से ज्यादा ग्रोथ दर्ज की। इसका पूरा श्रेय Bajaj Chetak को जाता है, जिसने शहरी और सेमी-अर्बन इलाकों में जबरदस्त पकड़ बनाई। तीसरे नंबर पर Ather Energy रही, जिसकी बिक्री 58.9% बढ़कर 2 लाख यूनिट के करीब पहुंच गई। Hero MotoCorp ने सबसे तेज़ छलांग लगाई। कंपनी की इलेक्ट्रिक बिक्री 149% उछलकर 1.09 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जिसका बड़ा कारण Vida VX2 और बैटरी-एज़-ए-सर्विस मॉडल रहा, जिससे ग्राहकों की शुरुआती लागत कम हुई।

कभी बाजार की नंबर-1 कंपनी रही Ola Electric के लिए 2025 मुश्किल भरा रहा। इसकी बिक्री 51% गिरकर 1.99 लाख यूनिट रह गई। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बाजार में विकल्पों की भरमार ने Ola को पीछे धकेल दिया, हालांकि S1 सीरीज़ की मांग बनी रही। 2025 में इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार अब स्टार्टअप्स से निकलकर स्थापित कंपनियों के दौर में प्रवेश कर चुका है।

नवंबर 2025 में ऑटो रिटेल ने पकड़ी रफ्तार, फेस्टिवल के बाद भी मांग बरकरार : FADA

नई दिल्ली: FADA ने नवंबर 2025 की वाहन रिटेल रिपोर्ट जारी की है, जो बताती है कि फेस्टिव सीज़न के बाद भी ऑटो रिटेल की रफ्तार कायम है। इस महीने कुल रिटेल बिक्री साल-दर-साल 2.14% बढ़ी। नवंबर 2024 में दिवाली के तुरंत बाद भारी रजिस्ट्रेशन हुए थे। इसके उलट इस बार अक्टूबर में ही दिवाली पड़ जाने की वजह से फेस्टिव डिलीवरी पिछले महीने हो चुकी थी। फिर भी नवंबर में मांग बनी रहना इंडस्ट्री के लिए पॉज़िटिव संकेत माना जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार दोपहिया वाहन बिक्री 3.1 फीसदी घट गई क्योंकि रिटेल का बड़ा हिस्सा अक्टूबर में शिफ्ट हो गया था। जीएसटी 2.0 के कट, लगातार मिल रहे ऑफर्स और ग्रामीण बाज़ार से आती पूछताछ ने इस सेगमेंट को सहारा दिया। पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट ने जबरदस्त 19.7% की बढ़ोतरी दर्ज की। बेहतर मॉडल उपलब्धता, कॉम्पैक्ट SUVs की मजबूत डिमांड और साल के अंत में मिलने वाले डिस्काउंट्स ने इस ग्रोथ को और तेज़ किया। कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में भी 19.94% की तेज़ बढ़त देखी गई। तीन पहिया वाहनों की बिक्री 23.67% बढ़ी। ट्रैक्टरों की मांग 56.55% उछली। कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेगमेंट में 16.5% की गिरावट दर्ज की गई।

FADA ने निकट भविष्य को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। रबी की बुवाई 39.3 मिलियन हेक्टेयर को पार कर गई है, जो इस बार किसानों की आय और ग्रामीण खर्च में मजबूती का संकेत देती है। इसके साथ ही सामान्य से ज्यादा ठंडी सर्दियों का अनुमान लगाया गया है, जिससे लॉजिस्टिक्स और मौसमी मोबिलिटी में बढ़ोतरी की उम्मीद है। एफएमसीजी, ट्रैक्टर और दोपहिया सेगमेंट में ग्रामीण खपत की वापसी के शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं। GST 2.0 सुधारों और लगातार जारी उपभोक्ता स्कीमों के कारण दिसंबर में भी मांग के टिके रहने की उम्मीद है।

अगले तीन महीनों को लेकर 74% डीलर्स ने ग्रोथ का अनुमान जताया है। उनका कहना है कि 2026 की नई लॉन्चिंग्स, शादी-ब्याह का सीज़न और फसलों से मिलने वाली नकदी बाज़ार में नई जान डालेंगे। हालांकि मॉडल-ईयर चेंज और फेस्टिव ट्रिगर्स के न होने से हल्की सुस्ती भी आ सकती है। ‘वन नेशन, वन टैक्स’ और ‘विकसित भारत 2047’ जैसे विज़न affordable mobility को अगले स्तर पर ले जा सकते हैं।

अक्टूबर 2025 में पैसेंजर व्हीकल्स बिक्री ने छुआ ऐतिहासिक शिखर, जीएसटी कटौती और त्योहारी सीजन से 40.5% की बंपर उछाल

नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा जारी अक्टूबर 2025 के वाहन खुदरा बिक्री (Retail Sales) के आंकड़ों ने इंडियन ऑटोमोबाइल उद्योग में ऐतिहासिक तेजी दर्ज की है। त्योहारी सीजन (दशहरा से दिवाली) और हाल ही में लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों के कारण सभी श्रेणियों में ग्राहकों की खरीदारी में जबरदस्त उछाल आया है।


यात्री वाहन (Passenger Vehicles) बिक्री: एक नया रिकॉर्ड अक्टूबर 2025 में, यात्री वाहनों (कार, एसयूवी, वैन) की खुदरा बिक्री 5.57 लाख यूनिट तक पहुँच गई, जो पिछले साल अक्टूबर 2024 की तुलना में 11.35% की शानदार वृद्धि है। यह भारतीय ऑटो रिटेल इतिहास में किसी भी महीने में हुई सबसे ज्यादा यात्री वाहन बिक्री है।


इस वृद्धि का मुख्य कारण जीएसटी दरों में कटौती है, जिसने विशेष रूप से छोटी कारों और प्रवेश स्तर के एसयूवी को उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती बना दिया। ग्रामीण बाजारों में यात्री वाहनों की बिक्री शहरी क्षेत्रों की तुलना में तीन गुना तेजी से बढ़ी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

सभी प्रकार के व्हीकल्स की विस्तृत बिक्री रिपोर्ट (अक्टूबर 2025)

अक्टूबर 2025 में समग्र ऑटोमोबाइल खुदरा बिक्री में 40.5% की रिकॉर्ड-तोड़ वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह भारतीय ऑटो रिटेल के इतिहास का सबसे सफल महीना बन गया।

वाहन श्रेणीअक्टूबर 2025 खुदरा बिक्री (यूनिट)साल-दर-साल वृद्धि (YoY)मुख्य कारण
दोपहिया वाहन (2W)31.5 लाख (लगभग)51.76%ग्रामीण मांग में जोरदार सुधार, जीएसटी कटौती से वहनीयता में वृद्धि, त्योहारी उत्साह।
यात्री वाहन (PV)5.57 लाख11.35%जीएसटी 2.0 सुधारों से कीमतों में कमी, त्योहारी डिलीवरी, एसयूवी की मजबूत मांग।
तिपहिया वाहन (3W)1.3 लाख 5.4%इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बढ़ती मांग और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में वृद्धि।
व्यावसायिक वाहन (CV)1.08 लाख 17.7%माल ढुलाई की मांग में मजबूती, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सरकारी खर्च में वृद्धि।
ट्रैक्टर73,57714.2%अच्छी फसल और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी हुई क्रय शक्ति।
समग्र वाहन बिक्री40 लाख (लगभग)40.5%त्योहारी सीजन, जीएसटी 2.0 और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती।

42-दिवसीय त्योहारी सीजन का प्रदर्शन (दशहरा से दिवाली)

FADA ने बताया कि पूरे 42-दिवसीय त्योहारी सीजन (दशहरा से दिवाली) में ऑटो रिटेल सेक्टर ने 21% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की, जो अब तक का सबसे मजबूत त्योहारी सीजन है:
पैसेंजर व्हीकल्स: 23% की वृद्धि (कुल 7.66 लाख यूनिट)।
टू-व्हीलर्स: 22% की वृद्धि।

FADA के अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर ने इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा, “अक्टूबर 2025 भारत के ऑटो रिटेल इतिहास का एक मील का पत्थर बना, जहाँ सुधारों, त्योहारों और ग्रामीण पुनरुत्थान ने मिलकर रिकॉर्ड-तोड़ नतीजे दिए। जीएसटी 2.0 ने छोटे कारों और दोपहिया वाहनों के लिए स्वामित्व की लागत को कम करके मध्यवर्गीय उपभोक्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाया।”

आगे का दृष्टिकोण

डीलर्स का मानना है कि यह शानदार गति नवंबर 2025 में भी जारी रहेगी। पेंडिंग फेस्टिव बुकिंग की डिलीवरी, शादियों का सीजन और ग्रामीण क्षेत्रों में फसल की आय से आने वाले महीनों में भी मजबूत मांग बनी रहने की उम्मीद है। FADA ने व्यक्त किया है कि जीएसटी 2.0 फ्रेमवर्क के तहत भारतीय ऑटो रिटेल सेक्टर 2026 में भी एक स्थिर और समावेशी विकास पथ पर रहेगा।

सितंबर में GST 2.0 और नवरात्र ने ऑटो सेक्टर में मचाया धमाल, 34% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी : FADA

नई दिल्ली: फेस्टिवल सीजन की शुरुआत होते ही भारत में गाड़ियों की बिक्री ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली। नवरात्र में तो चाहे कार हो या बाइक-स्कूटर, हर सेगमेंट की गाड़ियों की बिक्री में जबरदस्त तेजी देखी गई। इस साल की नवरात्र ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक रही और पिछले साल के मुकाबले कुल बिक्री में 34.01 फीसदी का जबरदस्त उछाल आया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने बीते सितंबर महीने में खास तौर पर नवरात्रि की सेल्स रिपोर्ट के आंकड़े जारी कर दिए हैं। 22 सितंबर से GST 2.0 और त्योहारी माहौल ने ऑटो बिक्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

कारों और एसयूवी की बिक्री नवरात्रि में जबरदस्त तेजी दिखी। इस बार ग्राहकों ने छोटी कारों के साथ-साथ प्रीमियम और एसयूवी सेगमेंट में भी खूब खरीदारी की। नवरात्रि के दौरान पैसेंजर गाड़ियों में 2024 की नवरात्रि की तुलना में करीब 35 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी हुई। कई कंपनियों ने नवरात्रि के पहले दिन ही रेकॉर्ड डिलिवरी दर्ज की। FADA के अनुसार, सितंबर 2025 में ऑटो बिक्री में सालाना आधार पर 5.22% की वृद्धि हुई। दो-पहिया वाहनों की बिक्री में 36% की तेजी आई, जबकि यात्री वाहनों की बिक्री 34.8% बढ़ी। कमर्शियल वाहनों की बिक्री 3% बढ़ी और ट्रैक्टरों की बिक्री में भी 4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना 5.22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। टू-व्हीलर सेगमेंट में 36 फीसदी की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में 34.8 फीसदी की वृद्धि हुई। कमर्शियल वाहन सेगमेंट में भी तीन फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।  3-व्हीलर्स को शहरों में बढ़ती ट्रैफिक और मोबिलिटी की जरूरत ने 24.5% की बढ़त दिलाई।

पर्सनल व्हीकल्स (PV)की खरीद में 34.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कमर्शियल व्हीकल्स (CV) को वित्तीय योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की उम्मीद ने 14.8% की ग्रोथ दी। ट्रैक्टर की खरीद 18.7% बढ़ी, वहीं वहीं, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (CE) की खरीद में भारी बारिश के चलते कमी आई। यह –18% रहा। FADA का कहना है कि खरीफ की अच्छी फसल, मजबूत खरीद शक्ति और RBI की स्थिर दरें अक्टूबर में बिक्री को और बढ़ाएंगी। धनतेरस और दीपावली के दौरान वाहन बिक्री अपने पीक पर पहुंचने वाली है।

ऑटो डीलर्स की राय: JSW MG, Royal Enfield और Ashok Leyland बने डीलर संतुष्टि में नंबर 1

नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने अपने वार्षिक डीलर संतुष्टि अध्ययन (DSS) 2025 के नतीजे जारी कर दिए हैं। यह अध्ययन ऑटोमोबाइल डीलरों और वाहन बनाने वाली कंपनियों (OEMs) के बीच संबंधों को समझने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। इस साल के सर्वे में JSW MG मोटर (4-पहिया यात्री वाहन), Royal Enfield (2-पहिया वाहन), Ashok Leyland (कमर्शियल वाहन), Atul Auto (3-पहिया वाहन) और Volvo Cars (लक्जरी कारें) को उनके सेगमेंट में डीलर संतुष्टि के मामले में सबसे अच्छा पाया गया है।

डीलर संतुष्टि पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ

FADA के अध्यक्ष, श्री सी. एस. विग्नेश्वर ने बताया कि इस साल का सर्वे पहले से कहीं ज़्यादा बड़ा और गहरा था। इसमें देश भर के 1,800 से अधिक डीलरों से नौ अलग-अलग भाषाओं में प्रतिक्रिया ली गई, ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझा जा सके। विग्नेश्वर ने इस बात पर जोर दिया कि जहाँ एक ओर भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग बेहतरीन क्वालिटी के वाहन बना रहा है, वहीं डीलरों के मुनाफे और नीतियों से जुड़ी समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। डीलर्स को GST में राहत मिलने के बाद, उनकी मांग है कि कंपनियां भी उनके लिए उचित मार्जिन, बेहतर नीतियां और फैसलों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करें, खासकर आने वाले त्योहारी सीज़न से पहले।

प्रेमोनएशिया के निदेशक और सीओओ राहुल शर्मा ने भी डीलरों की चिंताओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि सर्वे में 66% डीलरों की असंतुष्टि का कारण ‘बिक्री के बाद की सेवा’ और ‘व्यापार में लाभ’ से जुड़े मुद्दे हैं। इन मुद्दों में इन्वेंट्री का खर्च, वापस नहीं बिकने वाले माल की नीतियां और ट्रेनिंग के लिए पैसों का बंटवारा शामिल है। शर्मा का मानना है कि कंपनियों को डीलरों के साथ मिलकर ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो कंपनी के मानकों और डीलरों की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखें।

सेगमेंट-वार प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण

4-पहिया यात्री वाहन (4W Mass): JSW MG 868 अंकों के साथ लगातार टॉप पर बना हुआ है। यह दिखाता है कि कंपनी अपने डीलरों के साथ मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते बनाए रखने में कामयाब रही है।
2-पहिया वाहन (2W): रॉयल एनफील्ड ने 852 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि हीरो मोटोकॉर्प भी दूसरे स्थान पर रहा। इन दोनों कंपनियों ने पिछले साल की तुलना में अपने स्कोर में 140 से अधिक अंकों का सुधार किया है, जो उद्योग में सबसे बड़ा सुधार है। इससे पता चलता है कि वे अपने डीलरों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं।
वाणिज्यिक वाहन (CV): अशोक लीलैंड ने 786 अंकों के साथ अपनी लीडरशिप बनाए रखी, जबकि टाटा मोटर्स CV ने भी अच्छा सुधार दिखाया। डीलर्स इन कंपनियों के उत्पादों की विश्वसनीयता और समय पर वाहनों की आपूर्ति को सराहते हैं।
3-पहिया वाहन (3W): तीन साल बाद इस सेगमेंट को सर्वे में शामिल किया गया, और अतुल ऑटो ने 924 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन किया।
लक्ज़री कारें (4W Luxury): वोल्वो कार्स 884 अंकों के साथ इस श्रेणी में सबसे आगे रही।

चुनौतियाँ और सुझाव

सर्वे में यह भी पाया गया कि चार पहिया यात्री वाहन और कमर्शियल वाहन के डीलरों की संतुष्टि पिछले साल की तुलना में कम हुई है। वे मुख्य रूप से मुनाफे की कमी, ट्रेनिंग के खर्च, और बिना बिके माल को वापस लेने की नीतियों को लेकर चिंतित हैं। डीलर्स चाहते हैं कि कंपनियों को इन मुद्दों पर अधिक स्पष्ट और सहायक होना चाहिए ताकि वे लंबे समय तक व्यापार में बने रह सकें। कुल मिलाकर, यह सर्वे एक महत्वपूर्ण संदेश देता है: ग्राहकों को अच्छी गाड़ियां देना काफी नहीं है, बल्कि कंपनियों को अपने डीलरों के साथ भी एक मजबूत और सहायक साझेदारी बनानी होगी ताकि पूरा इकोसिस्टम सही से काम कर सके।

जुलाई 2025 में ऑटो बाजार पर बारिश की मार, ट्रैक्टर बना हीरो : FADA

नई दिल्ली: बरसात की बूंदें जहां किसानों के लिए राहत बनीं, वहीं ऑटो बाज़ार के कुछ हिस्सों के लिए ब्रेक। जुलाई 2025 के ऑटो रिटेल डेटा के अनुसार कुल बिक्री में 4.31% की गिरावट दर्ज हुई है, और महीने-दर-महीने भी रफ्तार करीब 2% धीमी रही। त्योहारों की दस्तक के साथ अगस्त में उछाल की पूरी संभावना दिख रही है। इंडिया में Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) ने जुलाई 2025 के लिए वाहनों की रिटेल बिक्री (डीलरशिप से सीधे ग्राहकों को बेची गई गाड़ियों) के आंकड़े जारी किए हैं। FADA की रिपोर्ट में बताया गया है कि इंडिया में जुलाई 2025 में कितनी गाड़ियां बिकीं, किस सेगमेंट में कितनी बिक्री हुई।

गांवों में लगातार बारिश और खेतों में बढ़ते काम ने टू-व्हीलर की बिक्री को बड़ा झटका दिया। ऊपर से खरीदारों ने भी फैसला टाल दिया। उनका सोचना था कि अब तो अगस्त में ही खरीदेंगे, जब त्योहार आएंगे। इससे जुलाई की बिक्री में 6.48% की सालाना गिरावट और 6.28% की मासिक गिरावट आई। शहरों में ग्राहक शोरूम में पहुंचे तो सही, लेकिन मन नहीं बना। गांवों में आषाढ़ जैसे शुभ मौकों पर बिक्री थोड़ी बढ़ी। सालाना बिक्री में 0.81% की गिरावट पर महीने-दर-महीने 10.38% की रिकवरी भी दिखी।

केवल थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने जुलाई में संतुलन बनाए रखा। 0.83% की सालाना बढ़त और
 10.73% की मासिक उछाल ने उम्मीद दी। शहरों में नए मॉडल्स, स्कूल बस खरीद और इंस्टिट्यूशनल ऑर्डर्स ने CV सेगमेंट को थोड़ी रफ्तार दी। सालाना 0.23% की हल्की सी ग्रोथ दर्ज हुई।

जहां बाकी सेगमेंट धीमे थे, ट्रैक्टर की जोरदार बिक्री हुई। सरकारी सब्सिडी, मूसलाधार बारिश और गांवों में नकदी का बहाव – तीनों ने मिलकर ट्रैक्टर की बिक्री को आसमान पर पहुंचा दिया। 10.96% की शानदार सालाना ग्रोथ रही और 14.9% की महीने दर महीने छलांग लगाई। फेस्टिव सीजन की शुरुआत, मॉनसून की मजबूती और सरकारी स्कीम्स अगस्त में ऑटो सेक्टर की बिक्री को नई रफ्तार दे सकते हैं।

इंडिया में EV की हवा तेज : जून में 1 लाख से ज्यादा ई-स्कूटर्स और बाइक्स बिकीं

नई दिल्ली : इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रफ्तार अब सिर्फ चार्जर तक सीमित नहीं, बल्कि सीधा मार्केट की नसों में दौड़ रही है। जून 2025 में चाहे Two-wheeler हों, Three-wheeler हों या फिर कमर्शियल गाड़ियां, हर सेगमेंट में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स ने अपनी मौजूदगी का डंका बजा दिया है। जून 2025 में एक लाख से ज्यादा ई-स्कूटर और बाइक की बिक्री हुई।

बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और बाइक्स का जलवा कायम है। TVS ने जून में 25,300 इलेक्ट्रिक Two-wheeler बेचे, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 80% ज्यादा हैं। Bajaj ने तो पिछले साल के मुकाबले 150% से ज्यादा ग्रोथ दर्ज की और 23,032 गाड़ियां बेच दीं। Ola की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई, लेकिन Ather और Hero MotoCorp ने जबरदस्त छलांग लगाई। Ather ने 133% की ग्रोथ के साथ जून में 14,526 यूनिट्स बेचे, वहीं Hero ने 148% से ज्यादा की बढ़त पकड़ी।

Mahindra का नाम Three-wheeler की बिक्री में पहले नंबर पर आता है। Mahindra ने 7,300 से ज्यादा इलेक्ट्रिक Three-wheeler की बिक्री की। Bajaj ने भी 6,478 यूनिट्स बेचकर अपनी मौजूदगी और मजबूत की। TVS ने सिर्फ 20 यूनिट से उछलकर इस जून में 1,655 Three-wheeler बेच दिए। पूरे सेगमेंट में 60,000 से ज्यादा थ्री व्हीलर्स की बिक्री हुई।

कमर्शियल व्हीकल्स में Tata Motors ने एक बार फिर सबसे ज्यादा 309 यूनिट्स की बिक्री के साथ टॉप पोजिशन बनाई। Mahindra Last Mile Mobility ने भी 170 यूनिट्स की बिक्री कर ली। Pinnacle Mobility ने मई में जहां सिर्फ 33 गाडियां बेची थी। जून में कंपनी ने 114 गाड़ियां बेच डालीं । VE Commercial, Olectra, JBM जैसे नामों ने भी जून में शानदार ग्रोथ दर्ज की। कुल मिलाकर कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1,000 यूनिट्स के पार पहुंच गई।

जून 2025 में टू-व्हीलर EV का हिस्सा बढ़कर 7.3% हो गया, जबकि 3W में 60.2% और कमर्शियल सेगमेंट में 1.56% हिस्सेदारी दर्ज की गई। ईवी भारत की सड़कों पर एक तेज़ी से बढ़ता ट्रेंड है। अब बैटरी से चलने वाली गाड़ियों में सिर्फ चार्ज नहीं, लोगों का भरोसा भी कूट-कूट कर भरा है।

EV कार बाज़ार में Tata Motors की बादशाहत बरकरार

नई दिल्ली : इंडियन इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाज़ार जून 2025 में ज़बरदस्त तेज़ी से दौड़ा और Tata Motors ने Nexon EV, Tiago EV, Punch EV और Tigor EV जैसे मॉडल्स के दमदार परफ़ॉर्मेंस की बदौलत इस महीने 2.48% की बढ़ोतरी के साथ 4,708 ई-कार बेचकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के ताज़ा आंकड़ों ने कंपनियों के बीच की जंग को साफ़ कर दिया है। पिछले महीने कुल 13,178 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं, जो जून 2024 के मुक़ाबले लगभग 80% की शानदार उछाल है। यह दर्शाता है कि इंडियन कस्टमर तेज़ी से इको-फ़्रेंडली और फ़्यूचरिस्टिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन इस बढ़ती लहर में किस ब्रांड ने सबसे ज़्यादा चमक बिखेरी? आइए जानते हैं जून 2025 में भारतीय EV कार बाज़ार के टॉप प्लेयर्स की कहानी:

टाटा मोटर्स: EV किंग का ताज बरकरार, पर चुनौती बढ़ी

एक बार फिर, Tata Motors ने इंडियन EV कार बाज़ार में अपनी बादशाहत कायम रखी है। जून 2025 में Tata ने 4,708 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। यह मई 2025 के मुक़ाबले 8.21% की मासिक बढ़त और जून 2024 के मुक़ाबले 2.48% की सालाना बढ़त दिखाती है। Nexon EV, Tiago EV, Punch EV और Tigor EV जैसे मॉडल्स अब भी ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं, लेकिन बाज़ार में बढ़ती प्रतियोगिता से टाटा को अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए लगातार नए इनोवेशन लाने होंगे।

JSW MG Motor : 168% की छलांग के साथ नंबर 2 पर

चौंकाने वाली बात यह है कि JSW MG Motor ने जून 2025 में धमाकेदार एंट्री मारी है। उसने 3,972 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं और सीधे दूसरे पायदान पर कब्ज़ा जमा लिया। यह जून 2024 के मुक़ाबले 168.38% की अविश्वसनीय सालाना ग्रोथ है। MG Windsor EV Pro जैसे नए मॉडल्स ने कंपनी की सेल्स को ज़बरदस्त बूस्ट दिया है और यह दिखाता है कि JSW ग्रुप के साथ MG की साझेदारी रंग ला रही है।

Mahindra & Mahindra : 523% की बंपर उछाल, तीसरा स्थान हासिल

Mahindra ने जून 2025 में सबको हैरान कर दिया। कंपनी ने 3,029 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो जून 2024 के मुक़ाबले 523.25% की रिकॉर्ड तोड़ सालाना ग्रोथ है। BE 6 और XEV 9e जैसे नए मॉडल्स के साथ-साथ Mahindra की पहले से मौजूद EV लाइनअप ने मिलकर यह शानदार प्रदर्शन किया है। Mahindra अब इंडियन EV बाज़ार में एक गंभीर दावेदार के रूप में उभरी है।

Hyundai : Creta EV से उम्मीदें, पर रहा पीछे

Hyundai ने जून 2025 में 512 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो जून 2024 के मुक़ाबले 712.70% की ज़बरदस्त सालाना ग्रोथ है। यह चौथी पोजिशन पर रही। हालांकि, बाज़ार में बहुप्रतीक्षित Creta Electric के लॉन्च के बावजूद Hyundai अभी भी टॉप 3 खिलाड़ियों से काफ़ी पीछे है। उम्मीद थी कि Creta EV बाज़ार में बड़ा असर डालेगी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।

बाकी प्लेयर्स की भी दिखी हलचल

BYD India : चीनी ब्रांड BYD ने जून 2025 में 476 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल के मुक़ाबले 95% की ग्रोथ है।
BMW : लक्ज़री सेगमेंट में BMW ने 214 यूनिट्स के साथ 275% की सालाना ग्रोथ दर्ज की।
Mercedes-Benz : Mercedes-Benz ने 94 यूनिट्स बेचीं और 95% की ग्रोथ हासिल की।
Kia India : किआ ने 41 यूनिट्स बेचीं और 156% की ग्रोथ दिखाई।
वहीं, PCA Automobiles (-66%) और Volvo (-54%) जैसी कुछ कंपनियों की बिक्री में गिरावट भी देखने को मिली। कुल मिलाकर, जून 2025 इंडियन इलेक्ट्रिक कार बाज़ार के लिए एक शानदार महीना रहा है। लोकल ब्रांड ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है और नए प्लेयर्स के आने से प्रतियोगिता और भी मज़ेदार होती जा रही है। आने वाले महीनों में देखना दिलचस्प होगा कि यह EV दौड़ कौन-कौन से नए रिकॉर्ड बनाती है।