Maruti Suzuki के पहले Design Challenge में MIT Pune टॉपर

नई दिल्ली: Maruti Suzuki India Limited ने 26 दिसंबर 2025 को अपना पहला Design Challenge सफलतापूर्वक पूरा किया। इस प्रतियोगिता में भारत और विदेशों के 70 डिजाइन संस्थानों के 400 से ज्यादा छात्र भाग लेने आए। प्रतियोगिता का मकसद छात्रों को कॉम्पैक्ट कार और मोबिलिटी सॉल्यूशन्स डिज़ाइन करने का अवसर देना था और यह पहल Maruti Suzuki की ओपन इनोवेशन रणनीति का हिस्सा थी।

चार राउंड की मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद तीन टीमों ने शीर्ष स्थान हासिल किया। पहला स्थान MIT Institute of Design, Pune को मिला, दूसरा स्थान Association of Designers of India, VIT Vellore को और तीसरा स्थान Strate School of Design, Bengaluru को। इन विजेता टीमों को कैश प्राइज और Maruti Suzuki की डिजाइन टीम के साथ छह महीने की इंटर्नशिप दी गई। सात और टीमों को गिफ्ट वाउचर और संभावित इंटर्नशिप के अवसर भी दिए गए हैं, जो आगे की मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद निश्चित होंगे।

Maruti Suzuki India के Managing Director और CEO Hisashi Takeuchi ने कहा कि यह पहल कंपनी की ओपन इनोवेशन रणनीति का हिस्सा है और डिजाइन की भूमिका ग्राहकों के निर्णय लेने में अहम है। उन्होंने बताया कि युवा डिज़ाइनर नए और अलग दृष्टिकोण लेकर आते हैं, जो ऑटोमोबाइल डिजाइन को नया आयाम देते हैं। विजेता इंटर्न्स अब Maruti Suzuki के पेशेवर डिज़ाइनरों के साथ काम करेंगे और भविष्य के वाहन मॉडलों के विकास में योगदान देंगे। कंपनी ने कहा कि यह Design Challenge हर साल आयोजित किया जाएगा, ताकि नए छात्रों को लगातार उद्योग अनुभव मिल सके।

Maruti Suzuki पहले से ही स्टार्टअप्स के साथ मोबिलिटी सॉल्यूशन्स पर काम कर रही है। इस Design Challenge के माध्यम से कंपनी ने यह पहल डिज़ाइन छात्रों तक फैला दी है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि बदलती ग्राहक उम्मीदों के अनुरूप नई और स्मार्ट डिज़ाइन पेश की जा सके। इस तरह, Maruti Suzuki ने न केवल युवा प्रतिभाओं को अवसर दिया, बल्कि भविष्य की कारों के डिज़ाइन में नई सोच और इनोवेशन को भी बढ़ावा दिया। यह पहला Design Challenge इस बात का संकेत है कि कंपनी लगातार नवाचार और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।

Maruti Suzuki WagonR का ऐतिहासिक शिखर: इंडिया में 35 लाख प्रोडक्शन का आंकड़ा पार

नई दिल्ली: इंडियन सड़कों की ‘चहेती’ और Maruti Suzuki की सबसे भरोसेमंद कारों में से एक WagonR ने आज उत्पादन का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। Maruti Suzuki India Limited ने घोषणा की है कि WagonR ने अपनी तीन पीढ़ियों के सफर में 35 लाख यूनिट्स के संचयी उत्पादन (Cumulative Production) का मील का पत्थर पार कर लिया है। दिसंबर 1999 में अपनी शुरुआत करने वाली वैगनआर अब ऑल्टो और स्विफ्ट जैसे दिग्गज मॉडलों की उस विशेष श्रेणी में शामिल हो गई है, जिन्होंने भारत में इस विशाल आंकड़े को छुआ है।

विवरणजानकारी
लॉन्च तिथि (भारत)दिसंबर 1999
कुल भारतीय उत्पादन35 लाख यूनिट्स
विनिर्माण केंद्रगुड़गांव और मानेसर (हरियाणा)
वैश्विक संचयी बिक्री1 करोड़ यूनिट्स (अगस्त 2025 में हासिल)
उपलब्धतादुनिया भर के 75 से अधिक देशों में

‘टॉल-बॉय’ डिज़ाइन और ग्राहकों का अटूट भरोसा

Maruti Suzuki India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा,
“लॉन्च होने के 25 साल बाद भी किसी वाहन को ऐसी स्वीकार्यता मिलना दुर्लभ है। WagonR ने अपने मूल डीएनए—प्रतिष्ठित टॉल-बॉय डिज़ाइन, विशाल इंटीरियर और बेहतरीन ईंधन दक्षता को बनाए रखते हुए नई तकनीक के साथ खुद को ढाला है। यह 35 लाख का आंकड़ा ग्राहकों के उस स्थायी प्यार और विश्वास का प्रतीक है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है।”

वैश्विक स्तर पर दबदबा

WagonR केवल इंडिया ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सुजुकी का एक मजबूत स्तंभ है:
शुरुआत: जापान में सबसे पहले सितंबर 1993 में पेश की गई थी।
उत्पादन केंद्र: जापान, भारत, हंगरी और इंडोनेशिया।
बड़ा रिकॉर्ड: अगस्त 2025 में WagonR ने वैश्विक स्तर पर 1 करोड़ यूनिट्स की बिक्री का महा-रिकॉर्ड बनाया था।

क्यों खास है वैगनआर

इंडियन फैमिलीज के लिए WagonR एक कार से कहीं बढ़कर है। इसकी स्पेशियस केबिन, आसानी से अंदर आने और बाहर निकलने की सुविधा (Easy Ingress/Egress), और कम मेंटेनेंस लागत ने इसे पहली बार कार खरीदने वालों और कमर्शियल सेगमेंट दोनों में लोकप्रिय बनाए रखा है।

इंडिया की पहली ग्लोबल EV Maruti Suzuki e-Vitara को 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग

नई दिल्ली: Maruti Suzuki India Limited की पहली ग्लोबल इलेक्ट्रिक SUV e-VITARA ​​की बिक्री 2026 से शुरू होगी, लेकिन लॉन्च से पहले ही इस कार ने भारत NCAP से 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल कर ली है। इस इलेक्ट्रिक SUV को एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन—दोनों कैटिगरी में Bharat NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। यह उपलब्धि इसे भारत की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक SUV बनाती है जिसे 5-स्टार Bharat NCAP रेटिंग मिली हो और जिसमें सभी वेरिएंट में 7 एयरबैग स्टैंडर्ड दिए गए हों।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने Maruti Suzuki को Bharat NCAP सर्टिफिकेट प्रदान किया। ‘मेड-इन-इंडिया, मेड-फॉर-द-वर्ल्ड’ e VITARA, Suzuki के बिल्कुल नए HEARTECT-e प्लेटफॉर्म पर बनी है। e-VITARA की बैटरियां दुनिया भर के ‘सैंड-टू-स्नो’ जैसे बेहद कठिन मौसम में टेस्ट की गई हैं। यह 60°C से लेकर –30°C तक के तापमान में भरोसेमंद परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन की गई हैं।

e-VITARA खुद खतरे को पहचान कर हादसों को रोकने की कोशिश करती है। Level-2 ADAS टेक्नोलॉजी से कार सामने चल रही गाड़ी से टक्कर के खतरे को पहले ही भांप लेती है। जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा देती है। अगर ड्राइवर लेन से बाहर जाने लगे तो सिस्टम कार को सही दिशा में बनाए रखने में मदद करता है। क्रूज़ कंट्रोल ट्रैफिक में खुद स्पीड घटा-बढ़ा सकता है। मोड़ पर गाड़ी की रफ्तार कम कर देता है और अचानक सामने कुछ आ जाए तो पहले चेतावनी देता है। रात में चलाते समय हेडलाइट पीछे से आती गाड़ियों को पहचानकर अलर्ट करती है। दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को बचाने के लिए इसमें 7 एयरबैग दिए गए हैं, जिनमें ड्राइवर का नी-एयरबैग भी शामिल है।

टक्कर होने पर Triggers के साथ मल्टी-कोलिजन ब्रेकिंग दूसरी टक्कर से बचाने में मदद करती है। चारों पहियों में डिस्क ब्रेक लगे हैं, जिससे ब्रेकिंग ज्यादा मजबूत होती है। सुरक्षा और सहूलियत के लिए 360-डिग्री कैमरा, आगे-पीछे पार्किंग सेंसर, बच्चों की सीट सुरक्षित लगाने के लिए ISOFIX सिस्टम, टायर का दबाव बताने वाला सेंसर और सभी यात्रियों के लिए सीट-बेल्ट प्रोटेक्शन दिया गया है। Maruti Suzuki के लिए Bharat NCAP की यह उपलब्धि Maruti Suzuki के लिए लगातार चौथी 5-स्टार रेटिंग है। इससे पहले All-New Dzire, Victoris और Invicto को भी 5-स्टार रेटिंग मिल चुकी है।

नवंबर रहा Maruti Suzuki इंडिया के लिए गोल्डन मंथ, बिकीं 2.29 लाख कारें, 46 हजार कारें विदेश रवाना

नई दिल्ली: Maruti suzuki इंडिया ने नवंबर 2025 में इतिहास रच दिया है। कंपनी ने इस महीने कुल 2,29,021 गाड़ियों की बिक्री के साथ अब तक की सबसे ज़्यादा मासिक सेल दर्ज की। यह आंकड़ा इंडियन ऑटो बाजार में Maruti की मजबूत पकड़ को भी दर्शाता है। कुल बिक्री में घरेलू बाजार की हिस्सेदारी 1,74,593 यूनिट्स रही, जबकि अन्य OEM कंपनियों को 8,371 यूनिट्स की सप्लाई की गई। कंपनी ने 46,057 गाड़ियों का निर्यात किया, जो अब तक किसी भी महीने में बना सबसे ऊंचा मंथली रिकॉर्ड है।

Maruti के कॉम्पैक्ट कार पोर्टफोलियो ने नवंबर में असली रफ्तार दिखाई। Baleno, Swift, Dzire, WagonR, Celerio और Ignis जैसी कारों वाले कॉम्पैक्ट सेगमेंट में नवंबर में 72,926 यूनिट्स की बिक्री हुई। वहीं Alto और S-Presso जैसी कारों की बिक्री 12,347 यूनिट्स रही। यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में भी कंपनी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। Brezza, Ertiga, Fronx, Grand Vitara, Jimny और XL6 जैसी गाड़ियों की संयुक्त बिक्री 72,498 यूनिट्स रही, जो इस सेगमेंट की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है। Eeco वैन ने भी अपनी मजबूती कायम रखी और नवंबर में इसकी 13,200 यूनिट्स बिकीं। वहीं Super Carry LCV की बिक्री 3,622 यूनिट्स रही। पैसेंजर व्हीकल (PV) और LCV से घरेलू बिक्री 1,74,593 यूनिट्स तक पहुंची, जबकि अन्य OEM को सप्लाई जोड़ने पर कुल घरेलू बिक्री 1,82,964 यूनिट्स रही।

इस महीने Maruti suzuki ने एक्सपोर्ट फ्रंट पर नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 46,057 यूनिट्स विदेशों में भेजीं। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच कंपनी की कुल बिक्री 15,28,650 यूनिट्स तक पहुंच चुकी है, जो पिछले साल की तुलना में स्पष्ट बढ़ोतरी को दिखाती है। घरेलू बाज़ार में कुल बिक्री (PV + LCV + OEM) 12,43,830 यूनिट्स रही, जबकि एक्सपोर्ट 2,84,820 यूनिट्स तक पहुंच गया है। कॉम्पैक्ट कारों की मजबूत मांग, यूटिलिटी गाड़ियों का लगातार बढ़ता बाजार, ग्रामीण और शहरी इलाकों में संतुलित बिक्री, और एक्सपोर्ट नेटवर्क की मजबूती, नवंबर की रिकॉर्ड बिक्री के पीछे की असली वजह बने हैं। भारतीय कार बाज़ार में Maruti suzuki अभी भी नंबर-वन है।

Maruti Suzuki का 1,500वां टचपॉइंट लॉन्च : अब इंडिया के 760 शहरों में जेन्युइन पार्ट्स का नेटवर्क

नई दिल्ली: Maruti Suzuki India Limited ने 1,500वां पार्ट्स और एक्सेसरीज डिस्ट्रिब्यूटर सेंटर महाराष्ट्र के मुंबई में खोला है। इसका उद्घाटन कंपनी के एग्जिक्यूटिव अफसर एस. डी. छाबड़ा और मारुति में पार्ट्स, एक्सेसरीज़ और लॉजिस्टिक्स विभाग के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट कोसुके हट्टोरी ने किया। अब कंपनी के पार्ट्स और एक्सेसरीज़ का पूरा नेटवर्क 760 शहरों में मौजूद है। पूरे देश में ग्राहकों, छोटे गैराजों और वर्कशॉप्स में Maruti Suzuki के असली पार्ट्स आसानी से और जल्दी मिलेंगे। गाड़ी की सर्विस में देरी नहीं होगी और वाहन की क्वॉलिटी के साथ परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी।

Maruti Suzuki के एमडी और सीईओ हिसाशी टकेउची ने कहा कि ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी राहत यह होती है कि उनकी गाड़ी के असली और कंपनी की ओर टेस्ट किए गए पार्ट्स उन्हें पास में ही आसानी से मिल जाएं। ये जेन्युइन पार्ट्स गाड़ी की परफॉर्मेंस, सुरक्षा और लंबे समय तक चलने के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इसी भरोसे को और मजबूत करने के लिए कंपनी अपने पार्ट्स और एक्सेसरीज़ का नेटवर्क तेजी से बढ़ा रही है।

Maruti Suzuki के असली पार्ट्स और एक्सेसरीज़ का नेटवर्क कंपनी की कस्टमर सर्विस की रणनीति का बहुत अहम हिस्सा है। यह उनके बड़े सेल्स और सर्विस नेटवर्क के साथ मिलकर ग्राहकों को बेहतर सुविधा देता है। पूरे देश में मौजूद मारुति के आधिकारिक वितरकों के पास अपने गोदाम और दुकानें हैं, जहां से Maruti Suzuki की हर गाड़ी के असली और अच्छी क्वॉलिटी वाले पार्ट्स आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। ये डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर खास तौर पर छोटे गैराजों, लोकल मैकेनिकों और इंडिपेंडेंट वर्कशॉप्स को पार्ट्स सप्लाई करते हैं। जब जेन्युइन पार्ट्स समय पर और आसानी से मिल जाते हैं, तो गाड़ी कम समय के लिए बंद रहती है। बेहतरीन परफॉर्मेंस देती है। कस्टमर्स को शानदार ओनरशिप अनुभव मिलता है और गाड़ी की कंडीशन सालों तक अच्छी रहती है।

39,506 Grand Vitara की घर वापसी, मारुति का बिग सेफ्टी अलर्ट

नई दिल्ली: Maruti Suzuki ने अपने लोकप्रिय SUV मॉडल Grand Vitara की 39,506 यूनिट्स का मेगा रिकॉल जारी किया है। बाहर से देखने पर यह तकनीकी खामी मामूली लगे, लेकिन कंपनी की जांच में यह सामने आया कि यह दिक्कत सीधे तौर पर ड्राइवर की सुरक्षा, गाड़ी की परफॉर्मेंस और लंबे समय की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। मारुति ने देर किए बिना प्रैक्टिकल सेफ्टी एक्शन लेते हुए ग्राहकों को संभावित खतरे से बचाने के लिए यह रिकॉल अनिवार्य किया है, ताकि Grand Vitara की सड़क पर पहचान उसकी पावर ही नहीं, बल्कि भरोसे पर भी कायम रहे।

कंपनी ने बताया कि 9 दिसंबर 2024 से 29 अप्रैल 2025 के बीच बने कुछ Grand Vitara मॉडल्स में फ्यूल लेवल इंडिकेटर और फ्यूल वार्निंग लाइट सही तरह से काम नहीं कर रहे थे। कुछ गाड़ियों में स्पीडोमीटर यह ठीक-ठीक नहीं दिखा रहा था कि टैंक में कितना पेट्रोल बचा है। अब यह गलती छोटी लगे, लेकिन कल्पना कीजिए—कहीं हाइवे पर आप यह सोचकर निकलें कि टैंक भरा हुआ है, और गाड़ी बीच रास्ते रुक जाए… दिक्कत तो होगी ना? यही समझते हुए मारुति सुज़ुकी ने इस मामले में सीधे बड़े स्तर पर रिकॉल का ऐलान किया है।

कंपनी का कहना है कि यह समस्या सिर्फ कुछ चुनिंदा बैचों में देखी गई है, लेकिन कस्टमर सेफ्टी और भरोसे के लिए हर प्रभावित गाड़ी को जांचना जरूरी है। कंपनी अब अपने अधिकृत डीलर वर्कशॉप्स की मदद से ग्राहकों से सीधा संपर्क करेगी। उन्हें अपनी गाड़ी वर्कशॉप में लानी होगी जहाँ फ्री में पार्ट की जांच और रिप्लेसमेंट किया जाएगा। ग्राहक को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। Maruti Suzuki ने मालिकों से अपील की है कि जैसे ही उन्हें रिकॉल का मैसेज या कॉल आए, तुरंत गाड़ी वर्कशॉप में लेकर आएं। यह पूरा प्रोसेस बेहद आसान और झटपट होने वाला है। यह कदम दिखाता है कि मारुति केवल गाड़ियां बेचने तक सीमित नहीं है—वह कस्टमर सेफ्टी को पहले रखती है, और छोटी से छोटी तकनीकी गड़बड़ भी उनकी नजर से बच नहीं पाती। पूरा रिकॉल प्रोसेस तेज़, फ्री और झंझट-मुक्त है। अब देखना यह है कि कंपनी आगे कितनी जल्दी इस समस्या को पूरी तरह ठीक कर पाती है।

Maruti Suzuki की रफ्तार बेमिसाल : अक्टूबर में बिकीं 2.20 लाख से ज्यादा कारें

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited ने अक्टूबर 2025 में अपनी अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री दर्ज की है। कंपनी ने इस महीने कुल 2,20,894 यूनिट्स बेचीं, जो इसके इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। Maruti Suzuki की घरेलू बिक्री (Domestic Sales) भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जहां कंपनी ने 1,80,675 यूनिट्स की बिक्री की। इसके अलावा, अन्य OEM कंपनियों को 8,915 यूनिट्स की सप्लाई की गई। 31,304 यूनिट्स का निर्यात (Export) किया गया। कुल 2.20 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री Maruti Suzuki की मजबूत प्रोडक्ट रेंज और लगातार बढ़ते ग्राहक विश्वास का नतीजा है।

मिनी सेगमेंट (Alto, S-Presso) में कंपनी ने 9,067 गाड़ियों की बिक्री की, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 10,687 यूनिट्स था। हालांकि कॉम्पेक्ट सेगमेंट (Baleno, Celerio, Dzire, Ignis, Swift, WagonR) में कंपनी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और बिक्री 65,948 यूनिट्स से बढ़कर 76,143 यूनिट्स पर पहुंच गई। यूवी (Utility Vehicles) जैसे Brezza, Ertiga, Fronx, Grand Vitara, Invicto, Jimny और XL6 की डिमांड भी लगातार मजबूत बनी रही। इस सेगमेंट में कंपनी ने 77,571 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल अक्टूबर की 70,644 यूनिट्स के मुकाबले 10% की बढ़ोतरी दिखाती है।

वहीं Eeco वैन की बिक्री भी बढ़कर 13,537 यूनिट्स तक पहुंची, जो पिछले साल की 11,653 यूनिट्स से ज्यादा है। Light Commercial Vehicle (Super Carry) की बिक्री भी बढ़कर 4,357 यूनिट्स हो गई, जबकि पिछले साल यह 3,539 यूनिट्स थी।
घरेलू स्तर पर कंपनी ने 1,80,675 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री की — जो पिछले साल के 1,63,130 यूनिट्स के मुकाबले करीब 11% की शानदार बढ़त है। निर्यात (Exports) में हल्की गिरावट देखने को मिली — अक्टूबर 2024 के 33,168 यूनिट्स से घटकर इस बार 31,304 यूनिट्स रही। इसके बावजूद कुल मिलाकर कंपनी की बिक्री पिछले साल के 2,06,434 यूनिट्स से बढ़कर 2,20,894 यूनिट्स तक पहुंच गई।

‘मेड इन इंडिया’ Jimny 5-door SUV भारत से निकली और जीत ली दुनिया

नई दिल्ली: Maruti Suzuki की Jimny 5-door SUV को दुनियाभर में बहुत पसंद किया जा रहा है। भारत में लॉन्च होने के बाद से ही इसे एक्सपोर्ट करना शुरू किया गया था। अब तक कंपनी ने 1 लाख से ज़्यादा Jimny 5-door SUVs दूसरे देशों में बेच दी हैं। यह SUV पूरी तरह भारत में बनाई जाती है। इसका निर्माण और असेंबली सब भारत में ही होता है। आज यह 100 से ज़्यादा देशों में बिक रही है, जिनमें जापान, मेक्सिको और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े और विकसित बाज़ार भी शामिल हैं।

Jimny 5-door इंडिया में बनी एक लोकप्रिय SUV है, जिसकी विदेश में बहुत ज़्यादा मांग है। भारत से 1 लाख से अधिक गाड़ियाँ एक्सपोर्ट करके उसने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। जनवरी 2025 में जब Jimny 5-door को जापान में “Jimny Nomade” नाम से पेश किया गया तो इसे ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली। लॉन्च के कुछ ही दिनों में 50,000 से अधिक बुकिंग्स दर्ज हो गईं। Jimny 5-door का निर्माण खास तौर पर प्रदर्शन और टिकाऊपन के लिए किया गया है। इसमें लीडर-फ्रेम चेसिस और Suzuki की प्रसिद्ध ALLGRIP PRO (4WD) तकनीक दी गई है, जो बेहतरीन ऑफ-रोड स्थिरता और नियंत्रण सुनिश्चित करती है। इसका 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन मजबूती, सरलता और भरोसेमंद परफॉर्मेंस का संतुलन प्रदान करता है।

Maruti Suzuki के प्रबंध निदेशक और CEO हिसाशी ताकेउची ने कहा, “Jimny और Maruti Suzuki के अन्य 16 निर्यात मॉडलों ने ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ की सच्ची भावना को साकार किया है। भारत अब ग्लोबल लेवल का ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में कंपनी ने 2 लाख से अधिक वाहनों का एक्सपोर्ट किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40% की वृद्धि है और कंपनी का अब तक का सबसे ऊंचा अर्धवार्षिक निर्यात रिकॉर्ड है। Maruti Suzuki वर्तमान में भारत के यात्री वाहन निर्यात में 46% से अधिक हिस्सेदारी रखती है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 3.3 लाख से अधिक वाहनों का एक्सपोर्ट किया था। H1 FY2025-26 में कंपनी ने 2 लाख से अधिक वाहन एक्सपोर्ट किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40% की वृद्धि है।

Maruti Suzuki ने कोयंबटूर में खोला 5,000वां सुपर मॉडर्न सर्विस सेंटर

नई दिल्ली: Maruti Suzuki ने इंडिया में अपने सर्विस नेटवर्क का एक और बड़ा मील का पत्थर छू लिया है। कंपनी ने कोयम्बटूर में अपना 5,000वां ARENA सर्विस सेंटर लॉन्च किया है। अब Maruti Suzuki के 5,640+ सर्विस सेंटर पूरे देश में फैले हैं, जो 2,818 शहरों तक ग्राहकों को तेज़, भरोसेमंद और आसान सर्विस प्रदान कर रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों तक पहुँच बनाने के लिए Service-on-Wheels जैसी सुविधाएँ और ARENA-NEXA का पावरफुल कॉम्बिनेशन ग्राहकों के लिए कार सर्विस को और भी सरल और आरामदायक बना रहा है। यह नया सुपर मॉडर्न सेंटर ग्राहकों को तेज़, भरोसेमंद और एडवांस्ड तकनीक से लैस सर्विस अनुभव देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।


Maruti Suzuki के 5,640 से ज्यादा सर्विस सेंटर हैं। इसमें ARENA और NEXA शोरूम के सेंटर, गांवों में वर्कशॉप्स, मोबाइल सर्विस service-on-Wheels और ऑथराइज्ड सर्विस स्टेशन सब शामिल हैं। सिर्फ तमिलनाडु में ही 400 से ज्यादा सेंटर हैं। 2024-25 के वित्तीय वर्ष में 2.7 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की गई। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। अप्रैल-सितंबर 2025 में ही 1.4 करोड़ वाहन की सर्विसिंग हुई। ये नेटवर्क सालाना 3 करोड़ से ज्यादा वाहनों की सर्विस करने में सक्षम है।

कोयंबटूर का नया सर्विस सेंटर बड़ा और आधुनिक है। 3,200 वर्ग मीटर में फैला है। इसमें 8 सर्विस बे हैं, जिनमें से 4 सामान्य सर्विस के लिए और 4 बॉडी रिपेयर के लिए हैं। यह सभी एडवांस टूल्स और लेटेस्ट उपकरणों से लैस है।

इंडियन लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई क्रांति : ट्रेन से कश्मीर पहुंचीं Maruti Suzuki की 100+ कारें

नई दिल्ली: इंडियन ऑटो और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में Maruti Suzuki India Limited पहली इंडियन कार निर्माता कंपनी बन गई है, जिसने अपनी गाड़ियां रेलवे से सीधे सीधे कश्मीर घाटी तक भेजीं। इस शिपमेंट में Brezza, Dzire, WagonR और S-Presso जैसी 100 से ज्यादा कारें शामिल थीं। ये गाड़ियां नए खुले अनंतनाग रेलवे टर्मिनल तक पहुँचीं। अब गाड़ियां सड़क के बजाय रेलवे के जरिए तेजी और सुरक्षित तरीके से घाटी में पहुँचेंगी।

Maruti Suzuki की कारों की पहली शिपमेंट Manesar, हरियाणा से शुरू हुई। ट्रेन ने अपनी यात्रा में Chenab नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज को पार किया। कुल यात्रा लगभग 850 किलोमीटर की थी, और यह कारें सीधे कश्मीर वैली पहुँचीं। सुरक्षित और लंबी दूरी तय करके गाड़ियां कश्मीर घाटी तक रेलवे के जरिए डिलीवर की गईं, जो लॉजिस्टिक्स में एक नया कीर्तिमान है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह कदम कश्मीर के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। पहले घाटी के सेब और अन्य सामान इसी रेल लिंक से भेजे जाते थे। अब Maruti Suzuki की कारें भी रेलवे के जरिए सीधे कश्मीर पहुँचेंगी। रेलवे लिंक अब सिर्फ सामान नहीं, बल्कि कारों जैसी बड़ी वस्तुएँ भी पहुंचाने में मदद कर रहा है, जिससे क्षेत्र की जीवनशैली और कारोबार दोनों बेहतर होंगे।

Maruti Suzuki के CEO Hisashi Takeuchi का कहना है कि रेलवे से गाड़ियाँ भेजना कंपनी की लॉजिस्टिक्स रणनीति का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। Chenab ब्रिज जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से कारें अब कश्मीर घाटी के ग्राहकों तक तेज़ और सुरक्षित तरीके से पहुँचेंगी।

Maruti Suzuki ने इंडिया में ग्रीन लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देते हुए रेलवे के इस्तेमाल को रोड ट्रांसपोर्ट का हरित विकल्प बनाया है। 2013 में यह पहली भारतीय ऑटोमेकर बनी जिसने AFTO (Automobile Freight Train Operator) लाइसेंस प्राप्त किया। FY2014-15 से अब तक कंपनी ने 2.6 मिलियन से अधिक गाड़ियां भारतीय रेलवे के जरिए भेजी, जिससे सड़क जाम कम और कार्बन उत्सर्जन घटा। यह उपलब्धि न सिर्फ Maruti Suzuki के लिए, बल्कि भारतीय रेलवे के लिए भी एक मील का पत्थर है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा दे रही है।