Mahindra बना India का ग्रीन हीरो: 3 लाख EV की बिक्री, 5 अरब KM का मिशन CO₂ क्लीन सफर

मुंबई: Mahindra Last Mile Mobility Limited (MLMML) ने एक बार फिर इंडिया की सड़कों पर “ग्रीन क्रांति” का बिगुल बजा दिया है। देश की नंबर 1 इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल निर्माता कंपनी ने 3 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। पिछले सिर्फ 12 महीनों में ही कंपनी ने 1 लाख ईवी की बिक्री की है, जो इस बात का सबूत है कि ग्राहकों का भरोसा अब पूरी तरह महिंद्रा के ईवी पर टिका है।

Mahindra का यह मील का पत्थर केवल बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि एक हरित भारत की दिशा में बड़े कदम का प्रतीक है। महिंद्रा के जितने भी इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) अब तक सड़क पर चले हैं, उन्होंने कुल मिलाकर 5 अरब किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की है। अगर इतने किलोमीटर का सफर डीज़ल या पेट्रोल वाहनों से किया जाता, तो उससे बहुत बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) निकलती — जो पर्यावरण के लिए हानिकारक गैस है। ये सभी गाड़ियां इलेक्ट्रिक हैं, इसलिए उन्होंने लगभग 1.85 लाख टन (185 किलो मीट्रिक टन) CO₂ के उत्सर्जन को रोका है। इतना कार्बन बचाना वैसा ही है, जैसे आपने 43 लाख पेड़ लगाए हों। इन ईवी वाहनों से प्रदूषण कम होना 43 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। महिंद्रा के इलेक्ट्रिक वाहनों ने न सिर्फ सफर को “क्लीन और ग्रीन” बनाया है, बल्कि धरती को सांस लेने की राहत भी दी है।

Mahindra की लाइनअप में Treo, Zor Grand, e-Alfa जैसे मशहूर तीन-पहिया वाहनों से लेकर Mahindra ZEO जैसे चार-पहिया ईवी तक है। हर मॉडल ने भारतीय सड़कों पर ई-मोबिलिटी की पहचान को नई ऊंचाई दी है। Mahindra ने सिर्फ वाहन नहीं बनाए, बल्कि जीविका और आत्मनिर्भरता की रफ्तार बढ़ाई। पिछले साल 2 लाख यूनिट पूरे करने पर लॉन्च किए गए ‘UDAY NXT’ प्रोग्राम ने ड्राइवरों को 20 लाख का इंश्योरेंस, वित्तीय सलाह और एम्पावरमेंट का नया रास्ता दिया था। अब 3 लाख का आंकड़ा पार करने पर कंपनी ने अपग्रेडेड ‘NEMO’ प्लैटफॉर्म पेश किया है — जिससे ड्राइवर और फ्लीट ओनर अपने वाहनों को रियल टाइम में ट्रैक, मॉनिटर और मैनेज कर सकते हैं।