Honda के ई-स्कूटर, बाइक्स का ग्लोबल हब बनेगा INDIA, नंबर 1 की रेस शुरू

नई दिल्ली: Honda ने इंडिया को अपना सबसे बड़ा हब बनाने की रणनीति और तेज कर दी है। कंपनी 2028 तक इंडिया में 80 लाख (8 मिलियन) टू-व्हीलर बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है और इसी के साथ 2028 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए अलग प्लांट भी लगाएगी। कंपनी का फोकस अब भारत में नंबर-1 बनने और EV सेगमेंट पर कब्जा जमाने पर है।

जापानी ऑटो कंपनी Honda ने इंडिया को अपने ग्लोबल टू-व्हीलर बिजनेस का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी तेज कर दी है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में भारत उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार बनेगा। इसी के तहत Honda 2028 तक देश में अपना उत्पादन बढ़ाकर 80 लाख यूनिट सालाना करने की योजना पर काम कर रही है। इंडिया दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर बाजार है, जहां सालाना 2 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बनती हैं और Honda यहां दूसरे नंबर की कंपनी है। अब कंपनी का लक्ष्य साफ है—बाजार में नंबर-1 बनना, जहां उसकी सीधी टक्कर Hero MotoCorp से है।

उत्पादन बढ़ाने में राजस्थान प्लांट सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। यहां की क्षमता अगले 2-3 साल में करीब दोगुनी होकर 13 लाख से बढ़कर 20 लाख यूनिट से ज्यादा हो जाएगी। इसके अलावा कंपनी अपने कर्नाटक और गुजरात प्लांट्स में भी लगातार सुधार कर रही है। Honda अपने पॉपुलर मॉडल्स पर भी पूरा जोर दे रही है। Honda Activa और Honda SP125 जैसे मॉडल्स कंपनी की बिक्री को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

Honda 2028 तक इंडिया में एक अलग EV प्लांट लगाएगी, जहां सिर्फ इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक बनाए जाएंगे। कंपनी का लक्ष्य है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का खर्च (TCO) इतना कम हो जाए कि 3 साल में यह पेट्रोल गाड़ियों के बराबर पड़ने लगे।
हालांकि फिलहाल EV सेगमेंट में Honda पीछे है और TVS Motor Company, Bajaj Auto और Ather Energy जैसी कंपनियां आगे निकल चुकी हैं। कंपनी भारत से एक्सपोर्ट भी बढ़ाएगी और यहां बनी बाइक्स व स्कूटर्स को यूरोप, लैटिन अमेरिका और अन्य बाजारों में भेजेगी। इसके लिए मानेसर (हरियाणा) और बेंगलुरु के R&D सेंटर नई टेक्नोलॉजी और सस्ते प्रोडक्ट्स बनाने पर काम करेंगे।

Honda की रणनीति साफ है—इंडिया में उत्पादन बढ़ाओ, EV पर बड़ा दांव लगाओ और नंबर-1 बनने की रेस जीत लो। आने वाले 2-3 साल में भारतीय टू-व्हीलर बाजार में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल सकता है।

इंडिया बनेगा NOTHING का एक्सपोर्ट हब, Made in India फोन 48 देशों मे बिकेंगे

नई दिल्ली: लंदन की स्मार्टफोन कंपनी Nothing अब इंडिया को अपना एक्सपोर्ट हब बनाने की तैयारी में है। कंपनी ने भारत में बने अपने स्मार्टफोन्स की अमेरिका को एक्सपोर्ट शुरू भी कर दी है। कंपनी के सह-संस्थापक Akis Evangelidis के मुताबिक भारत से एक्सपोर्ट की शुरुआत हो चुकी है और आगे चलकर यहां से 48 देशों में फोन भेजने की योजना है।

इंडिया से सबसे पहले Nothing Phone (2a) एक्सपोर्ट किया गया। इसके बाद Nothing Phone (3a) सीरीज और फ्लैगशिप Nothing Phone (3) भी विदेश भेजे जा रहे हैं। इन फोनों का निर्माण चेन्नई की फैक्ट्री में किया जाता है। इसके लिए Nothing ने चीन की कंपनी BYD के साथ साझेदारी की है। अभी भारत से सबसे ज्यादा स्मार्टफोन एक्सपोर्ट Apple और Samsung करते हैं। Nothing के सब-ब्रांड CMF by Nothing ने 2025 में भारतीय कंपनी Optiemus Electronics के साथ जॉइंट वेंचर बनाया है। इससे पहले Nothing, चीन की कंपनी Transsion की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट iSmartu के साथ काम करती थी। Nothing अब भारत में ज्यादा फोन और गैजेट बनाकर उन्हें दुनिया के कई देशों में भेजना चाहती है।

लंदन की स्मार्टफोन कंपनी Nothing अभी दुनिया के कुल स्मार्टफोन बाजार का लगभग 1.1% हिस्सा रखती है। लेकिन भारत में इसका हिस्सा करीब 3% तक पहुंच चुका है। विश्लेषकों के अनुसार, करीब 2 साल से Nothing भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन ब्रांड रहा है।

इंडियन गवर्नमेंट की Production Linked Incentive (PLI) Scheme ने देश में मोबाइल निर्माण को काफी बढ़ावा दिया। यह योजना 2020 में शुरू हुई थी। इसके तहत कंपनियों को भारत में उत्पादन बढ़ाने पर प्रोत्साहन (इंसेंटिव) मिलता है इसका असर यह हुआ कि अब भारत की करीब 99% मोबाइल मांग ‘मेड इन इंडिया’ फोन से पूरी हो रही है चीन और वियतनाम के मुकाबले भारत में मोबाइल बनाने की लागत अभी भी थोड़ी ज्यादा है। Nothing ने 2020 में अपना कारोबार शुरू किया था। उस समय एक स्मार्टफोन बनाने के लिए कम से कम 5 करोड़ डॉलर (करीब 400 करोड़ रुपये) का निवेश लगता है।

2025 की शुरुआत तक Nothing की कुल कमाई 1 अरब डॉलर (लगभग 8,000 करोड़ रुपये) से ज्यादा हो चुकी थी। हाल ही में कंपनी ने 200 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाई। कंपनी ऐसे AI आधारित नए हार्डवेयर डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। पहला AI-नेटिव डिवाइस भारत में सबसे पहले लॉन्च किया जाएगा।

अहमदाबाद में Ducati बाइक्स की अब इंटरनेशनल लेवल की सर्विस, हाई-टेक सर्विसिंग हब खुला

नई दिल्ली: लग्जरी मोटरसाइकिल ब्रैंड Ducati ने इंडिया में अपने आफ्टर-सेल्स नेटवर्क को और मजबूत करते हुए गुजरात के अहमदाबाद में एक नया सर्विस-ओनली वर्कशॉप शुरू कर दिया है। करीब 2,800 वर्ग फुट में फैली यह अत्याधुनिक सुविधा खास तौर पर Ducati बाइक मालिकों को बेहतर सर्विस अनुभव देने के लिए तैयार की गई है। यह वर्कशॉप शहर के Makarba इलाके में स्थित है, जिससे अहमदाबाद और पूरे गुजरात के Ducati राइडर्स को आसानी से सर्विस सुविधा मिल सकेगी। कंपनी के मुताबिक, यह कदम भारत में प्रीमियम मोटरसाइकिल ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की रणनीति का हिस्सा है। 


नई सर्विस सुविधा FuelMoto Works के सहयोग से तैयार की गई है। इसे पूरी तरह Ducati की ग्लोबल सर्विस स्टैंडर्ड के अनुसार डिजाइन किया गया है। इस वर्कशॉप में दो ऑटोमेटेड सर्विस बे लगाए गए हैं, जहां Ducati मोटरसाइकिल की सर्विसिंग और रिपेयर का काम किया जाएगा। यहां एक डेडिकेटेड अपैरल सेक्शन भी बनाया गया है, जहां Ducati के ओरिजिनल कपड़े और मर्चेंडाइज प्रदर्शित किए जाएंगे।

ग्राहकों की सुविधा के लिए आरामदायक कस्टमर लाउंज भी बनाया गया है, ताकि बाइक सर्विस के दौरान उन्हें प्रीमियम अनुभव मिल सके। यह नया सर्विस सेंटर Ducati बाइक मालिकों को कई तरह की सुविधाएं देगा। यहां रूटीन मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता, एक्सीडेंट रिपेयर, और ओरिजिनल Ducati पार्ट्स व एक्सेसरीज़ की फिटमेंट जैसी सेवाएं दी जाएंगी। कंपनी का कहना है कि इस सुविधा से यह सुनिश्चित होगा कि हर Ducati मोटरसाइकिल को कंपनी के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार देखभाल और सर्विस मिल सके।

Ducati इंडिया के प्रबंध निदेशक बिपुल चंद्रा ने कहा कि अहमदाबाद में प्रीमियम मोटरसाइकिल चलाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां Ducati राइडर्स का उत्साह भी काफी ज्यादा है। ऐसे में यह नई सुविधा गुजरात के Ducati ग्राहकों को बेहतर और आसान सर्विस अनुभव देगी। वहीं, FuelMoto Works के डीलर प्रिंसिपल Harsh Soni ने कहा कि Ducati के साथ साझेदारी करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम Ducati की वैश्विक सर्विस क्वालिटी और तकनीकी सटीकता को बनाए रखते हुए ग्राहकों को बेहतरीन सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है।