Force Motors की 2025 में रफ्तार बरकरार, दिसंबर में घरेलू बिक्री में 49% उछाल, 2952 यूनिट्स बिकीं

नई दिल्ली: Force Motors लिमिटेड की 2025 में पूरे साल दमदार रफ्तार बरकरार रही। दिसंबर 2025 में घरेलू बाजार में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी बिक्री में जबरदस्त बढ़त दर्ज की है। कंपनी की घरेलू थोक बिक्री दिसंबर 2025 में 49 प्रतिशत बढ़कर 2,952 यूनिट्स पर पहुंच गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 1,985 यूनिट्स था। इस मजबूत प्रदर्शन के साथ कंपनी ने 2025 कैलेंडर वर्ष का समापन स्थिर गति और सकारात्मक रुझान के साथ किया है। कंपनी ने न सिर्फ साल के आखिरी महीने में दमदार बढ़त दर्ज की, बल्कि पूरी तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष के अब तक के आंकड़ों में भी मजबूत और स्थिर ग्रोथ दिखाई है।

कंपनी के मुताबिक, दिसंबर में आई यह तेजी कमर्शियल व्हीकल और मोबिलिटी सेगमेंट में मजबूत मांग के चलते संभव हुई है। Force Motors का प्रदर्शन सिर्फ दिसंबर तक सीमित नहीं रहा। तीसरी तिमाही (Q3) के दौरान कंपनी की घरेलू थोक बिक्री में 47 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई। इस अवधि में बिक्री 5,723 यूनिट्स से बढ़कर 8,427 यूनिट्स तक पहुंच गई।

अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कंपनी की घरेलू बिक्री 24,920 यूनिट्स रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। Force Motors ने बताया कि कंपनी की मौजूदगी वैन, एंबुलेंस, स्कूल ट्रांसपोर्ट और स्टाफ मोबिलिटी जैसे सेगमेंट में है। शहरी और अर्ध-शहरी दोनों बाजारों में कंपनी के वाहन लगातार मांग में बने हुए हैं।

Force Motors लिमिटेड के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया ने कहा कि दिसंबर में कंपनी के लिए टूर और ट्रैवल सेगमेंट में साफ तौर पर रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। छुट्टियों के बावजूद स्कूल मोबिलिटी सेगमेंट में मांग स्थिर बनी रही। अर्बन रेंज को शहरी और उभरते बाजारों में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जबकि ट्रैवलर रेंज ने अपने सेगमेंट में अग्रणी स्थिति बनाए रखी है। कंपनी ने कहा कि मौजूदा मांग के रुझान कंपनी को 2026 में प्रवेश का मजबूत आधार प्रदान करते हैं। Force Motors ने दिसंबर 2025 और पूरे साल में जिस तरह की निरंतर और संतुलित वृद्धि दर्ज की है, वह कमर्शियल और मोबिलिटी सेगमेंट में कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाती है।

Force Motors : नवंबर में घरेलू बाजार में बिक्री में 59% उछाल, Urbania और Trax ने बनाया दबदबा

चेन्नई/नई दिल्ली: Force Motors Limited ने नवंबर 2025 में घरेलू बाजार में जबरदस्त बढ़त दर्ज की है। कंपनी ने इस महीने घरेलू बाजार में कुल 2,765 यूनिट्स की डोमेस्टिक होलसेल बिक्री की। नवंबर 2025 में घरेलू बिक्री 59% बढ़ी, हालांकि एक्सपोर्ट में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी ने कुल मिलाकर 2,883 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो 53% की सालाना बढ़त को दर्शाता है।

Force Motors के नए और पॉपुलर मॉडल, Urbania और Trax ग्राहकों को खूब पसंद आए हैं। Trax ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में GST रियायत का फायदा उठाकर बिक्री बढ़ाई। Traveller मॉडल लगातार भरोसेमंद बना रहा और Monobus ने संस्थागत और सरकारी उपयोग में मजबूत पकड़ बनाई। इस सबका परिणाम यह हुआ कि अप्रैल–नवंबर 2025 में कंपनी ने पूरे साल की तुलना में बिक्री में 23% की बढ़त हासिल की। Force Motors के एमडी श्री प्रसन्न फिरोडिया ने बताया कि ग्रामीण परिवहन, स्टाफ कैरियर्स और माल ढुलाई जैसी जगहों पर कंपनी की मांग लगातार बढ़ रही है।

Force Motors बहुत से प्रॉडक्ट्स बनाती है। कंपनी हल्के वाणिज्यिक वाहन (Light Commercial Vehicles) और मल्टी-यूटीलीटी वाहन (Multi-Utility Vehicles) बनाती है। Force Motors के इंजन इतने भरोसेमंद हैं कि Mercedes-Benz और BMW जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इन्हें अपनी कारों में इस्तेमाल करती हैं। भारत में बनी हर BMW और Mercedes कार में Force Motors का इंजन होता है। Force Motors और Rolls-Royce Power Systems की साझेदारी (Joint Venture) के तहत 10 और 12-सिलिंडर वाले बड़े इंजन बनते हैं, जिन्हें दुनिया भर में पावर जेनरेशन और रेलवे के लिए सप्लाई किया जाता है।
Force Motors की अलग-अलग गाड़ियां अपने-अपने काम में बेहतरीन हैं।

Traveller लोगों को ले जाने वाला, भरोसेमंद और ईंधन की बचत में टॉप पर है। Trax टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर चलने वाला मजबूत वाहन है। नई प्रीमियम शेयर्ड मोबिलिटी वाली वैन Urbania अब दुनिया भर में भी उपलब्ध है। मिड-साइज बस Monobus आराम, सुरक्षा और ईंधन बचाने की क्षमता के साथ लॉन्च की गई है। Force Gurkha ऑफ-रोड वाहन है। यह 3 और 5-डोर वेरिएंट में आता है। ऊंचे-नीचे और कच्चे-पक्के रास्तों पर यह शानदार प्रदर्शन करता है।

रोड पर टायर पंचर, बैटरी डाउन या चाबी खो जाए, एक कॉल पर Force Motors करेगा मदद

नई दिल्ली: इंडिया की अग्रणी ऑटोमोबाइल निर्माता Force Motors Limited ने अपने सभी कमर्शियल व्हीकल्स ट्रैवलर, ट्रैक्स, मोनोबस, अर्बेनिया और गुरखा के लिए तीन साल की मुफ्त रोडसाइड असिस्टेंस सेवा की घोषणा की है।

अगर वाहन रास्ते में खराब हो जाए या कोई आपातकालीन स्थिति हो, तो कंपनी मदद करेगी। यह इंडिया के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में पहली बार हो रहा है। कंपनी का दावा है कि पहले किसी ने इतनी सुविधाएं मुफ्त नहीं दीं। इसका उद्देश्य ग्राहकों को हर समय मदद देना है। वाहन मालिकों का ओनरशिप अनुभव आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद बनना है और उन्हें सड़क पर गाड़ी के खराब होने की चिंता से बचाना है।

Force Motors का कोई वाहन खरीदते ही अगले तीन साल तक रोडसाइड असिस्टेंस मुफ्त मिलेगी। साल के सभी 365 दिन, दिन-रात फोन पर मदद मिलेगी। और यह कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। अगर वाहन खराब हो जाए तो निकटतम अधिकृत फोर्स वर्कशॉप तक वाहन को 100 किलोमीटर तक मुफ्त टो किया जाएगा। छोटी-मोटी तकनीकी या इलेक्ट्रिकल प्रॉब्लम को सीधे रोड पर ही ठीक किया जाएगा। अगर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो मदद मिलेगी। अगर टायर पंचर हो जाए, बैटरी डाउन हो जाए या चाबी गुम हो जाए, तो मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर मैसेज भेजना, कॉन्फ्रेंस कॉल करना और नज़दीकी वर्कशॉप का पता हासिल करना आसान होगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी या मेडिकल रेफरल, होटल/टैक्सी समन्वय और वाहन की सुरक्षा में मदद भी मिलेगी।

Force Motors के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया ने कहा कि हमारे ग्राहक फोर्स मोटर्स के वाहनों पर भरोसा करते हैं और कंपनी के लिए यह जिम्मेदारी है कि वह हमेशा इस भरोसे पर खरी उतरे। अब कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए तीन साल तक हर तरह की मदद मुफ्त देने का वादा किया है। यह भरोसा, तत्परता और देखभाल की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

GST कटौती के बाद Force Motors के Traveler, Gurkha और पूरी रेंज हुई सस्ती, 22 सितंबर से लागू होंगी नई कीमतें

नई दिल्ली: प्रमुख ऑटोमोटिव कंपनी और इंडिया की सबसे बड़ी वैन निर्माता Force Motors Limited ने अपनी पूरी वाहन श्रृंखला के लिए संशोधित कीमतों की घोषणा की है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होने वाली 18% GST दर का पूरा लाभ सीधे ग्राहकों को देगी। यह कदम ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में त्योहारी सीज़न की शुरुआत हो रही है, जिससे ग्राहकों के लिए नए वाहन खरीदना और भी फायदेमंद हो जाएगा।

परिवहन, स्वास्थ्य और रोमांच: सभी क्षेत्रों में बड़ा फायदा

Force Motors का यह निर्णय केवल एक व्यावसायिक कदम नहीं है, बल्कि इसका असर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया ने कहा कि जीएसटी दरों को 28% से घटाकर 18% करना एक ऐतिहासिक सुधार है जो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
मास मोबिलिटी: Traveller, Urbania और Trax जैसे वाहनों की कीमत में कमी आएगी, जिससे ये बड़े पैमाने पर परिवहन समाधान और भी सुलभ हो जाएँगे। इसका सीधा लाभ सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवा: एम्बुलेंस पर भी इस छूट का फायदा मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर वित्तीय बोझ कम होगा और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
रोमांच और एडवेंचर: एडवेंचर के शौकीनों के लिए मशहूर Force Gurkha की कीमत में भी कमी आएगी, जिससे यह मजबूत और उद्देश्य-निर्मित वाहन अधिक लोगों की पहुँच में होगा।
‘मेक-इन-इंडिया’ विज़न: इंजन, पुर्जों और घटकों पर कम दरें आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेंगी, जो सरकार के ‘मेक-इन-इंडिया’ विज़न का समर्थन करती हैं।

गाड़ी की मेडिकल रिपोर्ट पर रखेगा नज़र, Force iPulse बनेगा आपका हमसफर

नई दिल्ली: अब ट्रक या कमर्शियल गाड़ियों में कोई दिक्कत आए तो ड्राइवर को अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी बल्कि गाड़ी खुद बताएगी कि क्या गड़बड़ हो रही है, कहां दिक्कत है और कब सर्विस की ज़रूरत है। Force Motors ने iPulse नाम से एक नया इंटेलिजेंट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो गाड़ी की मेडिकल रिपोर्ट पर नजर रखेगा और हर मोड़ पर ड्राइवर का हमसफर बनेगा। इस सिस्टम से गाड़ी की सेहत, परफॉर्मेंस और ड्राइविंग की आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर पल पल की जानकारी मिलेगी।

Force iPulse को कंपनी ने Intangles नाम की एक टेक कंपनी के साथ मिलकर बनाया है, जो दुनियाभर में अपनी AI टेक्नोलॉजी के लिए जानी जाती है। यह सिस्टम गाड़ी से जुड़ा हर छोटा-बड़ा डेटा बहुत ही बारीकी से पढ़ता है और समय से पहले ही यह पहचान लेता है कि परफॉर्मेंस में कोई कमी आ रही है या कोई पार्ट जल्द खराब हो सकता है। iPulse सिर्फ ये नहीं बताता कि गड़बड़ी है, बल्कि यह भी समझता है कि असली वजह क्या है। चाहे गाड़ी का इंजन हो, गियर बॉक्स (पावरट्रेन), बैटरी-सिस्टम या कूलिंग सिस्टम – ये प्लैटफॉर्म सब कुछ गहराई से चेक करता है। इससे पता चल जाता है कि दिक्कत कहां से शुरू हुई और उसे कैसे ठीक किया जाए। इससे गाड़ी बीच रास्ते में बंद होने या ज़रूरत से ज़्यादा सर्विस में खर्च होने की नौबत नहीं आती।

Pulse को आप अपने मोबाइल फोन या लैपटॉप से भी चला सकते हैं। जहां चाहें, जब चाहें – गाड़ी की हालत का पूरा हिसाब-किताब आपकी उंगलियों पर होगा। ड्राइवर की ड्राइविंग कैसी है, फ्यूल कितना खर्च हो रहा है, कौन-सा पार्ट कब बदलवाना है – सबकुछ एक ही जगह पर दिखेगा। Force Motors ने इस पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए पुणे में एक खास सेंटर भी शुरू किया है, जहां एक्सपर्ट्स बैठकर देशभर की गाड़ियों को रीयल टाइम में मॉनिटर करते हैं। iPulse को Force Motors की हर नई कमर्शियल गाड़ी में स्टैंडर्ड तौर पर जोड़ा जाएगा। और अगर आपके पास पुरानी Force गाड़ी है, तो भी आप इसे अथॉराइज्ड डीलरशिप से लगवा सकते हैं।

Force Motors का मेक इन इंडिया मास्टरस्ट्रोक : 1 लाख BMW इंजन बनाए

नई दिल्ली : Force Motors और BMW ने मिलकर इंडिया में 1 लाख इंजन बना लिए हैं। ये इंजन चेन्नई के उस प्लांट में बने हैं, जिसे खास तौर पर BMW की गाड़ियों के इंजन बनाने के लिए तैयार किया गया था। भारत-जर्मनी की ये साझेदारी भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाली है। ‘मेक इन इंडिया’ सपना अब हकीकत बन रहा है। Force Motors ने दिखा दिया कि एक भारतीय कंपनी भी ग्लोबल ब्रांड के साथ मिलकर वर्ल्ड-क्लास टेक्नोलॉजी बना सकती है। 100,000वां इंजन इस भरोसे, मेहनत और क्वालिटी का मजबूत सबूत है।

चेन्नई का ये इंजन प्लांट 2015 में खासतौर पर भारत में बनने वाली BMW कारों के इंजन तैयार करने के मकसद से बनाया गया था। BMW की गाड़ियों के दिल इंजन अब भारत में ही बनाए जाते हैं। यह पूरी तरह ऑटोमेटेड असेंबली लाइन है। यहां इंसानों की जगह मशीनें सटीक तरीके से काम करती हैं। इंटरनैशनल क्वालिटी चेक सिस्टम है। हर स्टेप पर कंप्यूटर से मॉनिटरिंग और कंट्रोल, यानी कोई गलती की गुंजाइश नहीं है। प्रशिक्षित प्रोफेशनल स्टाफ है। चेन्नई का यह प्लांट BMW के वर्ल्डवाइड मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम से पूरी तरह मेल खाता है।

BMW और Force Motors की पार्टनरशिप सिर्फ एक कारोबार नहीं है, बल्कि भारत और जर्मनी की टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप का शानदार उदाहरण है। दोनों कंपनियां मिलकर भारत में ही BMW गाड़ियों के लिए हाई-परफॉर्मेंस इंजन बना रही हैं। अब BMW की कई मशहूर कारों के इंजन जर्मनी से आयात नहीं होते बल्कि यहीं भारत में बनाए जाते हैं। इससे ये साबित होता है कि भारत अब ग्लोबल लेवल की टेक्नोलॉजी को देश के अंदर ही तैयार करने में पूरी तरह सक्षम है। BMW और Force Motors की यह पार्टनरशिप न सिर्फ तकनीक में कमाल कर रही है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ विज़न को सच कर रही है।