Škoda ने दिखाया मेड इन इंडिया का दम, 365 दिन में बनाई 50,000 से ज्यादा कारें

नई दिल्ली: Skoda Auto Volkswagen India ने इंडिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। कंपनी की सब-4 मीटर SUV Skoda Kylaq का प्रोडक्शन सिर्फ 1 साल के अंदर 50,000 यूनिट के आंकड़े को पार कर गया है। यह उपलब्धि जनवरी 2026 में हासिल हुई, जो भारत में स्कोडा (Skoda) की मजबूत पकड़ और मेक-इन-इंडिया पहल के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाती है।

जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच Skoda Kylaq की कुल 46,872 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, यानी हर महीने औसतन करीब 3,900 यूनिट्स बिकीं। इसका 50,000 यूनिट प्रोडक्शन का आंकड़ा इसलिए ज्यादा है। इसमें जनवरी 2026 में बनी और डिस्पैच हुई गाड़ियां भी शामिल हैं, जो 2025 की सेल्स लिस्ट में नहीं गिनी गई थीं।

Skoda Kylaq कंपनी की पहली सब-4 मीटर SUV है और यह मॉडल Skoda Auto Volkswagen India के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ है। साल 2025 में ग्रुप की 36% सालाना ग्रोथ में Kylaq की बड़ी भूमिका रही। बेहतर डिजाइन, सही कीमत, मजबूत फीचर्स और भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस SUV को बाजार में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला।
50,000 यूनिट प्रोडक्शन का यह जश्न खास बन गया, जब इसमें केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी भी शामिल हुए। उन्होंने स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया Skoda Auto Volkswagen India को घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और लोकलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए बधाई दी।

वहीं, Skoda Auto Volkswagen India के MD & CEO पीयूष अरोड़ा ने कहा कि यह उपलब्धि ग्राहकों के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि कायलाक (Kylaq) की सफलता इस बात का सबूत है कि भारत में डिजाइन और इंजीनियर की गई गाड़ियां न सिर्फ घरेलू बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी दम रखती हैं। Skoda Kylaq की बढ़ती डिमांड को देखते हुए कंपनी ने अपने चाकन प्लांट की प्रोडक्शन कैपेसिटी में 30% की बढ़ोतरी की है।

यह माइलस्टोन इंडिया में 25 साल की लगातार निवेश और लोकल टैलेंट डेवलपमेंट का नतीजा है। Skoda Auto Volkswagen India आगे भी नए प्रोडक्ट्स और ज्यादा प्रोडक्शन के जरिए भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। 50,000 यूनिट प्रोडक्शन और लगातार बनी हुई सेल्स मोमेंटम के साथ Skoda Kylaq अब कंपनी की इंडिया ग्रोथ स्टोरी का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। 2026 में भी इस SUV से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

Ather ने बनाए 5 लाख इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, Rizta बना सुपरस्टार

नई दिल्ली: इंडिया की टॉप इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी Ather Energy Limited ने बहुत बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है। तमिलनाडु के होसुर में बनी अपनी फैक्ट्री से उन्होंने अपना 5,00,000वाँ स्कूटर रोल-आउट किया है. सबसे ख़ास बात यह है कि यह रिकॉर्ड-तोड़ स्कूटर, एथर का ‘फैमिली स्कूटर’ Rizta (रिज़्टा) था। यह स्कूटर पिछले साल ही लॉन्च हुआ था और बहुत कम समय में ही यह कंपनी के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले प्रोडक्ट्स में से एक बन गया है।

Ather Energy के सह-संस्थापक और सीटीओ स्वप्निल जैन ने कहा, “5 लाख स्कूटर का आंकड़ा पार करना एथर के लिए बहुत बड़ी जीत है. जब हमने अपना पहला प्रोटोटाइप बनाया था, तब से लेकर आज तक, हमारा सफर सिर्फ़ गाड़ियाँ बनाने का नहीं रहा है, बल्कि एक ऐसा मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम बनाने का रहा है जो बड़ा हो, भरोसेमंद हो और लगातार अच्छा काम किया।

Rizta Ather का नया स्टार स्कूटर है। सिर्फ एक साल में Rizta ने कंपनी के कुल उत्पादन का एक-तिहाई हिस्सा संभाल लिया। यह स्कूटर परफॉर्मेंस + फैमिली फ्रेंडली डिज़ाइन का बेस्ट कॉम्बिनेशन पेश करती है। Ather के Hosur में दो फैक्ट्रीज़ हैं – एक व्हीकल असेंबली और दूसरी बैटरी प्रोडक्शन के लिए। Hosur फैक्ट्री की क्षमता हर साल 4,20,000 स्कूटरों के प्रॉडक्शन की है।

Ather के स्कूटर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसलिए कंपनी महाराष्ट्र के Bidkin में Factory 3.0 बना रही है। यह फैक्ट्री दो चरणों (Phase) में तैयार होगी और Industry 4.0 तकनीक का इस्तेमाल करेगी, जब फैक्ट्री पूरी तरह काम करने लगेगी, तो Ather हर साल 14,20,000 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बना सकेगी। नई फैक्ट्री से Ather अब और ज्यादा स्कूटर्स जल्दी और बेहतर तरीके से बना पाएगी।

Ather Energy ने इंडिया में पहला स्कूटर 2018 में लॉन्च किया था। प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में दो प्रमुख लाइन हैं। इसमें Ather 450 Series तेज़ और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड है। Ather Rizta परिवार और रोज़मर्रा की सुविधा के लिए उपयुक्त है। Ather का Fast-Charging नेटवर्क “Ather Grid” भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर चार्जिंग नेटवर्क है। अब तक 4,032 चार्जर लग चुके हैं। इसमें 3,997 भारत में और 35 नेपाल और श्रीलंका में हैं।

Ola Electric का ‘धमाकेदार’ रिकॉर्ड: 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन करने वाली इंडिया की पहली EV कंपनी बनी

बेंगलुरु: इंडिया की सबसे बड़ी प्योर-प्ले ईवी कंपनी Ola Electric ने आज एक ऐतिहासिक विनिर्माण उपलब्धि की घोषणा की है। कंपनी ने तमिलनाडु के कृष्णागिरी स्थित अपनी Futurefactory से 10 लाखवें वाहन का उत्पादन करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि के साथ Ola 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन का आंकड़ा छूने वाली इंडिया की पहली ईवी कंपनी बन गई है।
चार साल से भी कम समय में यह उपलब्धि हासिल करके Ola Electric ने S1 इलेक्ट्रिक स्कूटर पोर्टफोलियो और हाल ही में लॉन्च की गई Roadster X इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की मजबूत मांग को साबित कर दिया है।

एक रिकॉर्ड जो इंडिया के लिए गर्व है

इस अवसर पर Ola Electric के एक प्रवक्ता ने कहा, “यह हर उस भारतीय के लिए जश्न का प्रतीक है जिसने हम पर भरोसा किया और हमारे मिशन में विश्वास किया। चार वर्षों में, हम एक विचार से भारत के ईवी दोपहिया वाहन क्षेत्र में अग्रणी बन गए हैं। हमने बड़े पैमाने पर निर्माण किया है और साबित किया है कि विश्व स्तरीय उत्पादों को यहीं भारत में डिज़ाइन, इंजीनियर और निर्मित किया जा सकता है। हमारा मिशन स्पष्ट है: #EndICEAge और भारत को वैश्विक ईवी केंद्र बनाएँ।”

इस ऐतिहासिक उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए Ola Electric ने एक विशेष संस्करण Roadster X+ लॉन्च किया। यह आकर्षक मिडनाइट ब्लू रंग में आता है, जिसमें ड्यूल-टोन सीट, रिम और बैटरी पैक पर स्पोर्टी लाल रंग के एक्सेंट दिए गए हैं। इस विशेष संस्करण में पुनर्चक्रित तांबे के कचरे से बने बैज भी शामिल हैं, जो कंपनी के स्थिरता के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।

नए मॉडल्स की भी घोषणा: परफॉर्मेंस और स्टाइल

कंपनी के वार्षिक ‘संकल्प’ कार्यक्रम में, Ola Electric ने कई नए वाहनों की भी घोषणा की:
नए 4680 इंडिया सेल वाले वाहन: कंपनी ने 4680 भारत सेल इंटीग्रेटेड S1 Pro+ (5.2 kWh) और Roadster X+ (9.1 kWh) को लॉन्च किया है। इनकी कीमतें क्रमशः ₹1,69,999 और ₹1,89,999 हैं, और इनकी डिलीवरी इसी नवरात्रि से शुरू होगी।
स्पोर्ट्स स्कूटर सेगमेंट में एंट्री: Ola ने स्पोर्ट्स स्कूटर श्रेणी में भी प्रवेश किया है। बिल्कुल नया S1 Pro Sport 4680 भारत सेल द्वारा संचालित 5.2 kWh और 4 kWh बैटरी पैक के साथ आता है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹1,49,999 है। इसकी डिलीवरी जनवरी 2026 से शुरू होगी।

Swaraj Tractors ने रचा इतिहास: 25 लाखवां ट्रैक्टर फैक्ट्री से निकला

मोहाली: Mahindra Group का हिस्सा और भारतीय किसानों की शान Swaraj Tractors ने आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने पंजाब के मोहाली स्थित अपने प्लांट से 25 लाखवां ट्रैक्टर बनाकर तैयार कर दिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय किसानों की पीढ़ियों के उस अटूट विश्वास और गहरे भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है, जो उन्होंने ‘मेरे स्वराज’ पर दिखाया है। यह उपलब्धि और भी खास इसलिए है क्योंकि कंपनी ने 20 लाख ट्रैक्टरों का आंकड़ा 2022 में ही पार किया था। यानी, सिर्फ 3 साल में 5 लाख नए ट्रैक्टर बनाकर स्वराज भारत के सबसे तेजी से बढ़ते ट्रैक्टर ब्रांड के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

इस ऐतिहासिक क्षण पर M&M Limited के कृषि उपकरण व्यवसाय के अध्यक्ष विजय नाकरा ने कहा, “Swaraj का 25 लाख उत्पादन का आंकड़ा उस विश्वास को दर्शाता है जो किसानों की पीढ़ियों ने ब्रांड पर रखा है। भारत की आत्मनिर्भरता की भावना से प्रेरित स्वराज किसानों को सशक्त बनाता रहेगा और खेती को बदलने और जीवन को समृद्ध बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।”

‘मेरा स्वराज’ – एक ट्रैक्टर नहीं, परिवार का हिस्सा

Swaraj का सफर 1974 में इंडिया के पहले स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ट्रैक्टर ‘Swaraj 724’ के साथ शुरू हुआ था। हरित क्रांति के दौर में जब देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा था, तब ‘स्वराज’ नाम का जन्म हुआ, जिसका अर्थ है- स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता। दशकों से, स्वराज सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि भारतीय किसान के परिवार का एक हिस्सा बन गया है। यह एक ऐसी विरासत है जो पिता से पुत्र तक चली आ रही है।

M&M Limited के स्वराज डिवीजन के सीईओ गगनजोत सिंह ने कहा, “Swaraj में हमारे लिए, प्रत्येक ट्रैक्टर सिर्फ़ एक मशीन से कहीं बढ़कर है। यह किसान की प्रगति में एक भागीदार है। 25 लाख का आंकड़ा पार करना हमारी पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण है और भारतीय किसानों को उनकी समृद्धि की यात्रा में और अधिक सहयोग देने के लिए एक प्रेरणा है।”

रफ्तार का दूसरा नाम ‘Swaraj

Swaraj की विकास यात्रा beeindruckend रही है:
2002 में 5 लाख ट्रैक्टर का पहला पड़ाव पार किया।
अगले 23 वर्षों में उत्पादन में पाँच गुना वृद्धि करते हुए 25 लाख के आंकड़े तक पहुंचा।
Swaraj के पोर्टफोलियो में स्वराज 855, 735, 744 जैसे प्रतिष्ठित मॉडलों के साथ-साथ हाल ही में लॉन्च की गई ‘नया स्वराज रेंज’ भी शामिल है, जो हर तरह की खेती और हर किसान की जरूरतों को पूरा करती है।

Tata Punch बनी ‘इंडिया की SUV’ : 4 साल से भी कम समय में 6 लाख यूनिट्स पार

मुंबई: इंडियन ऑटोमोबाइल के इतिहास में आज एक नया पन्ना जुड़ गया है। टाटा मोटर्स ने घोषणा की है कि उसकी रिवोल्यूशनरी कॉम्पैक्ट SUV Tata Punch ने 4 साल से भी कम समय में 6 लाख यूनिट्स के उत्पादन का हिस्टोरिकल आंकड़ा पार कर लिया है। यह एक रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धि है जिसने ‘Punch‘ को सचमुच ‘इंडिया की SUV’ बना दिया है।

अक्टूबर 2021 में जब Tata Punch लॉन्च हुई थी तब इसका मक़सद SUV के अनुभव को हर भारतीय तक पहुंचाना था। इसने ‘सब-कॉम्पैक्ट SUV’ नाम से एक बिल्कुल नया सेगमेंट ही बना दिया। अब, ये सिर्फ़ एक कार नहीं बल्कि विश्वास, स्टाइल और विश्वसनीयता का प्रतीक बन गई है, चाहे व्यस्त शहर की सड़कें हों या दूरदराज के इलाके। 2024 में तो ये देश की सबसे ज़्यादा बिकने वाली कार भी बनी, जो इसकी ज़बरदस्त लोकप्रियता का प्रमाण है।

पंच: ‘नए भारत’ की पहचान

Tata Passenger Mobility Limited के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी विवेक श्रीवत्स ने इस उपलब्धि पर कहा, “पंच एक नए इंडिया की भावना का प्रतीक है – साहसी, आत्मविश्वासी और अपना रास्ता खुद बनाने के लिए तैयार। 6 लाख की उपलब्धि सिर्फ़ एक उत्पादन मील का पत्थर नहीं बल्कि 6 लाख से ज़्यादा इंडियन के उस अपार विश्वास का प्रतिबिंब है, जिन्होंने इस वाहन पर भरोसा किया।” उन्होंने आगे कहा, “यह देखना ख़ासकर उत्साहजनक है कि कैसे पंच इतने सारे पहली बार कार खरीदने वालों के लिए स्वाभाविक पहली पसंद बन गई है। पंच सिर्फ़ एक कार नहीं – यह एक सफल ब्रांड है जिसने एक सांस्कृतिक बदलाव को जन्म दिया है और यह परिभाषित किया है कि भारत अपने परिवार की पहली कार से क्या उम्मीद करता है।”

पंच की सफलता के पीछे के राज़: ‘लोगों की SUV’ क्यों बनी

पहली पसंद, ख़ासकर महिलाओं के लिए: लगभग 70% पंच ICE (पेट्रोल) मालिक पहली बार कार खरीद रहे हैं! यह सुविधा, सुरक्षा और SUV स्टाइल का बेहतरीन मेल है। महिला ड्राइवरों में भी इसकी ज़बरदस्त लोकप्रियता है, ख़ासकर इसका कॉम्पैक्ट डिज़ाइन, हाई ग्राउंड क्लीयरेंस और शानदार रोड व्यू उन्हें बहुत पसंद आता है। कमाल की बात तो ये है कि 25% Punch.ev (इलेक्ट्रिक) मालिक महिलाएं हैं, जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में उनकी बढ़ती भागीदारी का संकेत है!
हर जगह फिट: पंच का आकर्षण शहरों और गाँवों, दोनों जगह फैला हुआ है। इसकी बिक्री में टियर 1 शहरों से 24%, टियर 2 से 42% और टियर 3 कस्बों से 34% की हिस्सेदारी है, जो इसकी देश भर में गहरी पहुंच को दर्शाता है।
सेगमेंट की पहचान: अक्टूबर 2021 में लॉन्च होने के बाद से, पंच ने अपने दमदार डिज़ाइन, ज़बरदस्त परफ़ॉर्मेंस और 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग (ICE और EV दोनों वेरिएंट में ग्लोबल NCAP और भारत NCAP से) के साथ कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट को पूरी तरह से बदल दिया है।

अनडिस्प्यूटेड लीडर:

Tata Motors की कुल यात्री वाहन बिक्री में 36% हिस्सेदारी
सब-कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट (वित्त वर्ष 25) में 38% की मार्केट शेयर
साल-दर-साल 15% की मज़बूत वृद्धि
20 से ज़्यादा प्रतिष्ठित ऑटोमोटिव पुरस्कार जीत चुकी है
पेट्रोल, CNG और EV – तीनों पावरट्रेन विकल्पों में उपलब्ध

“इंडिया की SUV” अभियान के साथ जश्न

इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए Tata Motors ने एक नया राष्ट्रव्यापी अभियान “इंडिया की SUV” शुरू किया है। यह अभियान उन लाखों भारतीयों का जश्न मनाता है, जिन्होंने टाटा पंच को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है। यह सुरक्षा के प्रति जागरूक परिवारों, शहर के एडवेंचर के दीवानों, टियर 2 और 3 शहरों के युवाओं, और पहली बार कार खरीदने वालों – सभी की कहानियों को दिखाता है। 6 लाख से ज़्यादा टाटा पंच के साथ यह अभियान सिर्फ़ एक उपलब्धि का सम्मान नहीं करता बल्कि उन विविध यात्राओं का भी सम्मान करता है जो इसे यहां तक ले आईं – हर यात्रा उद्देश्य, गौरव और संभावना से प्रेरित है। ‘इंडिया की SUV’ उस राष्ट्र की भावना को श्रद्धांजलि है जो साहसपूर्वक और एकजुटता से आगे बढ़ रहा है।

Made in India Skoda : 5 लाख कारों के साथ दुनिया में नई उड़ान

नई दिल्ली : यूरोपियन स्टाइल की इंजीनियरिंग और इंडियन जज़्बे के मेल से जब कार बनती है, तो सिर्फ गाड़ी नहीं, लोगों के भरोसे की चलती-फिरती मिसाल बनती है। Skoda Auto Volkswagen India ने भारत में 5,00,000वीं कार बनाकर इसी भरोसे के हाइवे पर उड़ान भरी है। पुणे और छत्रपति संभाजीनगर (पहले औरंगाबाद) की अत्याधुनिक फैक्ट्रियों में बनी यह गाड़ियां न सिर्फ भारत की सड़कों पर दौड़ रही है, बल्कि अब दुनिया के बाजारों में भी Made in India Skoda का डंका बज रहा है।

कंपनी की करीब 70% गाड़ियों का निर्माण पुणे प्लांट में हुआ, बाकी छत्रपति संभाजीनगर से निकलीं। 2001 में पहली Octavia लॉन्च करने के बाद से Skoda की भारत में मौजूदगी लगातार मजबूत होती गई है। इस दौरान कंपनी ने Octavia, Superb और Kodiaq जैसे प्रतिष्ठित मॉडल्स पेश किए, जो प्रीमियम सेगमेंट में लोगों की पसंद बने। अब कंपनी ने भारत को ध्यान में रखकर Kushaq और Slavia जैसे मॉडल्स लॉन्च किए हैं। आने वाले समय में नई सब-4 मीटर SUV ‘Kylaq’ के साथ किफायती सेगमेंट में भी दस्तक देने जा रही है। Skoda की कारें अब वियतनाम में भी असेंबल हो रही हैं। कंपनी की से ग्लोबल ऑटो प्लेयर बनने की रफ्तार तेज हो चुकी है। Skoda की यह उपलब्धि (माइलस्टोन) इंडिया में बने वाहनों को दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी है। यह “Make in India – for the World” के इंडियन गवर्नमेंट के विजन को साकार करती है।

Skoda Auto Volkswagen India के CEO पीयूष अरोड़ा बोले, “हमने केवल पांच लाख कारों की बिक्री ही नहीं की हैं, बल्कि 5 लाख रिश्ते हमने भारत के ग्राहकों से बनाए हैं। इस उपलब्धि के पीछे दशकों की तैयारी, टेक्नोलॉजी और टीम वर्क है। पुणे और छत्रपति संभाजीनगर की दो हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लोकल टैलेंट और ग्लोबल स्टैंडर्ड टेक्नोलॉजी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। Škoda के लिए ये माइलस्टोन सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक नई उड़ान की रनवे है। Škoda की इस रफ्तार में ‘Make in India – for the World’ सिर्फ एक नारा नहीं, हकीकत बन चुका है।

EV रेस में Revolt का जलवा : 50,000वीं बाइक तैयार, 3 लाख का टारगेट सेट

नई दिल्ली/मुंबई : देश की नंबर 1 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल ब्रैंड Revolt Motors ने अपनी 50,000वीं इलेक्ट्रिक बाइक बनाकर खास मुकाम हासिल कर लिया है। ये बाइक कंपनी के अत्याधुनिक मानेसर (हरियाणा) स्थित प्लांट से रोल आउट हुई है। ये आंकड़ा सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि लाखों लोगों के उस भरोसे और बदलाव का प्रतीक है जो भारत को स्वच्छ, स्मार्ट और टिकाऊ ट्रांसपोर्ट की ओर ले जा रहा है। Revolt Motors 2026 के आखिर तक हर साल 3 लाख इलेक्ट्रिक बाइक बनाने की क्षमता हासिल करना चाहती है। दो सालों में कंपनी अपना प्रोडक्शन लगभग दोगुना करेगी। Revolt अपने डीलरशिप नेटवर्क को 400 शहरों तक ले जाने की तैयारी में है।

50,000वीं बाइक कंपनी की नई हाई-परफॉर्मेंस रेंज में शामिल RV1+ मॉडल है, जो Titan Red Silver कलर में तैयार की गई है। यह बाइक Revolt की उस सोच का नतीजा है जिसमें टेक्नोलॉजी, डिज़ाइन और पर्यावरण – तीनों का संतुलन है। हर बाइक न सिर्फ भारत में बनाई जा रही है, बल्कि भारत के लिए खासतौर पर डिज़ाइन भी की गई है। Revolt Motors ने बीते कुछ सालों में अपनी मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल नेटवर्क दोनों को काफी तेजी से बढ़ाया है। मानेसर स्थित यह प्लांट हर साल 1.8 लाख यूनिट बनाने की क्षमता रखता है। फिलहाल Revolt की भारत भर में 200 से ज्यादा डीलर हैं।

Revolt Motors आज भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल कंपनी बन गई है। इसके प्रमुख मॉडल जैसे RV400, RV1+ और RV BlazeX स्मार्ट राइडिंग मोड्स, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग, शानदार बैटरी बैकअप और मजबूत सस्पेंशन जैसी खूबियों से लैस हैं। Revolt अबदक्षिण एशिया के देशों जैसे नेपाल, श्रीलंका और मिडिल ईस्ट जैसे दुबई, ओमान में  अपना विस्तार कर रही है।