Maruti Suzuki: 35,000 करोड़ से गुजरात बनेगा ऑटो हब, हर साल बनेंगी 10 लाख कारें

गांधीनगर: इंडिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited (MSIL) ने गुजरात के खोराज में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने की योजना की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी 35,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां सालाना 10 लाख वाहनों की उत्पादन क्षमता होगी।

Maruti Suzuki के MD Hisashi Takeuchi ने निवेश पत्र मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य में 12,000 से ज्यादा रोजगार अवसर पैदा करेगी। इससे गुजरात में ऑटो पार्ट्स, सहायक इकाइयों और MSMEs का भी विकास होगा, जिससे यहां मजबूत ऑटो क्लस्टर तैयार होगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “Maruti Suzuki खोराज में बड़ी, हाई-टेक और पूरी तरह आधुनिक कार बनाने की फैक्ट्री लगाने के लिए निवेश पत्र सौंपना गर्व की बात है। मोदी के ‘Make in India, Make for the World’ विजन के तहत गुजरात भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को लगातार मजबूत इसमें सैकड़ों या हज़ारों कर्मचारी काम करेंगे। सालाना लाखों कारें उत्पादित (produce) की जा सकेंगी। यह सिर्फ गाड़ी बनाने का प्लांट नहीं, बल्कि पूरा ऑटोमोटिव इंडस्ट्री क्लस्टर होगा। पार्ट्स बनाने, सप्लाई करने और नौकरी देने वाला बड़ा केंद्र भी होगा।

नया प्लांट 1,750 एकड़ जमीन पर GIDC द्वारा स्थापित किया जाएगा। इस हफ्ते ही कंपनी ने अपने बोर्ड की मंजूरी से 4,960 करोड़ रुपये का भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव पास किया था, ताकि उत्पादन क्षमता का विस्तार किया जा सके। Maruti Suzuki ने 2025 में 22.55 लाख वाहनों का उत्पादन किया, जो अब तक का सबसे उच्च उत्पादन है। वहीं, 3.95 लाख वाहनों का निर्यात किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 21% से अधिक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, Maruti Suzuki का गुजरात में नया प्लांट न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि राज्य में वैश्विक निवेशकों का भरोसा और औद्योगिक विकास भी मजबूत करेगा। यह निवेश योजना न सिर्फ Maruti Suzuki के लिए, बल्कि गुजरात और पूरे देश के लिए बड़े रोजगार और आर्थिक अवसर लेकर आएगी।

सुपरकार की फैक्ट्री Lamborghini में अब लगा ग्रीन गियर : हॉर्सपावर और हरियाली का संगम

नई दिल्ली: Lamborghini अब सिर्फ तेज़ और लग्ज़री सुपरकार बनाने वाली कंपनी ही नहीं रही, बल्कि वह भविष्य की ऐसी कारें तैयार कर रही है जो पर्यावरण के लिए जिम्मेदार भी हों। इसके लिए कंपनी हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को अपनाकर अपने प्लांट, फैक्ट्री सिस्टम और काम करने के तरीके को बदल रही है, ताकि गाड़ियां बनाते वक्त भी प्रदूषण कम हो। Sant’Agata Bolognese में Lamborghini अब एक ऐसी मैन्युफैक्चरिंग व्यवस्था खड़ी कर रही है, जहां जबरदस्त परफॉर्मेंस, प्रीमियम लग्ज़री और सस्टेनेबिलिटी—तीनों एक साथ आगे बढ़ें।

2014 की तुलना में आज Lamborghini ने फैक्ट्री में गाड़ियां बनाते समय निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को लगभग 50 प्रतिशत तक घटा दिया है। Lamborghini ज्यादा कारें बना रही है, लेकिन कम प्रदूषण के साथ। Lamborghini ने फैक्ट्री में नए सेफ्टी नियम लागू किए हैं। कर्मचारियों को नई ट्रेनिंग और स्किल्स दी जा रही हैं। गाड़ियों की क्वॉलिटी जांच को और सख्त किया गया है। हाइब्रिड टेक्नोलॉजी ने Lamborghini की फैक्ट्री को ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा हाई-टेक बना दिया है।

कार बनाने में पेंट शॉप सबसे ज्यादा बिजली, पानी और केमिकल्स का इस्तेमाल करती है, जिससे प्रदूषण भी ज्यादा होता है। कंपनी ने पेंट शॉप को इस तरह डिजाइन किया कि प्रदूषण बढ़े नहीं, बल्कि घटे। Lamborghini अब कार को रंगते वक्त भी पर्यावरण का पूरा ख्याल रख रही है।

भले ही आज फैक्ट्रियों में रोबोट और AI का इस्तेमाल बढ़ रहा हो, Lamborghini पूरी तरह मशीनों पर निर्भर नहीं होना चाहती। कंपनी का मानना है कि उसकी पहचान हाथ से बनाई गई लग्ज़री, बारीक कारीगरी और इंसानी हुनर से है। Lamborghini अपनी फैक्ट्री में अब ज्यादा से ज्यादा सौर ऊर्जा जैसी साफ ऊर्जा का इस्तेमाल कर रही है और सोलर पावर क्षमता को लगभग दोगुना कर चुकी है। पानी की खपत पर नजर रखी जा रही है, कचरे को सही तरीके से मैनेज किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य है—जो चीज़ अभी काम की है, उसे बेकार न किया जाए, बल्कि उसे नया जीवन दिया जाए।

Make in India, for the World के लिए HARMAN का दांव : 345 करोड़ से पुणे बनेगा कनेक्टेड कारों का ग्लोबल हब

पुणे: samsung की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी HARMAN ने अपने पुणे के ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में 345 करोड़ रुपये (USD 42 मिलियन) के नए निवेश की घोषणा की है। यह विस्तार भारत की ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को और मज़बूत करेगा तथा देश को “Make in India, for the World” विज़न की दिशा में एक बड़ा कदम दिलाएगा।

इस निवेश से HARMAN के पुणे प्लांट में कुल निवेश अब 554 करोड़ रुपये (USD 67 मिलियन) हो गया है। प्लांट के विस्तार से 300 नई नौकरियां 2027 तक सृजित होंगी। CEO क्रिश्चियन सोबोट्का ने कहा —“यह निवेश भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का सबूत है। अब पुणे कनेक्टेड कारों के भविष्य का निर्माण कर रहा है।”

प्लांट में 71,500 वर्गफुट का अतिरिक्त क्षेत्र जोड़ा गया है, जिसमें 45,000 वर्गफुट का नया शॉप फ्लोर शामिल है। यहां चार नई SMT लाइनों के साथ स्पीकर और मॉड्यूल प्रोडक्शन की शुरुआत होगी। अब यह सुविधा सालाना चार मिलियन कार ऑडियो कंपोनेंट्स, 1.4 मिलियन इंफोटेनमेंट यूनिट्स, और 0.8 मिलियन टेलीमैटिक्स कंट्रोल यूनिट्स (TCUs) का उत्पादन करने में सक्षम होगी। इस विस्तार के साथ HARMAN ने इंडिया में 5G और 4G टेलीमैटिक्स सॉल्यूशंस की लोकल मैन्युफैक्चरिंग भी शुरू की है। इसमें HARMAN Ready Connect शामिल है, जो ओवर-द-एयर अपडेट्स, साइबर सुरक्षा, क्लाउड इंटीग्रेशन और रियल-टाइम V2N अलर्ट जैसी उन्नत सुविधाओं से लैस है।

HARMAN का पुणे प्लांट अब न सिर्फ टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुज़ुकी जैसे भारतीय OEMs को सर्विस देता है, बल्कि यूरोप और नॉर्थ अमेरिका के लिए भी एक्सपोर्ट हब बन गया है। कंपनी के MD कृष्ण कुमार ने कहा, “भारत वह जगह है जहां HARMAN अगली पीढ़ी के इन-कार एक्सपीरियंस डिजाइन और तैयार करता है। यहां के इंजीनियर सिर्फ भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए नवाचार कर रहे हैं।” HARMAN की यह पहल भारत को सस्टेनेबल और इंटेलिजेंट मोबिलिटी के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करती है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 100% ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन हासिल करना है, जिससे तकनीक और स्थिरता दोनों को साथ लेकर चलने का नया मॉडल बनेगा।

Montra Electric का मानेसर में EV ट्रक प्लांट, इंडिया की पहली ऑल-वुमन बैटरी यूनिट

गुरुग्राम: मुरुगप्पा ग्रुप की क्लीन मोबिलिटी ब्रांड Montra Electric ने मानेसर, हरियाणा में अपना अत्याधुनिक eHCV मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लॉन्च किया। इस प्लांट में हैवी कमर्शियल इलेक्ट्रिक ट्रकों का निर्माण होगा। भारत धीरे-धीरे ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। यह भारत की पहली ऑल-वुमन बैटरी यूनिट है, जो महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है।

डिजाइन, असेंबली, क्वॉलिटी चेक और टेस्टिंग—सभी स्टेप्स में महिलाएं शामिल हैं। यह इकाई महिलाओं को तकनीकी और इंडस्ट्रियल फील्ड में नई नौकरी और अवसर देती है। Montra Electric का मानेसर प्लांट मुख्य रूप से EV ट्रक (eHCV) बनाने का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। प्लांट में बैटरी असेंबली के लिए भारत की पहली पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित ऑटोमेटेड यूनिट शामिल है। पूरा प्लांट EV ट्रक बनाने के लिए है। बैटरी सेक्शन: उसी प्लांट का हिस्सा है, और वही ऑल-वूमन बैटरी यूनिट है। गौरतलब है कि Montra Electric ने अब तक भारत का पहला 55 टन इलेक्ट्रिक ट्रक ट्रेलर Rhino और भारत का पहला इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर E-27 लॉन्च किया है। यह भारत की पहली ऑल-वुमन बैटरी यूनिट है, जो महिला सशक्तिकरण बढ़ावा देती है। प्लांट में बैटरी रीसाइक्लिंग, वेस्ट मैनेजमेंट और भविष्य में रिन्यूएबल एनर्जी की योजना शामिल हैं।

Montra Electric का नया मानेसर प्लांट सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि तकनीक, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी का पूरा हब है। भारत की पहली पूरी तरह महिलाओं की ओर से संचालित ऑटोमेटेड बैटरी लाइन, जो इंडस्ट्री में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा रही है। उत्पादन तेज़, कुशल और आधुनिक होगा। यहां सालाना 6,000 ट्रक बनेंगे। जरूरत पड़ने पर इसे 7,500 तक बढ़ाया जा सकता है। फैक्ट्री 2.55 लाख वर्ग फीट में फैली है, जिसमें 1.5 लाख वर्ग फीट बिल्ट-अप एरिया शामिल है। 60% रोबोटिक्स इंटीग्रेशन और Industry 4.0 प्रैक्टिसेस से उत्पादन स्मार्ट और हाई-टेक होगा।

74% पार्ट्स और कंपोनेंट्स इंडिया में ही बनेंगे। फैक्ट्री स्थानीय कंपनियों और सप्लायर्स को सपोर्ट करती है। इससे सप्लाई चेन मजबूत और टिकाऊ होIR, यानी उत्पादन में रुकावट कम होगी और लागत नियंत्रित रहेगी। फैक्ट्री में बैटरी रीसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंट की सुविधा होगी। भविष्य में सोलर या रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल भी किया जाएगा। यह फैक्ट्री सिर्फ ट्रक बनाने के लिए नहीं, बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए भी डिजाइन की गई है।

पुणे बनेगा Hyundai का ग्लोबल EV हब, इंडिया से होगी दुनिया भर में सप्लाई

नई दिल्ली: इंडिया में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बाजार धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। Hyundai इंडिया में ही डिजाइन और लॉन्च की गई पहली इलेक्ट्रिक कार लाने वाली है। कंपनी पुणे स्थित अपने प्लांट की क्षमता बढ़ा रही है ताकि वहां ज्यादा से ज्यादा EV बनाई जा सके। Hyundai ने तय कर लिया है कि भारत को वो अपनी EV ग्रोथ की बैटरी बनाएगी। यहां कार भी बनेगी, बैटरी भी लोकल होगी, और इंडिया से दूसरे देशों में एक्सपोर्ट भी होगा।

कंपनी का दावा है कि Hyundai का पुणे का प्लांट एक्सपोर्ट सेंटर बनेगा। बैटरी सस्ती होगी। कारें स्मार्टफोन जैसी अपडेटेबल होंगी । पुणे प्लांट की क्षमता 2030 तक 2.5 लाख गाड़ियों तक बढ़ाई जाएगी। आने वाले वक्त में भारत से Hyundai की गाड़ियां पूरी दुनिया में भेजी जाएंगी।

न्यूयॉर्क में हुए Hyundai के ग्लोबल CEO Investor Day में कंपनी की ओर से ऐलान किया गया कि Hyundai का लक्ष्य 2030 तक दुनिया भर में 55.5 लाख गाड़ियां बेचने का है, जिनमें से 60% इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल होंगे। Hyundai इंडिया में 2030 तक यहां 6 नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करेगी। इनमें से एक सब-कॉम्पैक्ट SUV होगी, जिसका कोडनेम फिलहाल HE1i रखा गया है। बैटरी पैक भी अब देश में ही बनाए जाएंगे। इसके लिए Hyundai ने Exide Industries और Amara Raja जैसी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है।

Hyundai इंडिया के पुणे प्लांट को मल्टी-मॉडल एक्सपोर्ट हब बनाएगी। Hyundai ने कहा है कि 2027 से वो ऐसी इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करेगी, जो एक बार चार्ज होने पर करीब 960 किलोमीटर (600 मील) तक चल सकेंगी। Hyundai नई बैटरी टेक्नोलॉजी लाने की तैयारी में है, जिससे गाड़ियां और ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ होंगी। Hyundai अपनी गाड़ियों को सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल (SDV) बनाने जा रही है। भविष्य की कारें कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर से पूरी तरह कंट्रोल होंगी, जैसे मोबाइल फोन में अपडेट आता है वैसे ही कारों में भी आएगा।

Hyundai का लक्ज़री ब्रांड Genesis भी हाइब्रिड और बैटरी इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करेगा। Hyundai ने बड़ी-बड़ी टेक और ऑटो कंपनियों – Waymo (सेल्फ ड्राइविंग टेक), General Motors और Amazon Autos – के साथ साझेदारी की है। इससे उन्हें नई टेक्नोलॉजी और मार्केट दोनों में मजबूती मिलेगी। Hyundai ने साफ किया है कि 2030 तक करीब 4.8 लाख करोड़ रुपये (KRW 77.3 ट्रिलियन) का निवेश किया जाएगा।

Acer ने ‘मेक इन इंडिया’ को दी नई गति: पुडुचेरी में 3 लाख लैपटॉप बनाने की क्षमता वाला अत्याधुनिक प्लांट शुरू

नई दिल्ली: इंडिया के अग्रणी टेक्नोलॉजी ब्रांड्स में से एक Acer ने ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को एक नई ऊर्जा दी है। कंपनी ने पुडुचेरी में अपनी अत्याधुनिक लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग सुविधा की शुरुआत की है। यह प्लांट भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत प्लूमेज सॉल्यूशंस (Plumes Solutions) के साथ साझेदारी में बनाया गया है। यह कदम भारत में आईटी हार्डवेयर के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

विस्तार और क्षमता का नया अध्याय

यह नया संयंत्र Acer की इंडिया में अपनी उपस्थिति और परिचालन को और मजबूत करेगा। प्लूमेज के साथ एसर की मौजूदा साझेदारी पहले से ही कंप्यूटर मॉनिटर, ऑल-इन-वन (AIO) डेस्कटॉप, सर्वर और अन्य उत्पादों का उत्पादन कर रही है। अब इस साझेदारी के तहत, पुडुचेरी में यह नया प्लांट सालाना 3,00,000 लैपटॉप यूनिट्स का उत्पादन करने की क्षमता रखता है। इस निवेश का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और भारत के शहरी और उभरते बाजारों से बढ़ती मांग को पूरा करना है।

निवेश और रोजगार के अवसर

यह रणनीतिक निवेश सिर्फ उत्पादन तक ही सीमित नहीं है। प्लूमेज ग्रुप ने इस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए अगले 3-4 वर्षों में ₹50 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का एक वैश्विक केंद्र बनाने के लक्ष्य को बल मिलेगा।

लीडरशिप का दृष्टिकोण

Acer India के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर हरीश कोहली ने इस पहल पर कहा, “इंडिया Acer के लिए सिर्फ एक महत्वपूर्ण बाजार नहीं है, बल्कि हमारे भविष्य के विकास का रणनीतिक स्तंभ है। इस नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा के साथ, हम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भरता के विजन को समर्थन देने पर गर्व महसूस करते हैं।”

वहीं, प्लूमेज ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश गुप्ता ने इस साझेदारी को एक साझा प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग उद्योग में गुणवत्ता, दक्षता और नवाचार के नए मानक स्थापित करेगा। यह साझेदारी Acer के लिए सप्लाई चेन को अधिक कुशल बनाएगी, डिलीवरी के समय को कम करेगी और इंडियन मार्केट के लिए प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अत्याधुनिक नवाचार उपलब्ध कराएगी।

नोएडा बना ऑडियो पावरहाउस : Realme ने गढ़ा Made in India का मास्टरपीस

नई दिल्ली: कभी सोचा है, आपके कानों में बजने वाला बेहतरीन म्यूजिक और गेमिंग साउंड गैजेट्स यहीं भारत में बन सकते हैं realme और Optiemus Electronics ने मिलकर यही काम शुरू कर दिया है। Noida के प्लांट में realme Buds T200 Lite का प्रोडक्शन तेज़ी से चल रहा है। रोज़ाना 2,500 पीस तैयार हो रहे हैं और जल्द ही यह संख्या 10,000 प्रतिदिन हो जाएगी। ये ईयरबड्स आपको लंबा बैकअप, साफ़ आवाज़ और पानी-धूल से बचाव जैसे फीचर देंगे। कंपनी जल्द ही Hybrid Active Noise Cancellation (ANC) वाले realme Buds T200 भी यहीं बनाएगी, ताकि मेट्रो की भीड़ हो या घर का शोर, सिर्फ वही सुनाई दे जो आप सुनना चाहें।

realme और Optiemus Electronics ने मिलकर भारत में टेक मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा दांव खेला है। सालाना 50 लाख डिवाइस यहां बनेंगे। इससे 2,000 से ज्यादा नई नौकरियां पैदा होंगी। realme Buds T200 Lite में 48 घंटे का बैकअप, फास्ट चार्जिंग, ड्यूल-डिवाइस कनेक्टिविटी और पानी से बचाव की सुविधा है। realme Buds T200 Lite एक बार चार्ज होने पर 48 घंटे तक चलेगा। कुछ ही मिनटों की चार्जिंग में कई घंटे का म्यूजिक सुन सकते हैं। यह एक साथ दो डिवाइस जैसे फोन और लैपटॉप से कनेक्ट हो सकता है। IPX4 रेटिंग से लैस होने के चतलते यह पसीना या हल्की बारिश से सुरक्षित रहते हैं।

realme Buds T200 में 12.4mm का दमदार बास ड्राइवर्स हर बीट को पावरफुल बनाएगा। Hi-Res Audio और LDAC सपोर्ट स्टूडियो-क्वालिटी का क्लियर साउंड देंगे। 32dB Active Noise Cancellation आसपास से आने वाले शोर को ब्लॉक करेगा। ड्यूल माइक नॉइज़ रिडक्शन कॉल की आवाज़ को क्रिस्टल-क्लियर रखेगा। गेमर्स के लिए 45ms का अल्ट्रा-लो लेटेंसी मोड है, जिससे आवाज़ और एक्शन में कोई डिले नहीं होगा।

VF 7 के रोलआउट के साथ VinFast का तमिलनाडु प्लांट शुरू

नई दिल्ली/चेन्नई: इंडियन इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में दबदबा बढ़ाने की कोशिश कर रही वियतनाम की EV निर्माता कंपनी VinFast ने प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV VF 7 को रोलआउट कर के तमिलनाडु में पहला इंडियन इलेक्ट्रिक गाड़ियों का प्लांट शुरू कर दिया है।

VinFast ने तमिलनाडु में पहला इंडियन इलेक्ट्रिक गाड़ियों का प्लांट शुरू किया है। यह कंपनी का इंडिया में पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग सेंटर है। VinFast ने तूतीकोरिन के SIPCOT इंडस्ट्रियल पार्क में पहले इंडियन EV असेंबली प्लांट की नींव रख दी है। यह प्लांट आने वाले समय में साउथ एशिया का सबसे बड़ा EV एक्सपोर्ट सेंटर बनेगा। यहां से साउथ एशिया के तमाम देशों को गाड़ियां एक्सपोर्ट की जाएंगी।

VinFast का तमिलनाडु प्लांट कंपनी का तीसरा ऐसा प्लांट है जहां उत्पादन शुरू हो चुका है। दुनियाभर में ये कंपनी का पांचवां बड़ा प्रोजेक्ट है। ये फैक्टरी पूरी तरह से हाईटेक और ऑटोमेटेड सिस्टम से चलती है। इस प्लांट में गाड़ी बनाने की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह पर होती है। बॉडी शॉप में गाड़ी का ढांचा तैयार होता है। पेंट शॉप में उसे रंग दिया जाता है। असेंबली लाइन पर गाड़ी के सारे पार्ट्स (जैसे बैटरी, टायर, सीट्स, स्टीयरिंग वगैरह) जोड़े जाते हैं। क्वॉलिटी कंट्रोल सेंटर में हर गाड़ी को अच्छे से चेक किया जाता है कि सब कुछ सही है या नहीं। लॉजिस्टिक्स हब से ये गाड़ियां देश के अलग-अलग हिस्सों या विदेशों में भेजी जाती हैं।

VinFast के इस प्लांट में सबसे पहले दो प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV — VF 6 और VF 7 बनेंगी। इस फैक्ट्री की सालाना उत्पादन क्षमता 50,000 यूनिट्स रखी गई है, लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, इसकी ताकत भी बढ़ेगी। ये आंकड़ा 1.5 लाख गाड़ियों तक जा सकता है। इस प्लांट से 3,500 से ज़्यादा लोगों को सीधी नौकरियां मिलेंगी। VinFast का ये प्लांट इंडिया की EV रफ्तार का नया इंजन बनेगा। VinFast के CEO Pham Sanh Chau ने कहा कि वे तमिलनाडु को साउथ एशिया का सबसे बड़ा EV सेंटर बनाना चाहते हैं।

VinFast ने इंडिया की कुछ बड़ी कंपनियों से साझेदारी की है। कंपनी ने बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए BatX Energies, आफ्टर सेल्स सर्विस के लिए myTVS Global Assure और डिजिटल सर्विस नेटवर्क के लिए RoadGrid से हाथ मिलाया है। कंपनी ने 2025 तक दो लाख गाड़ियां बेचने का और 2030 तक हर साल 10 लाख EV बनाने का टारगेट रखा है।