Toyota Urban Cruiser Hyryder का फ्यूल इंडिकेटर फेल, 11,529 SUVs की होगी वापसी

नई दिल्ली: Toyota India ने अपनी लोकप्रिय SUV Urban Cruiser Hyryder के लिए मेगा रिकॉल शुरू किया है। टोयोटा इंडिया ने अपनी लोकप्रिय Urban Cruiser Hyryder की 11,529 यूनिट्स की वापसी का ऐलान किया है। ड्राइवर की सुरक्षा और कार की रेंज से जुड़ी खामी के कारण कंपनी ने यह कदम उठाया है। कंपनी ने पाया कि एसयूवी का एनालॉग फ्यूल लेवल इंडिकेटर कई बार गलत रीडिंग दे सकता है, और लो-फ्यूल वार्निंग समय पर नहीं दिखाती। सोचिए… टैंक खाली, और गाड़ी आराम से चलता दिखे—यही रिस्क टोयोटा ने देखकर इसे तुरंत दुरुस्त करने का फैसला लिया है।

SIAM की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खास कंडीशंस में फ्यूल गेज गलत लेवल दिखा देता है। लो-फ्यूल का लाल निशान जलना चाहिए, लेकिन कई बार ये चुप्पी साध लेता है। इससे ड्राइवर को अंदाजा नहीं रहता कि टैंक कब खाली हो गया। इस हालात में सबसे बुरा यह हो सकता है कि गाड़ी बीच सड़क में बंद हो सकती है।

ये रिकॉल 9 दिसंबर 2024 से 29 अप्रैल 2025 के बीच बनी Hyryder पर लागू है। रिकॉल कैंपेन में कंपनी कंबिनेशन मीटर की जांच करेगी और खामी मिलते ही उसे फ्री में रिप्लेस कर देगी। डीलर खुद ग्राहकों से संपर्क करेंगे। ग्राहक चाहें तो अपना VIN नंबर डालकर Toyota Recall Checker पर स्थिति खुद भी चेक कर सकते हैं। इस रिकॉल के तहत कुल 11,529 गाड़ियों को वापस बुलाया गया है, जो 9 December 2024 से 29 April 2025 के बीच बनी थीं। SIAM के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में Hyryder का fuel gauge वार्निंग लैंप नहीं दिखाता।

डीलर खुद ग्राहकों से संपर्क करेंगे। ग्राहक चाहें तो अपना VIN नंबर डालकर Toyota Recall Checker पर स्थिति खुद भी चेक कर सकते हैं। दिलचस्प बात ये है कि ठीक यही दिक्कत कुछ दिन पहले Maruti Suzuki Grand Vitara में पाई गई थी, जिसमें 39,506 यूनिट्स रिकॉल हुईं। दोनों SUVs चूंकि पार्टनरशिप प्लेटफॉर्म पर बनी हैं, इसलिए कंपोनेंट्स भी साझा हैं। Urban Cruiser Hyryder का Festival Limited Edition भी सुर्खियों में है, जो टॉप-स्पेक G और V वेरिएंट्स में आता है। कंपनी चाहती है कि ग्राहकों का भरोसा किसी भी हाल में डगमगाए नहीं इसलिए कंपनी ने यह कदम उठाया है।

39,506 Grand Vitara की घर वापसी, मारुति का बिग सेफ्टी अलर्ट

नई दिल्ली: Maruti Suzuki ने अपने लोकप्रिय SUV मॉडल Grand Vitara की 39,506 यूनिट्स का मेगा रिकॉल जारी किया है। बाहर से देखने पर यह तकनीकी खामी मामूली लगे, लेकिन कंपनी की जांच में यह सामने आया कि यह दिक्कत सीधे तौर पर ड्राइवर की सुरक्षा, गाड़ी की परफॉर्मेंस और लंबे समय की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। मारुति ने देर किए बिना प्रैक्टिकल सेफ्टी एक्शन लेते हुए ग्राहकों को संभावित खतरे से बचाने के लिए यह रिकॉल अनिवार्य किया है, ताकि Grand Vitara की सड़क पर पहचान उसकी पावर ही नहीं, बल्कि भरोसे पर भी कायम रहे।

कंपनी ने बताया कि 9 दिसंबर 2024 से 29 अप्रैल 2025 के बीच बने कुछ Grand Vitara मॉडल्स में फ्यूल लेवल इंडिकेटर और फ्यूल वार्निंग लाइट सही तरह से काम नहीं कर रहे थे। कुछ गाड़ियों में स्पीडोमीटर यह ठीक-ठीक नहीं दिखा रहा था कि टैंक में कितना पेट्रोल बचा है। अब यह गलती छोटी लगे, लेकिन कल्पना कीजिए—कहीं हाइवे पर आप यह सोचकर निकलें कि टैंक भरा हुआ है, और गाड़ी बीच रास्ते रुक जाए… दिक्कत तो होगी ना? यही समझते हुए मारुति सुज़ुकी ने इस मामले में सीधे बड़े स्तर पर रिकॉल का ऐलान किया है।

कंपनी का कहना है कि यह समस्या सिर्फ कुछ चुनिंदा बैचों में देखी गई है, लेकिन कस्टमर सेफ्टी और भरोसे के लिए हर प्रभावित गाड़ी को जांचना जरूरी है। कंपनी अब अपने अधिकृत डीलर वर्कशॉप्स की मदद से ग्राहकों से सीधा संपर्क करेगी। उन्हें अपनी गाड़ी वर्कशॉप में लानी होगी जहाँ फ्री में पार्ट की जांच और रिप्लेसमेंट किया जाएगा। ग्राहक को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। Maruti Suzuki ने मालिकों से अपील की है कि जैसे ही उन्हें रिकॉल का मैसेज या कॉल आए, तुरंत गाड़ी वर्कशॉप में लेकर आएं। यह पूरा प्रोसेस बेहद आसान और झटपट होने वाला है। यह कदम दिखाता है कि मारुति केवल गाड़ियां बेचने तक सीमित नहीं है—वह कस्टमर सेफ्टी को पहले रखती है, और छोटी से छोटी तकनीकी गड़बड़ भी उनकी नजर से बच नहीं पाती। पूरा रिकॉल प्रोसेस तेज़, फ्री और झंझट-मुक्त है। अब देखना यह है कि कंपनी आगे कितनी जल्दी इस समस्या को पूरी तरह ठीक कर पाती है।