नई दिल्ली: Maruti Suzuki ने अपने लोकप्रिय SUV मॉडल Grand Vitara की 39,506 यूनिट्स का मेगा रिकॉल जारी किया है। बाहर से देखने पर यह तकनीकी खामी मामूली लगे, लेकिन कंपनी की जांच में यह सामने आया कि यह दिक्कत सीधे तौर पर ड्राइवर की सुरक्षा, गाड़ी की परफॉर्मेंस और लंबे समय की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। मारुति ने देर किए बिना प्रैक्टिकल सेफ्टी एक्शन लेते हुए ग्राहकों को संभावित खतरे से बचाने के लिए यह रिकॉल अनिवार्य किया है, ताकि Grand Vitara की सड़क पर पहचान उसकी पावर ही नहीं, बल्कि भरोसे पर भी कायम रहे।
कंपनी ने बताया कि 9 दिसंबर 2024 से 29 अप्रैल 2025 के बीच बने कुछ Grand Vitara मॉडल्स में फ्यूल लेवल इंडिकेटर और फ्यूल वार्निंग लाइट सही तरह से काम नहीं कर रहे थे। कुछ गाड़ियों में स्पीडोमीटर यह ठीक-ठीक नहीं दिखा रहा था कि टैंक में कितना पेट्रोल बचा है। अब यह गलती छोटी लगे, लेकिन कल्पना कीजिए—कहीं हाइवे पर आप यह सोचकर निकलें कि टैंक भरा हुआ है, और गाड़ी बीच रास्ते रुक जाए… दिक्कत तो होगी ना? यही समझते हुए मारुति सुज़ुकी ने इस मामले में सीधे बड़े स्तर पर रिकॉल का ऐलान किया है।
कंपनी का कहना है कि यह समस्या सिर्फ कुछ चुनिंदा बैचों में देखी गई है, लेकिन कस्टमर सेफ्टी और भरोसे के लिए हर प्रभावित गाड़ी को जांचना जरूरी है। कंपनी अब अपने अधिकृत डीलर वर्कशॉप्स की मदद से ग्राहकों से सीधा संपर्क करेगी। उन्हें अपनी गाड़ी वर्कशॉप में लानी होगी जहाँ फ्री में पार्ट की जांच और रिप्लेसमेंट किया जाएगा। ग्राहक को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। Maruti Suzuki ने मालिकों से अपील की है कि जैसे ही उन्हें रिकॉल का मैसेज या कॉल आए, तुरंत गाड़ी वर्कशॉप में लेकर आएं। यह पूरा प्रोसेस बेहद आसान और झटपट होने वाला है। यह कदम दिखाता है कि मारुति केवल गाड़ियां बेचने तक सीमित नहीं है—वह कस्टमर सेफ्टी को पहले रखती है, और छोटी से छोटी तकनीकी गड़बड़ भी उनकी नजर से बच नहीं पाती। पूरा रिकॉल प्रोसेस तेज़, फ्री और झंझट-मुक्त है। अब देखना यह है कि कंपनी आगे कितनी जल्दी इस समस्या को पूरी तरह ठीक कर पाती है।
