नई दिल्ली: सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी अक्टूबर 2025 के वाहन बिक्री के आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू ऑटोमोबाइल उद्योग ने त्योहारी मांग की मजबूती और हालिया GST दर कटौती के सकारात्मक प्रभाव के दम पर सभी प्रमुख सेगमेंट में सबसे मजबूत अक्टूबर प्रदर्शन दर्ज किया। बिक्री की इस वृद्धि में पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट सबसे आगे रहा, जिसने सालाना आधार पर 17.2% की शानदार वृद्धि दर्ज की। ऑटो सेक्टर का यह प्रदर्शन बाजार की मजबूत रिकवरी और उपभोक्ता धारणा में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है।
SIAM के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में विभिन्न श्रेणियों के घरेलू वाहन डिस्पैच (डीलरशिप को भेजे गए वाहनों की संख्या) का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
पैसेंजर व्हीकल्स (PVs)
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने बिक्री में 4,60,739 यूनिट्स का आंकड़ा छूकर नया मासिक रिकॉर्ड बनाया, जो अक्टूबर 2024 की 3,93,238 यूनिट्स की तुलना में 17.2% अधिक है। इस सेगमेंट में ग्रोथ का मुख्य कारण मजबूत त्योहारी मांग और SUV (यूटिलिटी व्हीकल) सब-सेगमेंट का दमदार प्रदर्शन रहा:
कुल पैसेंजर व्हीकल्स: 4,60,739 यूनिट्स (+17.2%)
पैसेंजर कारें: 1,39,273 यूनिट्स (+8.7%)
यूटिलिटी व्हीकल्स (SUVs): 2,51,144 यूनिट्स (+10.7%)
टू-व्हीलर्स (2Ws)
वॉल्यूम के मामले में सबसे बड़े सेगमेंट, टू-व्हीलर ने भी बिक्री में मामूली वृद्धि दर्ज की।
कुल टू-व्हीलर्स: 22,10,727 यूनिट्स (+2.1%)
स्कूटर: 8,24,003 यूनिट्स की दमदार बिक्री के साथ 14.3% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
मोटरसाइकिल: इस सेगमेंट में 13,35,468 यूनिट्स के साथ 4.0% की मामूली गिरावट देखने को मिली, जो ग्रामीण बाजार की धीमी रिकवरी को दर्शाती है।
थ्री-व्हीलर्स (3Ws)
थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने भी सकारात्मक गति बनाए रखी, मुख्य रूप से यात्री और कार्गो दोनों श्रेणियों में मांग बढ़ने के कारण।
कुल थ्री-व्हीलर्स: 81,288 यूनिट्स (+5.9%)
पैसेंजर कैरियर्स: 7.6% की वृद्धि।
गुड्स कैरियर्स: 2.8% की वृद्धि।
हालांकि, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर श्रेणी में निराशा हाथ लगी, जिसमें ई-रिक्शा की बिक्री में 27.2% और ई-कार्ट की बिक्री में 3.4% की गिरावट आई।
उद्योग पर GST कटौती का असर
SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन के अनुसार, अक्टूबर में रिकॉर्ड डिस्पैच मुख्य रूप से त्योहारों के दौरान बढ़ी खरीद भावना और 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हुई GST दर कटौती से प्रेरित थे। GST कटौती ने ग्राहकों के लिए वाहनों को अधिक किफायती बना दिया, खासकर एंट्री-लेवल सेगमेंट में, जिससे थोक बिक्री (व्होलसेल्स) के साथ-साथ वाहन पंजीकरण (रिटेल बिक्री) में भी तेज उछाल आया।
कुल मिलाकर, अक्टूबर 2025 भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक मजबूत और रिकॉर्ड-ब्रेकिंग महीना साबित हुआ, जिसने आने वाले महीनों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया है।
