Euler Motors ने जुटाए 687 करोड़, 100 शहरों के EV मार्केट में पकड़ बनाएगी कंपनी

नई दिल्ली: Euler Motors ने बड़ी फंडिंग हासिल करते हुए करीब 687.5 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसमें 437.5 करोड़ इक्विटी और 250 करोड़ रुपये कर्ज (डेट) शामिल है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपनी मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने, डीलर नेटवर्क फैलाने और ऑपरेशन मजबूत करने में करेगी। दिल्ली की यह EV कंपनी अब तेजी से विस्तार की तैयारी में है। हरियाणा के पलवल में मौजूद इसके प्लांट की क्षमता पहले से ही सालाना 36,000 वाहनों की है, जिसे अब और बढ़ाया जाएगा।

इस फंडिंग राउंड में Lightrock ने लीड किया, जबकि Hero MotoCorp और Blume Ventures जैसे पुराने निवेशकों ने भी पैसा लगाया। वहीं, BlackSoil, Trifecta, InnoVen और Alteria Capital ने कंपनी को कर्ज दिया है। कंपनी 2018 से अब तक कुल करीब 1,900 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। यह इलेक्ट्रिक तीन-पहिया और चार-पहिया माल ढोने वाले वाहन बनाती है, खासकर “लास्ट-माइल डिलीवरी” यानी शहरों में सामान पहुंचाने के काम के लिए।

FY25 में कंपनी ने 3,050 वाहन बेचे और अब इसका लक्ष्य 60 शहरों से बढ़ाकर 100 शहरों तक पहुंचना है। साथ ही, शोरूम और सर्विस पॉइंट्स को 80 से बढ़ाकर 100 करने की योजना है। Euler Motors का 3-व्हीलर EV HiLoad EV काफी लोकप्रिय रहा है, जिसने अब तक 11 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की है और इससे करीब 15,000 टन CO2 उत्सर्जन कम हुआ है।

2024 में कंपनी ने 4-व्हीलर सेगमेंट में भी एंट्री की और Storm EV लॉन्च किया, जिसमें ADAS जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए। हाल ही में लॉन्च हुआ Turbo EV1000 (1 टन क्षमता वाला सस्ता इलेक्ट्रिक वाहन) की सिर्फ 80 दिनों में 1,000 यूनिट्स बिक चुकी है। कंपनी के CEO सौरव कुमार के मुताबिक, यह फंडिंग कंपनी के लिए “अगले बड़े ग्रोथ फेज” की शुरुआत है, जहां अब फोकस बड़े स्तर पर विस्तार और मजबूत नेटवर्क बनाने पर होगा। Euler Motors अब इंडिया में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।

राजस्थान में HONDA का पावर प्ले, 1500 करोड़ के निवेश से नया प्लांट करेगा कमाल

नई दिल्ली: इंडिया में बढ़ती दोपहिया वाहनों की मांग को देखते हुए Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी राजस्थान के टपूकड़ा (अलवर) प्लांट में नई प्रोडक्शन लाइन जोड़कर अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा रही है। इस विस्तार के तहत यहां तीसरी प्रोडक्शन लाइन लगाई जा रही है, जो 2028 से शुरू होगी और हर साल करीब 6.7 लाख दोपहिया वाहन बनाने में सक्षम होगी।

इस नए विस्तार के बाद टपूकड़ा प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर करीब 20.1 लाख यूनिट सालाना हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट से 2,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की भी उम्मीद है, जिससे इलाके के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। कंपनी का कहना है कि भारत में तेजी से बदलती मोबिलिटी जरूरतों को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। आने वाले समय में स्कूटर और मोटरसाइकिल की मांग और बढ़ने वाली है, ऐसे में कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता मजबूत कर रही है ताकि ग्राहकों को समय पर गाड़ियां मिल सकें।

राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने भी इस निवेश का स्वागत किया और कहा कि इससे राज्य में उद्योग, रोजगार और ऑटो सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। HMSI के देशभर में चार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिनकी मौजूदा सालाना क्षमता करीब 62.5 लाख यूनिट है। कंपनी 2001 से अब तक 7 करोड़ (70 मिलियन) से ज्यादा दोपहिया वाहन बना चुकी है, जो भारत में उसकी मजबूत मौजूदगी दिखाता है। कंपनी गुजरात के विठलापुर प्लांट में भी नई प्रोडक्शन लाइन जोड़ रही है, जो 2027 में शुरू होगी। इन सभी विस्तार योजनाओं के बाद HMSI की कुल उत्पादन क्षमता 2028 तक बढ़कर करीब 80 लाख (8 मिलियन) यूनिट सालाना हो जाएगी।

इस प्रोजेक्ट पर कंपनी करीब ₹1500 करोड़ (15 बिलियन रुपये) का निवेश कर रही है और इसके लिए टपूकड़ा में अतिरिक्त जमीन भी खरीदी जा रही है। Honda का यह कदम साफ दिखाता है कि कंपनी भारत में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने, ज्यादा रोजगार देने और बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम कर रही है।

Honda का राजस्थान में 1200 करोड़ का निवेश, इलेक्ट्रिक कार बनाएगी कंपनी

नई दिल्ली: जापानी ऑटो कंपनी Honda इंडिया में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार बनाने की तैयारी में है। कंपनी राजस्थान के टपूकड़ा प्लांट में करीब ₹1,200 करोड़ का निवेश कर अपनी पहली EV Honda 0 Alpha का उत्पादन शुरू करेगी। इस प्रोजेक्ट से राज्य में रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने Honda Cars India के प्रेसिडेंट और CEO ताकाशी नाकाजिमा के साथ बैठक की, जिसमें कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान टपूकड़ा प्लांट में Honda 0 Alpha के निर्माण का प्रस्ताव सामने रखा गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹1,200 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसी साल के आखिर तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है। यह कदम राजस्थान सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्लीन और ग्रीन मोबिलिटी को आगे बढ़ाया जा रहा है। टपूकड़ा प्लांट को Honda के लिए इंडिया में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री के “Make in India for the World” विजन के अनुरूप है।

बताया जा रहा है कि Honda 0 Alpha मॉडल की झलक भी इस बैठक के दौरान पेश की गई। इस प्रोजेक्ट की नींव उस समय पड़ी थी, जब सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री के जापान दौरे के दौरान Honda को Rising Rajasthan Global Investment Summit की तैयारियों के तहत राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कहा कि इससे राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। Honda का यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है, वहीं राजस्थान को भी ऑटो इंडस्ट्री के नए हब के रूप में मजबूत करेगा।

इलेक्ट्रिक ट्रकों का हब बनेगा आंध्रप्रदेश, 100 करोड़ लगाएगी Cargo Matters

नई दिल्ली: लॉजिस्टिक्स और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी Cargo Matters आंध्र प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से जुड़ा बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी ने राज्य सरकार के साथ समझौता कर करीब 100 करोड़ रुपये निवेश करके EV मैन्युफैक्चरिंग और चार्जिंग हब बनाने की घोषणा की है। यह प्रोजेक्ट इंडिया का पहला इंटीग्रेटेड ग्रीन फ्रेट हब माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारी कमर्शियल वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाना है।

कंपनी के मुताबिक इस कुल निवेश में से लगभग 50 करोड़ रुपये सिर्फ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र में भारी-भरकम इलेक्ट्रिक ट्रकों और कमर्शियल वाहनों के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जा सके। यह हब माल ढुलाई के क्षेत्र को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले इलाके में स्थापित की जाएगी। इसके लिए Cargo Matters ने Andhra Pradesh Industrial Infrastructure Corporation (APIIC) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी सौंप दी है और करीब 18 एकड़ औद्योगिक जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन Umesh Padala ने कहा कि मदनपल्ले में बनने वाली यह सुविधा ट्रक और अन्य भारी वाहनों के मालिकों को इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए किफायती समाधान देगी। यहां आधुनिक रेट्रोफिटिंग सुविधा भी होगी, जिससे डीजल या पारंपरिक वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदला जा सकेगा और भारी वाहनों के लिए समर्पित चार्जिंग नेटवर्क भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट में चार्जर निर्माण के लिए अलग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, भारी वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए खास रेट्रोफिटिंग सेंटर और रिसर्च-डेवलपमेंट (R&D) सुविधा भी बनाई जाएगी, जहां नए सिस्टम की टेस्टिंग और प्रमाणन का काम होगा। Andhra Pradesh Industrial Infrastructure Corporation के डायरेक्टर पी. एन. महेश ने कहा कि यह प्रोजेक्ट राज्य की Andhra Pradesh Sustainable Electric Mobility Policy 4.0 (2024–2029) के अनुरूप है और ग्रीन फ्रेट मिशन आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के भी बड़े अवसर बनेंगे। इस प्रोजेक्ट से करीब 1,000 लोगों को सीधे और लगभग 3,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को फायदा होगा।

Ashok Leyland का बड़ा दांव: चेन्नई के पास लगेगा 500 करोड़ रुपये का EV बैटरी प्लांट

नई दिल्ली: कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनी Ashok Leyland ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने तमिलनाडु के चेन्नई के पास पिल्लैपक्कम में करीब 400–500 करोड़ रुपये के निवेश से नए EV बैटरी पैक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने की शुरुआत कर दी है। इस प्लांट में खास तौर पर इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के लिए बैटरी पैक तैयार किए जाएंगे।

यह नया ग्रीनफील्ड प्लांट Pillaipakkam इलाके में बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की घोषणा उस समझौते (MoU) के बाद हुई थी, जो कंपनी और Government of Tamil Nadu के बीच सितंबर 2025 में साइन किया गया था। कंपनी का कहना है कि यह नया प्लांट भारत में EV कंपोनेंट्स के लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा और देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में मदद करेगा। इससे इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों के लिए जरूरी बैटरी पैक देश में ही तैयार किए जा सकेंगे।

इस परियोजना की आधारशिला तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के. स्टालिन ने रखी। इस मौके पर राज्य के उद्योग मंत्री टी.आर. बी. राजा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में Ashok Leyland के प्रबंध निदेशक और सीईओ Shenu Agarwal, भी शामिल हुए। कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन Dheeraj Hinduja ने कहा कि यह नया प्लांट कंपनी की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा का अहम कदम है और इससे भारत में मजबूत EV इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी।

कंपनी का कहना है कि इस फैक्ट्री में आधुनिक और सुरक्षित बैटरी पैक तकनीक विकसित की जाएगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की परफॉर्मेंस औरविश्वसनीयता बेहतर होगी। इस प्रोजेक्ट से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्किल डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि Ashok Leyland पहले से ही Tamil Nadu में कई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चला रही है और पिछले कई दशकों में राज्य में 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर चुकी है। नया बैटरी प्लांट राज्य की EV नीति और देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सरकारी योजनाओं के अनुरूप माना जा रहा है।

Maruti Suzuki : 35,000 करोड़ से गुजरात बनेगा ऑटो हब, हर साल बनेंगी 10 लाख कारें

गांधीनगर/नई दिल्ली: इंडिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited (MSIL) ने गुजरात के खोराज में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने की योजना की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी 35,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां सालाना 10 लाख वाहनों की उत्पादन क्षमता होगी।

Maruti Suzuki के MD Hisashi Takeuchi ने निवेश पत्र मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य में 12,000 से ज्यादा रोजगार अवसर पैदा करेगी। इससे गुजरात में ऑटो पार्ट्स, सहायक इकाइयों और MSMEs का भी विकास होगा, जिससे यहां मजबूत ऑटो क्लस्टर तैयार होगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “Maruti Suzuki खोराज में बड़ी, हाई-टेक और पूरी तरह आधुनिक कार बनाने की फैक्ट्री लगाने के लिए निवेश पत्र सौंपना गर्व की बात है। मोदी के ‘Make in India, Make for the World’ विजन के तहत गुजरात भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को लगातार मजबूत इसमें सैकड़ों या हज़ारों कर्मचारी काम करेंगे। सालाना लाखों कारें उत्पादित (produce) की जा सकेंगी। यह सिर्फ गाड़ी बनाने का प्लांट नहीं, बल्कि पूरा ऑटोमोटिव इंडस्ट्री क्लस्टर होगा। पार्ट्स बनाने, सप्लाई करने और नौकरी देने वाला बड़ा केंद्र भी होगा।

नया प्लांट 1,750 एकड़ जमीन पर GIDC द्वारा स्थापित किया जाएगा। इस हफ्ते ही कंपनी ने अपने बोर्ड की मंजूरी से 4,960 करोड़ रुपये का भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव पास किया था, ताकि उत्पादन क्षमता का विस्तार किया जा सके। Maruti Suzuki ने 2025 में 22.55 लाख वाहनों का उत्पादन किया, जो अब तक का सबसे उच्च उत्पादन है। वहीं, 3.95 लाख वाहनों का निर्यात किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 21% से अधिक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, Maruti Suzuki का गुजरात में नया प्लांट न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि राज्य में वैश्विक निवेशकों का भरोसा और औद्योगिक विकास भी मजबूत करेगा। यह निवेश योजना न सिर्फ Maruti Suzuki के लिए, बल्कि गुजरात और पूरे देश के लिए बड़े रोजगार और आर्थिक अवसर लेकर आएगी।

नागपुर में बनेगा Mahindra का ऑटो-ट्रैक्टर प्लांट, 15000 करोड़ लगाएगी कंपनी

नई दिल्ली: देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra & Mahindra (M&M) ने महाराष्ट्र में बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी अगले 10 साल में ₹15,000 करोड़ खर्च कर नागपुर में अपनी अब तक की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। इस नई फैक्ट्री में कारें और ट्रैक्टर बनाए जाएंगे। यहां से उत्पादन की शुरुआत 2028 से होने की उम्मीद है। यह निवेश Mahindra के मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को और मजबूत करेगा और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र को औद्योगिक रूप से नई पहचान देगा।

Mahindra की यह नई यूनिट विदर्भ में करीब 1,500 एकड़ जमीन पर विकसित की जाएगी। इसके साथ ही सांभाजीनगर (औरंगाबाद) में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी बनाया जाएगा। यह सप्लायर पार्क कंपनी की सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, जिससे पार्टनर कंपनियों के साथ बेहतर तालमेल, तेज लॉजिस्टिक्स और ज्यादा लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। यही सप्लायर पार्क नागपुर की नई यूनिट के साथ-साथ Mahindra के चाकन और नासिक प्लांट्स को भी पार्ट्स सप्लाई करेगा।

15,000 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत Mahindra तीन अलग-अलग जगहों पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदेगी। इसके अलावा कंपनी इगतपुरी-नासिक क्षेत्र में भी जमीन लेगी, ताकि मौजूदा प्रोडक्ट और इंजन कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी बिजनेस को सपोर्ट मिले। जब यह नया प्लांट पूरी तरह से चालू हो जाएगा, तब इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 5 लाख से ज्यादा वाहन और 1 लाख ट्रैक्टर होगी। यह यूनिट Mahindra की नेक्स्ट-जेनरेशन प्लेटफॉर्म्स, खासतौर पर NU_IQ आर्किटेक्चर, को सपोर्ट करेगी। यहां पेट्रोल-डीजल (ICE), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और भविष्य की नई तकनीकों पर आधारित वाहन बनाए जा सकेंगे।

ये वाहन न सिर्फ इंडिया बल्कि ग्लोबल मार्केट के लिए भी तैयार किए जाएंगे। Mahindra, जो पहले से ही दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी है, इस नए प्लांट के जरिए कृषि उपकरण क्षेत्र में अपनी लीडरशिप और मजबूत करना चाहती है। Mahindra के ऑटो और फार्म सेक्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं CEO राजेश जेजुरिकर ने कहा कि यह प्लांट कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग सफर में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह यूनिट बड़े पैमाने, आधुनिक तकनीक और लचीलापन एक ही जगह पर उपलब्ध कराएगी और महाराष्ट्र के साथ Mahindra की साझेदारी को और गहरा करेगी।

Mahindra Group का बड़ा ऐलान: नागपुर में लगेगी इंडिया की सबसे बड़ी Integrated Auto & Tractor Facility; 15000 करोड़ का निवेश

नागपुर: इंडियन ऑटोमोबाइल दिग्गज Mahindra Group ने महाराष्ट्र के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देते हुए नागपुर में अपनी सबसे बड़ी Integrated Manufacturing Facility स्थापित करने की घोषणा की है। ₹15,000 करोड़ के भारी-भरकम निवेश वाली यह परियोजना न केवल Mahindra की विकास यात्रा में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह विदर्भ क्षेत्र को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगी।

यहाँ इस मेगा प्रोजेक्ट की मुख्य बातें दी गई हैं:

प्रोजेक्ट का आकार और स्थान

नागपुर फैसिलिटी: विदर्भ क्षेत्र में 1500 एकड़ के विशाल क्षेत्र में यह अत्याधुनिक प्लांट विकसित किया जाएगा।
Sambhajinagar Supplier Park: प्लांट की सप्लाई-चेन को मज़बूत करने के लिए संभाजीनगर में 150 एकड़ का एक समर्पित Supplier Park बनाया जाएगा।

विस्तार: इसके अलावा, Mahindra अपने एडवांस्ड टेक्नोलॉजी बिज़नेस के लिए Igatpuri-Nashik क्षेत्र में भी ज़मीन खरीदेगा।

उत्पादन क्षमता और तकनीक

यह प्लांट Mahindra का देश में सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा:
क्षमता: सालाना 5 लाख से ज़्यादा वाहन और 1 लाख Tractor।
Production Start: इस फैसिलिटी में उत्पादन 2028 से शुरू होने की उम्मीद है।
Next-Gen Platforms: यहाँ Mahindra Auto के अगली पीढ़ी के NU_IQ Architecture पर आधारित वाहनों का निर्माण होगा।
Multi-Powertrain: यह प्लांट ICE (पेट्रोल-डीजल), EV (इलेक्ट्रिक) और भविष्य की नई तकनीकों वाले वाहनों को बनाने में सक्षम होगा।

नेतृत्व की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने कहा, “महाराष्ट्र में अपनी सबसे बड़ी फैसिलिटी लगाने का Mahindra का फैसला राज्य की प्रगतिशील नीतियों का सबूत है। यह ऐतिहासिक निवेश विदर्भ में रोज़गार और क्षेत्रीय विकास को एक नई गति देगा।”

Rajesh Jejurikar (Executive Director & CEO, Auto & Farm Sector, Mahindra & Mahindra Ltd) ने कहा, “यह फैसिलिटी हमारी मैन्युफैक्चरिंग यात्रा का एक बड़ा कदम है। यह प्लांट ‘Make in India for the World’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मज़बूत करता है, जहाँ हम स्केल, फ्लेक्सिबिलिटी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को एक साथ लाएंगे।”

रणनीतिक फायदे

Connectivity: नागपुर को इसके Samruddhi Expressway, मज़बूत रेल लिंक और देश के केंद्र में होने की वजह से चुना गया है, जिससे घरेलू और निर्यात बाज़ारों तक पहुँच आसान होगी।
Supply Chain: संभाजीनगर का Supplier Park न केवल नागपुर, बल्कि Chakan और Nashik स्थित Mahindra के मौजूदा प्लांट्स को भी कंपोनेंट सप्लाई करेगा।

EV मार्केट में क्रांति : MATTER 3 साल में 915 करोड़ का निवेश करेगी, 4 नई बाइक और एक स्कूटर लॉन्च करेगी

नई दिल्ली: इंडियन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर में बड़ी टेक्नोलॉजी क्रांति की शुरुआत हो गई है। अहमदाबाद की EV कंपनी MATTER Motor Works ने अपने Technology Day 3.0 इवेंट में देश का पहला AI-Defined Vehicle (AIDV) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में बाइक और स्कूटर सिर्फ इलेक्ट्रिक नहीं बल्कि इंटेलिजेंट मशीनें बनेंगी, जो खुद सीखेंगी और बेहतर होती जाएंगी। MATTER Motor Works ने अगले तीन वर्षों में करीब 100 मिलियन डॉलर (लगभग 915 करोड़ रुपये) निवेश करने का बड़ा ऐलान किया है।

कंपनी के फाउंडर और ग्रुप CEO Mohal Lalbhai ने बताया कि MATTER आने वाले वर्षों में चार नई इलेक्ट्रिक बाइक और एक इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करेगी। अभी कंपनी की प्रमुख इलेक्ट्रिक बाइक AERA बाजार में मौजूद है। कंपनी 2026 में 150cc सेगमेंट की इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च करेगी, जबकि 2027 में 125cc कैटेगरी की बाइक आएगी। इसके बाद 2028 और 2029 में 150cc और 200cc सेगमेंट के अलग-अलग नए मॉडल पेश किए जाएंगे। इलेक्ट्रिक स्कूटर को 2029 के आसपास लॉन्च करने की योजना है।

MATTER का लक्ष्य 2029 तक सालाना 3 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री करने का है। कंपनी 2026 में करीब 20,000 से 25,000 वाहनों की बिक्री का अनुमान लगा रही है। इसके बाद तेजी से उत्पादन और बिक्री बढ़ाने की योजना है। अभी कंपनी 15 शहरों में 20 डीलरशिप के साथ काम कर रही है, जिसे 2028 तक करीब 500 डीलरशिप तक ले जाने की योजना है।

कंपनी 2027 से अफ्रीका, पूर्वी यूरोप और दक्षिण अमेरिका जैसे बाजारों में इलेक्ट्रिक बाइक का निर्यात शुरू करना चाहती है। MATTER ने दुर्लभ अर्थ मैग्नेट्स पर निर्भरता कम करने के लिए रेयर-अर्थ-फ्री मोटर टेक्नोलॉजी भी विकसित की है, ताकि चीन पर निर्भरता घटाई जा सके।

MATTER का AIDV प्लेटफॉर्म नई पीढ़ी की शुरुआत है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीधे बाइक के काम करने के तरीके को नियंत्रित करेगा। MATTER का दावा है कि कंपनी के पास 400 से ज्यादा टेक्नोलॉजी इनोवेशन और 97 पेटेंट हैं। कंपनी MATTER का AIDV प्लेटफॉर्म भारतीय टू-व्हीलर इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जहां भविष्य की बाइक सिर्फ बिजली से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भी चलेंगी।

VinFast के तमिलनाडु प्लांट के लिए 200 हेक्टेयर जमीन अलॉट, USD 500 मिलियन निवेश

हनोई/नई दिल्ली: ग्लोबल इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता VinFast ने तमिलनाडु सरकार से एक MOU साइन किया है। समझौते के तहत तमिलनाडु के थूथुकुडी के SIPCOT इंडस्ट्रियल पार्क में लगभग 200 हेक्टेयर जमीन VinFast को अलॉट की जाएगी। इससे कंपनी को इलेक्ट्रिक कारों के अलावा इलेक्ट्रिक बस, ई-स्कूटर और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का मौका देगा। तमिलनाडु सरकार VinFast को जरूरी परमिट्स, बिजली, पानी, सड़क, ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी बुनियादी सुविधाओं में सहयोग प्रदान करेगी।

VinFast की USD 2 बिलियन की प्रतिबद्धता के दूसरे चरण के तहत कंपनी थूथुकुडी में USD 500 मिलियन का निवेश करेगी। इस निवेश से नए वर्कशॉप और प्रोडक्शन लाइन तैयार की जाएंगी, जो इलेक्ट्रिक बस और ई-स्कूटर के निर्माण, असेंबली और टेस्टिंग सहित संबंधित ऑपरेशन्स को कवर करेंगी। थूथुकुडी का प्लांट 400 एकड़ (160 हेक्टेयर) में फैला है। इसकी प्रारंभिक वार्षिक क्षमता 50,000 इलेक्ट्रिक वाहन की है, जिसे 150,000 यूनिट तक बढ़ाने की योजना है।

VinFast एशिया के CEO Pham Sanh Chau ने कहा, “तमिलनाडु प्लांट के विस्तार से हम भारत में अपनी उत्पाद रेंज बढ़ा पाएंगे, इलेक्ट्रिक कारों के अलावा इलेक्ट्रिक बस और ई-स्कूटर भी पेश करेंगे। यह पहल नए रोजगार सृजन, स्थानीयकरण को बढ़ावा और स्थानीय वर्कफोर्स के कौशल को मजबूत करने में मदद करेगी।” तमिलनाडु सरकार के उद्योग मंत्री Dr. T.R.B. Rajaa ने कहा, “VinFast ने इंडियन मार्केट में प्रवेश के बाद EV इकोसिस्टम का लगातार विस्तार किया है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, आफ्टरसेल्स सर्विस और बैटरी रीसायक्लिंग शामिल हैं। कंपनी के 24 डीलर प्रमुख शहरों में काम कर रहे हैं और वर्ष के अंत तक इसे 35 तक बढ़ाने का लक्ष्य है।