3.50 लाख रुपये में S-Presso सबसे किफायती ऑटोमैटिक कार, 37500 तक के ऑफऱ

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki की लोकप्रिय मिनी-SUV Maruti Suzuki S-Presso का AGS (Auto Gear Shift) वर्जन अब पहले से ज्यादा सस्ता हो गया है। 2026 की शुरुआत में कंपनी ने इसकी कीमत में बड़ा संशोधन किया है, जिसके बाद यह भारत की सबसे किफायती ऑटोमैटिक कारों में शामिल हो गई है। कीमत कम होने और अच्छी माइलेज की वजह से यह कार बजट खरीदारों के लिए फिर से आकर्षक विकल्प बनकर सामने आई है।

20 जनवरी 2026 तक S-Presso की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग 3.50 लाख रुपये हो गई है। पहले इसकी कीमत इससे ज्यादा थी, लेकिन 2025 के अंत में GST से जुड़ी कीमत कटौती और बाद में हुए संशोधन के कारण यह सस्ती हो गई। इसी वजह से अब इसने Maruti Suzuki Alto K10 को पीछे छोड़ते हुए भारत की सबसे सस्ती प्रमुख कारों में अपनी जगह बना ली है।

S-Presso का टॉप मॉडल VXI+ (O) AGS लगभग 5.25 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध है। फरवरी 2026 में कंपनी इस कार पर करीब 37,500 रुपये तक के कंज्यूमर ऑफर भी दे रही थी, जिससे इसकी ऑन-रोड कीमत और भी किफायती हो सकती है। परफॉर्मेंस के मामले में भी यह कार अपने सेगमेंट में मजबूत मानी जाती है। इसमें Next Generation K-Series का 1.0 लीटर Dual Jet, Dual VVT पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह इंजन Idle Start-Stop तकनीक के साथ आता है, जिससे ट्रैफिक में खड़े होने पर इंजन अपने-आप बंद हो जाता है और फ्यूल की बचत होती है।

S-Presso के AGS वेरिएंट में लगभग 25.30 किलोमीटर प्रति लीटर तक की फ्यूल एफिशिएंसी मिलती है। यही वजह है कि कम कीमत और ज्यादा माइलेज की तलाश करने वाले ग्राहकों के बीच यह कार काफी लोकप्रिय है। इसमें एयरबैग, ABS, बेहतर बॉडी स्ट्रक्चर और कई बेसिक सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं, जिससे यह बजट सेगमेंट में एक सुरक्षित विकल्प बनती है। कुल मिलाकर, कम कीमत, ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, अच्छी माइलेज और भरोसेमंद ब्रांड की वजह से Maruti Suzuki S-Presso AGS आज भी भारतीय बाजार में किफायती कार खरीदने वालों के लिए एक मजबूत और लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है।

Maruti Suzuki ने NEXA नेटवर्क में लगाया ‘दोहरा शतक’; 200वें NEXA स्टूडियो का हुआ भव्य उद्घाटन

नई दिल्ली: Maruti Suzuki India Limited (MSIL) ने अपने प्रीमियम रिटेल नेटवर्क NEXA की पहुंच को और विस्तार देते हुए आज 200वें NEXA Studio आउटलेट के उद्घाटन की घोषणा की है। यह मील का पत्थर कंपनी के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत वह प्रीमियम कार ओनरशिप के अनुभव को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर देश के छोटे और अर्ध-शहरी (Semi-urban) इलाकों तक ले जाना चाहती है।

NEXA नेटवर्क: एक नज़र में

Maruti Suzuki ने अपने प्रीमियम ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए NEXA चैनल को दो विशेष फॉर्मेट में बांटा है:
NEXA मेन आउटलेट (Main Outlet): मुख्य रूप से बड़े महानगरों और टियर-1 शहरों में स्थित।
NEXA स्टूडियो आउटलेट (Studio Outlet): छोटे शहरों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन किया गया, ताकि वहाँ के ‘एस्पिरेशनल’ ग्राहकों को भी प्रीमियम अनुभव मिल सके।
वर्तमान स्थिति:
कुल आउटलेट्स: 740+ (मेन और स्टूडियो मिलाकर)
शहरों की संख्या: 530+ से अधिक शहरों में मौजूदगी।

मैनेजिंग डायरेक्टर का विजन

Maruti Suzuki के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने इस अवसर पर कहा, “NEXA का मतलब है इनोवेशन, डिज़ाइन और प्रीमियम अनुभव। अर्ध-शहरी इलाकों में हमारे ग्राहकों का एक ऐसा वर्ग तेजी से बढ़ रहा है जो प्रीमियम कार खरीदना चाहता है। NEXA स्टूडियो के जरिए हम उनकी इस आकांक्षा को पूरा कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य FY 2030-31 के अंत तक इन स्टूडियो आउटलेट्स की संख्या को 200 से बढ़ाकर 600 तक ले जाना है।”

क्यों खास है ‘NEXA स्टूडियो’

Maruti Suzuki की यह रणनीति काफी सोची-समझी है। छोटे शहरों के ग्राहक अब सिर्फ गाड़ी नहीं, बल्कि एक ‘लग्जरी बाइंग एक्सपीरियंस’ चाहते हैं। NEXA स्टूडियो छोटे स्पेस में भी वही प्रीमियम टच प्रदान करता है जो ग्राहकों को बड़े शहरों के शोरूम में मिलता है।

भविष्य की योजना: कंपनी अगले 4-5 वर्षों में अपने फुटप्रिंट्स को लगभग तीन गुना (600 आउटलेट्स) करने की तैयारी में है, जो इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट में Maruti के दबदबे को और मजबूत करेगा।


मानेसर से कश्मीर तक ट्रेन से भेजीं 5.85 लाख गाड़ियां, Maruti Suzuki का रेल मॉडल हिट

नई दिल्ली: Maruti Suzuki India Limited ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 2025 में रेलवे से 5.85 लाख से ज्यादा वाहनों की डिलीवरी की, जो 2024 की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है। यह अब तक का Maruti Suzuki का सबसे बड़ा रेल डिस्पैच है। इस पहल से न सिर्फ करीब 87,904 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन बचा, बल्कि 687 लाख लीटर से ज्यादा ईंधन की भी बचत हुई।

पिछले दस वर्षों में Maruti Suzuki ने गाड़ियों को भेजने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। पहले ज्यादातर वाहन सड़क के जरिए भेजे जाते थे, लेकिन अब कंपनी तेजी से रेल परिवहन की ओर बढ़ी है। 2016 में जहां सिर्फ हर 100 में से करीब 5 गाड़ियां रेल से जाती थीं, वहीं 2025 में हर 100 में से लगभग 26 गाड़ियां रेल के जरिए भेजी जा रही हैं। रेल से भेजी जाने वाली गाड़ियों की संख्या करीब 77 हजार से बढ़कर 5.85 लाख से ज्यादा हो गई है।

Maruti Suzuki India Limited के MD & CEO Mr. Hisashi Takeuchi ने कहा कि 2025 में Manesar फैक्ट्री में ही रेल लाइन जुड़ गई है। इससे गाड़ियां सीधे प्लांट से ट्रेन में लोड होकर देश के अलग-अलग हिस्सों तक भेजी जा सकती हैं। वहीं चेनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे railway arch bridge के जरिए Kashmir valley तक रेल से वाहनों की सप्लाई करने वाली Maruti Suzuki पहली ऑटोमोबाइल कंपनी बन गई है। कंपनी का लक्ष्य 2030-31 तक रेल के जरिए वाहन डिस्पैच को 35 प्रतिशत तक बढ़ाना है, ताकि 2070 तक भारत के net-zero लक्ष्य में योगदान दिया जा सके।

Maruti Suzuki ने 2014-15 से अब तक कंपनी ने 22 अलग-अलग डेस्टिनेशन से देश के 600 से ज्यादा शहरों तक करीब 28 लाख से अधिक वाहनों को रेल के जरिए पहुंचाया है। कंपनी के पास फिलहाल 45 से ज्यादा flexi deck rakes हैं। ये खास तरह की ट्रेनें होती हैं, जिनमें एक बार में करीब 260 गाड़ियां ले जाई जा सकती हैं। 2025 में Gujarat और Manesar के in-plant railway siding से भेजे गए वाहन कुल रेल डिस्पैच का 53 प्रतिशत रहे। कंपनी अब फैक्ट्री से सीधे रेल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है, जिससे समय, खर्च और कार्बन उत्सर्जन—तीनों में कमी आ रही है।

Maruti Suzuki : 35,000 करोड़ से गुजरात बनेगा ऑटो हब, हर साल बनेंगी 10 लाख कारें

गांधीनगर/नई दिल्ली: इंडिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited (MSIL) ने गुजरात के खोराज में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने की योजना की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी 35,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां सालाना 10 लाख वाहनों की उत्पादन क्षमता होगी।

Maruti Suzuki के MD Hisashi Takeuchi ने निवेश पत्र मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य में 12,000 से ज्यादा रोजगार अवसर पैदा करेगी। इससे गुजरात में ऑटो पार्ट्स, सहायक इकाइयों और MSMEs का भी विकास होगा, जिससे यहां मजबूत ऑटो क्लस्टर तैयार होगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “Maruti Suzuki खोराज में बड़ी, हाई-टेक और पूरी तरह आधुनिक कार बनाने की फैक्ट्री लगाने के लिए निवेश पत्र सौंपना गर्व की बात है। मोदी के ‘Make in India, Make for the World’ विजन के तहत गुजरात भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को लगातार मजबूत इसमें सैकड़ों या हज़ारों कर्मचारी काम करेंगे। सालाना लाखों कारें उत्पादित (produce) की जा सकेंगी। यह सिर्फ गाड़ी बनाने का प्लांट नहीं, बल्कि पूरा ऑटोमोटिव इंडस्ट्री क्लस्टर होगा। पार्ट्स बनाने, सप्लाई करने और नौकरी देने वाला बड़ा केंद्र भी होगा।

नया प्लांट 1,750 एकड़ जमीन पर GIDC द्वारा स्थापित किया जाएगा। इस हफ्ते ही कंपनी ने अपने बोर्ड की मंजूरी से 4,960 करोड़ रुपये का भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव पास किया था, ताकि उत्पादन क्षमता का विस्तार किया जा सके। Maruti Suzuki ने 2025 में 22.55 लाख वाहनों का उत्पादन किया, जो अब तक का सबसे उच्च उत्पादन है। वहीं, 3.95 लाख वाहनों का निर्यात किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 21% से अधिक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, Maruti Suzuki का गुजरात में नया प्लांट न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि राज्य में वैश्विक निवेशकों का भरोसा और औद्योगिक विकास भी मजबूत करेगा। यह निवेश योजना न सिर्फ Maruti Suzuki के लिए, बल्कि गुजरात और पूरे देश के लिए बड़े रोजगार और आर्थिक अवसर लेकर आएगी।

Maruti Suzuki ने जोड़े पांच स्टार्टअप, फैक्ट्रियों में आएगी स्मार्ट क्रांति

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited ने Maruti Suzuki Incubation Program (MSIP) के तहत पांच नए स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है। इन स्टार्टअप्स के साथ मिलकर मारुति सुजुकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी न्यू-एज टेक्नोलॉजी को अलग-अलग बिजनेस क्षेत्रों में लागू करेगी।

Maruti Suzuki स्टार्टअप्स के साथ मिलकर अपनी फैक्ट्रियों और बिजनेस सिस्टम को ज्यादा स्मार्ट, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना चाहती है। कंपनी का फोकस सिर्फ कार बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह चाहती है कि हर पार्ट ज्यादा सटीक बने, हर गाड़ी बेहतर क्वालिटी की हो, फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी ज्यादा सुरक्षित रहें, काम तेजी और कम लागत में हो और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिले। Maruti Suzuki ने AugurAI, Aatral, Zen Mobility, Indus Vision और Proxgy जैसे स्टार्टअप्स को चुना है।

ये स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और IoT जैसी नई तकनीकों के जरिए कंपनी की रोजमर्रा की चुनौतियों का समाधान देंगे। MSIP और IIM बेंगलुरु के NSRCEL के साथ मिलकर मारुति सुजुकी नई सोच और नए आइडियाज़ को जमीन पर उतार रही है, मारुति सुजुकी स्टार्टअप्स के साथ मिलकर ऐसी तकनीकें अपना रही है, जिससे फैक्ट्री में पार्ट्स ज्यादा सटीक बनें, खराबी की गुंजाइश कम हो, डिलीवरी सस्ती और पर्यावरण-अनुकूल बने और कर्मचारियों की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत हो। AugurAI और Aatral: AI के जरिए छोटे-से-छोटे डिफेक्ट भी पहले ही पकड़ लिए जाएंगे, ताकि कंपनी “ज़ीरो-डिफेक्ट” गाड़ियां बना सके।

Indus Vision: गाड़ी तैयार होने के बाद उसकी AI से जांच होगी, जिससे इंसानी गलती की संभावना कम होगी और क्वालिटी और बेहतर बनेगी।
Zen Mobility: स्पेयर पार्ट्स की डिलीवरी में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल होगा, जिससे खर्च घटेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
Proxgy: फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों को हादसे से पहले ही अलर्ट मिलेगा, जिससे दुर्घटनाएं रोकी जा सकेंगी।

Maruti Suzuki ने बीते 7 सालों में 6,400 से ज्यादा स्टार्टअप्स को परखा है, जिनमें से 220 से अधिक के साथ काम किया गया और 32 स्टार्टअप्स को बिजनेस पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है। कंपनी का कहना है कि स्टार्टअप्स के साथ यह साझेदारी भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर को और स्मार्ट, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

Maruti Suzuki Q3 रिजल्ट्स: मुनाफे की रफ्तार और ‘Baleno’ का जलवा; क्या है कंपनी का अगला मास्टरप्लान

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited (MSIL) ने FY 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही न केवल वित्तीय रूप से रिकॉर्ड तोड़ने वाली रही, बल्कि बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिहाज से भी ऐतिहासिक साबित हुई है।

Q3 में किसका रहा दबदबा? यह बनी नंबर-1 कार

सेल्स डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि दिसंबर 2025 में मारुति की Baleno सबसे अधिक बिकने वाली गाड़ी रही, जिसकी 22,108 यूनिट्स बिकीं।
Baleno: दिसंबर में कंपनी की टॉप-सेलर रही।
Dzire: दिसंबर में तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद, पूरे कैलेंडर वर्ष 2025 में 2,14,488 यूनिट्स की बिक्री के साथ यह देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बनी।
Fronx: 20,706 यूनिट्स के साथ दिसंबर में दूसरे स्थान पर रही और सालाना आधार पर 93% की भारी वृद्धि दर्ज की।

कंपनी का ‘फोकस’ कहाँ है

डेटा और बाजार के रुझान बताते हैं कि मारुति सुजुकी अब दो प्रमुख मोर्चों पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
प्रीमियम और SUV सेगमेंट: कंपनी का पूरा ध्यान अब ब्रेजा, फ्रोंक्स और ग्रैंड विटारा जैसे मॉडलों के जरिए SUV सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर है। इसके अलावा, कंपनी जल्द ही ‘विक्टोरिस’ (Victoris) नाम से एक नई मिड-साइज SUV लॉन्च करने की तैयारी में है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की ओर कदम: मारुति ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV, e-Vitara का निर्यात यूरोप के लिए शुरू कर दिया है और इसे जल्द ही भारतीय बाजार में पेश करने की योजना है।

छोटे कारों का पुनरुद्धार: इस तिमाही में कंपनी की मिनी और कॉम्पैक्ट कारों (जैसे ऑल्टो K10 और एस-प्रेसो) की मांग में भी करीब 100% की वृद्धि देखी गई है, जो दर्शाता है कि बजट सेगमेंट अभी भी कंपनी के लिए मजबूत स्तंभ है।

वित्तीय सेहत: रेवेन्यू और मुनाफे में भारी उछाल

Maruti Suzuki ने इस तिमाही में जबरदस्त वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी का कुल परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) 49,891.5 करोड़ रुपये रहा। अगर मुनाफे की बात करें, तो स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने 3,794 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है।


कंपनी के बोर्ड ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए Suzuki Motor Gujrat Private Limited (SMG) के कंपनी के साथ विलय (Merger) को प्रभावी कर दिया है, जो 1 दिसंबर, 2025 से लागू हो गया है। हालांकि, नए श्रम कोड (Labour Codes) के प्रावधानों के कारण कंपनी पर 593.9 करोड़ रुपये का एकमुश्त अतिरिक्त भार भी पड़ा है।

निष्कर्ष

Maruti Suzuki न केवल अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो को SUV और EV की ओर तेजी से मोड़ रही है। सुजुकी मोटर गुजरात के विलय के साथ, कंपनी अपनी निर्माण क्षमताओं को एक छत के नीचे लाकर और भी अधिक कुशल बनने की दिशा में अग्रसर है।

2026 में कार कंपनियों की बंपर तैयारी, इंडिया में लॉन्च होंगी 31 EV और SUV

नई दिल्ली: इंडिया का ऑटोमोबाइल मार्केट साल 2026 में बड़े बदलाव के दौर से गुजरने वाला है। देश की प्रमुख कार कंपनियां जैसे Maruti Suzuki, Tata Motors और Mahindra & Mahindra (M&M) इस साल 31 नई गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में हैं। यह पिछले पांच सालों में सबसे बड़ा लॉन्च प्लान है। बीते साल 2025 में 19 नई गाड़ियां आई थीं, जबकि 2021 से हर साल औसतन 10-11 मॉडल ही लॉन्च होते रहे थे।

इस साल लॉन्च होने वाली गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक कारों की बड़ी भूमिका होगी। रेनो जल्द ही नई जनरेशन डस्टर पेश करने वाली है, जबकि मारुति सुजुकी अगले महीने अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV ई-विटारा लॉन्च करेगी। टाटा मोटर्स भी सिएरा EV समेत दो नई इलेक्ट्रिक कारें बाजार में उतारने की तैयारी में है। इसके अलावा वियतनाम की कंपनी विनफास्ट तीन नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करेगी, जिनमें एक 7-सीटर इलेक्ट्रिक MPV भी शामिल होगी। चीन की कंपनी लीपमोटर भी सिट्रॉएन के साथ मिलकर भारत में दो नए मॉडल लाने वाली है। टोयोटा भी एक नई इलेक्ट्रिक SUV लॉन्च करने की योजना बना रही है।

ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही इस साल लॉन्च की भरमार हो, लेकिन बिक्री में बहुत बड़ी तेजी आने की उम्मीद नहीं है। ज्यादातर नए मॉडल पुराने गाड़ियों के फेसलिफ्ट या अपडेटेड वर्जन होंगे, जिससे कंपनियां अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने की कोशिश करेंगी। SUV सेगमेंट की मांग सबसे ज्यादा बनी रहेगी, खासकर मिड-साइज और प्रीमियम SUV की। हालांकि, इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा भी बहुत तेज होगी। छोटे और सस्ती हैचबैक कारों की मांग फिलहाल कमजोर रहने की संभावना है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की लॉन्चिग तो ज्यादा होगी, लेकिन बिक्री का हिस्सा अभी कम ही रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में सिंगल डिजिट यानी 10% से कम ही रहेगी और ज्यादातर मांग बड़े शहरों और प्रीमियम ग्राहकों से आएगी।

पिछले साल कार बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। 2025 में कुल 4.49 मिलियन पैसेंजर वाहन बिके, जो एक नया रिकॉर्ड है। SUV की हिस्सेदारी करीब 56% रही। GST में कटौती, टैक्स राहत और ब्याज दरों में कमी से बाजार को बड़ा सहारा मिला है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि यह सकारात्मक माहौल 2026 में भी जारी रहेगा और ऑटो सेक्टर की रफ्तार बनी रहेगी।

Maruti Suzuki: 35,000 करोड़ से गुजरात बनेगा ऑटो हब, हर साल बनेंगी 10 लाख कारें

गांधीनगर: इंडिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited (MSIL) ने गुजरात के खोराज में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने की योजना की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी 35,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां सालाना 10 लाख वाहनों की उत्पादन क्षमता होगी।

Maruti Suzuki के MD Hisashi Takeuchi ने निवेश पत्र मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य में 12,000 से ज्यादा रोजगार अवसर पैदा करेगी। इससे गुजरात में ऑटो पार्ट्स, सहायक इकाइयों और MSMEs का भी विकास होगा, जिससे यहां मजबूत ऑटो क्लस्टर तैयार होगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “Maruti Suzuki खोराज में बड़ी, हाई-टेक और पूरी तरह आधुनिक कार बनाने की फैक्ट्री लगाने के लिए निवेश पत्र सौंपना गर्व की बात है। मोदी के ‘Make in India, Make for the World’ विजन के तहत गुजरात भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को लगातार मजबूत इसमें सैकड़ों या हज़ारों कर्मचारी काम करेंगे। सालाना लाखों कारें उत्पादित (produce) की जा सकेंगी। यह सिर्फ गाड़ी बनाने का प्लांट नहीं, बल्कि पूरा ऑटोमोटिव इंडस्ट्री क्लस्टर होगा। पार्ट्स बनाने, सप्लाई करने और नौकरी देने वाला बड़ा केंद्र भी होगा।

नया प्लांट 1,750 एकड़ जमीन पर GIDC द्वारा स्थापित किया जाएगा। इस हफ्ते ही कंपनी ने अपने बोर्ड की मंजूरी से 4,960 करोड़ रुपये का भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव पास किया था, ताकि उत्पादन क्षमता का विस्तार किया जा सके। Maruti Suzuki ने 2025 में 22.55 लाख वाहनों का उत्पादन किया, जो अब तक का सबसे उच्च उत्पादन है। वहीं, 3.95 लाख वाहनों का निर्यात किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 21% से अधिक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, Maruti Suzuki का गुजरात में नया प्लांट न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि राज्य में वैश्विक निवेशकों का भरोसा और औद्योगिक विकास भी मजबूत करेगा। यह निवेश योजना न सिर्फ Maruti Suzuki के लिए, बल्कि गुजरात और पूरे देश के लिए बड़े रोजगार और आर्थिक अवसर लेकर आएगी।

लॉन्चिंग के कुछ हफ्तों बाद ही Maruti Suzuki Victoris की बुकिंग्स 70,000 पार

नई दिल्ली: इंडियन SUV मार्केट में Maruti Suzuki ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। Victoris लॉन्च के बाद अब तक 70,000 बुकिंग्स पार कर चुकी है। 35,000 से ज्यादा कारें ग्राहकों को डिलीवर की जा चुकी हैं। यह मॉडल Arena डीलरशिप नेटवर्क का फ्लैगशिप माना जा रहा है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹10.50 लाख से है और टॉप वेरिएंट ₹19.99 लाख (ex-showroom) का है। Victoris का बेस Grand Vitara पर है। Grand Vitara की दिसंबर 2025 में रिटेल सेल 24,000 यूनिट्स रही थी, जिसकी कीमत ₹10.77 लाख से ₹19.72 लाख (ex-showroom) तक थी।

Victoris में 1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन है। यह इंजन 103 HP की पावर और 139 Nm टॉर्क देता है। इसमें 5-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ऑप्शन है। अगर आप ऑटोमैटिक वर्जन चुनते हैं, तो इसमें AWD (ऑल-व्हील ड्राइव) का विकल्प भी मिलता है। कार के सभी पहिए ड्राइव में मदद करेंगे, जिससे खराब रास्तों पर ग्रिप बेहतर रहती है। फैक्ट्री-फिटेड CNG किट का ऑप्शन भी है, जिससे आप पेट्रोल के अलावा CNG भी चला सकते हैं। 1.5 लीटर स्ट्रांग हाइब्रिड इंजन सीधे Grand Vitara से लिया गया है। पावर 92.5 HP और टॉर्क 122 Nm है। इसमें e-CVT गियरबॉक्स है, जो पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल वाली ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन है।

Victoris में बहुत सारे हाई-टेक और आरामदायक फीचर्स हैं। Level 2 ADAS एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम है, जो ब्रेकिंग, लेन की मदद और क्रूज़ कंट्रोल जैसी सुविधाएं देता है। 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइविंग डिस्प्ले है। 10.1 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम में Dolby Atmos साउंड के साथ म्यूजिक और स्मार्टफोन कनेक्टिविटी मिलती है। हाथ की हल्की मूवमेंट से बैक डोर खुल या बंद हो जाता है। रात में केबिन के अंदर सुंदर रोशनी।

वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स से गर्मियों में सीट कूल रहती है। 8-वे पावर एडजस्टेबल ड्राइवर्स सीट से ड्राइवर अपनी सीट आराम से एडजस्ट कर सकता है। वायरलेस चार्जिंग में फोन चार्ज करने के लिए तार की जरूरत नहीं है। 360-डिग्री कैमरा और फ्रंट-रियर पार्किंग सेंसर पार्किंग और तंग जगहों में ड्राइविंग आसान बनाता है। Victoris सिर्फ एक कार नहीं है, बल्कि प्रीमियम टेक्नोलॉजी, आराम और सुरक्षा का पैकेज है। चाहे आप सिटी में ड्राइव करें या लॉन्ग ट्रिप पर जाएं, यह इंजन और फीचर्स हर तरह से मददगार साबित होते हैं।

Maruti Suzuki ने 2025 में रचा नया इतिहास, बनाईं 22.55 लाख कारें

नई दिल्ली: Maruti Suzuki India Limited की गाड़ियों के प्रॉडक्शन का सफर बीते पांच वर्षों में भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की बढ़ती ताकत की तस्वीर से रूबरू कराता है। 2021 में 16.29 लाख यूनिट्स से शुरू होकर कंपनी ने हर साल लगातार अपनी क्षमता को विस्तार दिया। 2025 में 22.55 लाख से अधिक वाहनों के रिकॉर्ड उत्पादन तक पहुंचकर एक नया रेकॉर्ड बनाया। यह स्थिर मांग, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे का प्रमाण है, जिसने Maruti Suzuki को देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी के रूप में और मजबूत किया है।

2021 से 2025 तक हर साल कंपनी का प्रॉडक्शन ग्राफ नई ऊंचाइयों पर पहुंचता गया। 2021 में Maruti Suzuki का कुल उत्पादन 16.29 लाख यूनिट्स रहा। 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 19.16 लाख यूनिट्स पर पहुंच गया। 2023 में कंपनी ने 19.34 लाख यूनिट्स का उत्पादन किया । 2024 में यह आंकड़ा 20.63 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया। 2025 में Maruti Suzuki ने जबरदस्त छलांग लगाते हुए करीब 22.55 लाख यूनिट्स का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया। सिर्फ पांच साल में कंपनी ने अपने सालाना उत्पादन में 6 लाख से ज्यादा गाड़ियों का इजाफा किया।

Maruti Suzuki ने लगातार दूसरे साल 20 लाख यूनिट्स से ज्यादा उत्पादन किया है। यह उपलब्धि किसी एक साल की तेजी नहीं, बल्कि मजबूत प्लानिंग, स्थिर मांग और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम का नतीजा है। इस रिकॉर्ड उत्पादन में Fronx, Baleno, Swift, Dzire और Ertiga जैसे पॉपुलर मॉडलों की बड़ी भूमिका रही। इन कारों की घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी लगातार मांग बनी रही।

गुरुग्राम, मानेसर और खरखौदा (हरियाणा) के प्लांट्स के साथ अब गुजरात प्लांट के शामिल होने से कंपनी की उत्पादन क्षमता को और मजबूती मिली है। इन अत्याधुनिक संयंत्रों में फिलहाल 17 मॉडल्स और 650 से ज्यादा वेरिएंट्स का निर्माण किया जा रहा है। Maruti Suzuki आने वाले वर्षों में अपनी सालाना उत्पादन क्षमता को 40 लाख यूनिट्स तक ले जाने की तैयारी कर रही है।