जनवरी 2026 में पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर—तीनों सेगमेंट में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री

नई दिल्ली: Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) ने बताया कि साल 2026 की शुरुआत ऑटो इंडस्ट्री के लिए बेहद दमदार रही। जनवरी 2026 में कुल 29,27,394 वाहनों का उत्पादन हुआ, जिसमें पैसेंजर व्हीकल, थ्री-व्हीलर, टू-व्हीलर और क्वाड्रिसाइकिल शामिल हैं। घरेलू बाजार में मांग इतनी मजबूत रही कि तीनों प्रमुख सेगमेंट ने डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की। जनवरी 2026 में 4,49,616 पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल जनवरी के मुकाबले 12.6% ज्यादा है। करीब साढ़े चार लाख गाड़ियां सिर्फ एक महीने में बिकीं। यूटिलिटी व्हीकल (SUV) की मांग खासतौर पर तेज रही, जिससे कुल ग्रोथ को मजबूती मिली।

थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने तो गजब की छलांग लगाई। जनवरी 2026 में 75,725 थ्री-व्हीलर बिके, जो पिछले साल के मुकाबले 30.2% ज्यादा हैं। पैसेंजर कैरियर और गुड्स कैरियर दोनों कैटेगरी में अच्छी बढ़त देखने को मिली। हालांकि ई-रिक्शा सेगमेंट में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। टू-व्हीलर बाजार ने भी रफ्तार पकड़ी। जनवरी 2026 में 19,25,603 दोपहिया वाहन बिके, जो 26.2% की मजबूत ग्रोथ दिखाता है। स्कूटर की बिक्री में 36.9% की जबरदस्त बढ़त दर्ज हुई, जबकि मोटरसाइकिल सेगमेंट 20.3% बढ़ा। मोपेड की बिक्री भी 16% से ज्यादा बढ़ी। इससे साफ है कि शहर से लेकर गांव तक दोपहिया की मांग मजबूत बनी हुई है।

SIAM के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा कि नए साल की शुरुआत सकारात्मक रही है और GST दरों में कटौती के बाद मांग लगातार बनी हुई है। साथ ही, यूनियन बजट 2026 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदम आने वाले समय में इंडस्ट्री को और फायदा पहुंचाएंगे। जनवरी 2026 ने ऑटो इंडस्ट्री को मजबूत शुरुआत दी है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले महीनों में भी बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि यह ग्रोथ सिर्फ फेस्टिव सीजन के असर का परिणाम नहीं, बल्कि लगातार तीसरे महीने बनी मजबूत मांग का संकेत है। उत्पादन और बिक्री के बीच का अंतर यह भी दर्शाता है कि कंपनियां आने वाले महीनों की संभावित डिमांड को देखते हुए इन्वेंट्री तैयार कर रही हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि GST में राहत, बुनियादी ढांचे पर बढ़ता खर्च और मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन जैसे कदम आगे भी बाजार को सहारा देंगे। अगर यही रफ्तार बनी रही तो 2026 इंडियन ऑटो इंडस्ट्री के लिए रिकॉर्ड साल साबित हो सकता है।

अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक मजबूत करने वाला बजट : SIAM

नई दिल्ली: Tata Motors Passenger Vehicles Ltd. के MD & CEO और SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि Union Budget 2026–27 देश की अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक मजबूत करने वाला बजट है। सरकार ने इस बजट में मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल डिसिप्लिन पर खास फोकस रखा है। फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्ग (वॉटरवेज़) और दूसरे इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया गया है, जिससे सामान ढुलाई सस्ती और तेज होगी। इसका सीधा फायदा फैक्ट्रियों, ट्रांसपोर्ट और आम उपभोक्ता को मिलेगा।

बजट में सरकारी निवेश का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो इस साल 11.2 लाख करोड़ था। सड़कें, रेल, पोर्ट्स और इंडस्ट्री से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा पैसा खर्च होगा। इससे नई नौकरियां पैदा होंगी और ऑटोमोबाइल सेक्टर समेत कई उद्योगों में मांग बढ़ेगी।

शैलेश चंद्रा ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के निर्माण को बढ़ावा देने, रेयर अर्थ मिनरल्स की माइनिंग और प्रोसेसिंग के लिए अलग कॉरिडोर बनाने और हाई-टेक टूल रूम व कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करने जैसे कदम बहुत अहम हैं। इससे भारत की सप्लाई चेन मजबूत होगी और कंपनियां विदेशों पर कम निर्भर रहेंगी। एक्सपोर्ट करना भी आसान होगा। बजट में Purvodaya राज्यों के लिए 4,000 ई-बसों का प्रावधान बेहद अहम है। इससे न सिर्फ पब्लिक ट्रांसपोर्ट साफ-सुथरा होगा, बल्कि आम लोगों को सस्ती और टिकाऊ यात्रा का विकल्प मिलेगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मशीनों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी की छूट जारी रहेगी। साथ ही, EV और हाइब्रिड वाहनों की बैटरियों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन सेल्स और पार्ट्स पर कम ड्यूटी की सुविधा मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। इससे EV सस्ते होंगे और भारत में एक मजबूत EV इकोसिस्टम तैयार होगा।

फेस्टिव सीजन और GST कटौती से अक्टूबर में ऑटो बिक्री ने छुआ रिकॉर्ड स्तर, पैसेंजर व्हीकल्स ने मारी बाजी

नई दिल्ली: सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी अक्टूबर 2025 के वाहन बिक्री के आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू ऑटोमोबाइल उद्योग ने त्योहारी मांग की मजबूती और हालिया GST दर कटौती के सकारात्मक प्रभाव के दम पर सभी प्रमुख सेगमेंट में सबसे मजबूत अक्टूबर प्रदर्शन दर्ज किया। बिक्री की इस वृद्धि में पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट सबसे आगे रहा, जिसने सालाना आधार पर 17.2% की शानदार वृद्धि दर्ज की। ऑटो सेक्टर का यह प्रदर्शन बाजार की मजबूत रिकवरी और उपभोक्ता धारणा में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है।

SIAM के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में विभिन्न श्रेणियों के घरेलू वाहन डिस्पैच (डीलरशिप को भेजे गए वाहनों की संख्या) का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

पैसेंजर व्हीकल्स (PVs)

    पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने बिक्री में 4,60,739 यूनिट्स का आंकड़ा छूकर नया मासिक रिकॉर्ड बनाया, जो अक्टूबर 2024 की 3,93,238 यूनिट्स की तुलना में 17.2% अधिक है। इस सेगमेंट में ग्रोथ का मुख्य कारण मजबूत त्योहारी मांग और SUV (यूटिलिटी व्हीकल) सब-सेगमेंट का दमदार प्रदर्शन रहा:

    कुल पैसेंजर व्हीकल्स: 4,60,739 यूनिट्स (+17.2%)
    
        पैसेंजर कारें: 1,39,273 यूनिट्स (+8.7%)
    
        यूटिलिटी व्हीकल्स (SUVs): 2,51,144 यूनिट्स (+10.7%)

    टू-व्हीलर्स (2Ws)

      वॉल्यूम के मामले में सबसे बड़े सेगमेंट, टू-व्हीलर ने भी बिक्री में मामूली वृद्धि दर्ज की।

      कुल टू-व्हीलर्स: 22,10,727 यूनिट्स (+2.1%)
      
          स्कूटर: 8,24,003 यूनिट्स की दमदार बिक्री के साथ 14.3% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
      
          मोटरसाइकिल: इस सेगमेंट में 13,35,468 यूनिट्स के साथ 4.0% की मामूली गिरावट देखने को मिली, जो ग्रामीण बाजार की धीमी रिकवरी को दर्शाती है।

      थ्री-व्हीलर्स (3Ws)

        थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने भी सकारात्मक गति बनाए रखी, मुख्य रूप से यात्री और कार्गो दोनों श्रेणियों में मांग बढ़ने के कारण।

        कुल थ्री-व्हीलर्स: 81,288 यूनिट्स (+5.9%)
        
            पैसेंजर कैरियर्स: 7.6% की वृद्धि।
        
            गुड्स कैरियर्स: 2.8% की वृद्धि।
        
            हालांकि, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर श्रेणी में निराशा हाथ लगी, जिसमें ई-रिक्शा की बिक्री में 27.2% और ई-कार्ट की बिक्री में 3.4% की गिरावट आई।

        उद्योग पर GST कटौती का असर

        SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन के अनुसार, अक्टूबर में रिकॉर्ड डिस्पैच मुख्य रूप से त्योहारों के दौरान बढ़ी खरीद भावना और 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हुई GST दर कटौती से प्रेरित थे। GST कटौती ने ग्राहकों के लिए वाहनों को अधिक किफायती बना दिया, खासकर एंट्री-लेवल सेगमेंट में, जिससे थोक बिक्री (व्होलसेल्स) के साथ-साथ वाहन पंजीकरण (रिटेल बिक्री) में भी तेज उछाल आया।

        कुल मिलाकर, अक्टूबर 2025 भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक मजबूत और रिकॉर्ड-ब्रेकिंग महीना साबित हुआ, जिसने आने वाले महीनों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया है।

        सितंबर 2025 में यात्री वाहन बिक्री ने छुआ नया शिखर, त्योहारी मांग और GST कटौती से मिली बड़ी उछाल

        नई दिल्ली: सितंबर 2025 में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में कार बिक्री ने मजबूत रफ्तार पकड़ी है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल्स (कारों सहित) की बिक्री में 4.4% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां कुल 3,72,458 यूनिट्स की डिस्पैच हुईं, जो पिछले साल सितंबर के 3,56,752 यूनिट्स से अधिक है। यह बढ़ोतरी त्योहारों की शुरुआती मांग, GST 2.0 सुधारों और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर खरीद क्षमता के कारण हुई है।

        SIAM के अनुसार, इस साल नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होने के कारण सितंबर के उत्तरार्ध में रिटेल एक्टिविटी में तेजी आई, जिसने उद्योग को सकारात्मक दिशा दी। हालांकि, उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों में बाढ़ से कुछ फसलों और लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ा, लेकिन कुल मिलाकर कृषि उत्पादन स्थिर रहा, जो आगे ग्रामीण मांग को सपोर्ट करेगा।

        यह प्रदर्शन ऑटो सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है क्योंकि GST 2.0 सुधार, RBI की दरों में कटौती और इनकम टैक्स में राहत जैसे कदमों से उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। SIAM का मानना है कि यह गति त्योहारों और शादी के सीजन में जारी रहेगी, और वित्तीय वर्ष के बाकी हिस्से में सेक्टर सकारात्मक वृद्धि पर बंद होगा, हालांकि भू-राजनीतिक घटनाओं पर नजर बनी रहेगी।

        सभी प्रकार के वाहनों की बिक्री का विस्तृत विश्लेषण

        SIAM की रिपोर्ट में सितंबर 2025 के लिए विभिन्न श्रेणियों में वाहनों की थोक बिक्री (मैन्युफैक्चरर्स से डीलर्स तक डिस्पैच) का विवरण दिया गया है। नीचे एक टेबल में प्रमुख आंकड़े और सालाना तुलना दी गई है:

        श्रेणीसितंबर 2025 (यूनिट्स)सितंबर 2024 (यूनिट्स)सालाना बदलाव (%)
        पैसेंजर व्हीकल्स3,72,4583,56,752+4.4
        दो-पहिया वाहन21,60,88920,25,993+6.7
        तीन-पहिया वाहन84,07779,683+5.5
        कमर्शियल व्हीकल्स(सितंबर विशिष्ट उपलब्ध नहीं; Q2 FY26 में 2,39,781 यूनिट्स, +8.3%)

        पैसेंजर व्हीकल्स (PV): इस श्रेणी में कारें, यूटिलिटी व्हीकल्स (UV) और वैन शामिल हैं। सितंबर में कुल डिस्पैच 3,72,458 यूनिट्स रही, जो अब तक का सबसे ऊंचा सितंबर आंकड़ा है। हालांकि, UV सब-सेगमेंट में 2.1% की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह श्रेणी बाजार का दो-तिहाई हिस्सा रखती है। छोटी कारों (4 मीटर से कम लंबाई, पेट्रोल में 1,200 cc और डीजल में 1,500 cc इंजन वाली) पर GST घटकर 18% होने से नई खरीदारों का आकर्षण बढ़ा है। जुलाई-सितंबर तिमाही में PV की कुल बिक्री 10,39,200 यूनिट्स रही, जो पिछले साल से 1.5% कम है, लेकिन निर्यात में रिकॉर्ड 23% की बढ़ोतरी के साथ 2.42 लाख यूनिट्स पहुंची।

        टू व्हीलर्स: यह सेगमेंट ग्रामीण मांग के दम पर सबसे मजबूत रहा। सितंबर में 21,60,889 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो 6.7% की बढ़ोतरी दर्शाती है। बेहतर मानसून और खरीफ फसल से ग्रामीण आय बढ़ी, जिसने किफायती विकल्पों को बढ़ावा दिया। तिमाही में कुल 55,62,077 यूनिट्स बिकीं, जो 7% ऊपर है, जिसमें स्कूटर्स में 12.4% और मोटरसाइकिल्स में 5% की वृद्धि शामिल है। निर्यात में भी रिकॉर्ड 25% की बढ़ोतरी देखी गई, जो 13 लाख यूनिट्स पर पहुंचा।

        थ्री व्हीलर्स: इस श्रेणी में 5.5% की बढ़ोतरी के साथ 84,077 यूनिट्स की बिक्री हुई। पैसेंजर कैरियर सब-सेगमेंट और आसान फाइनेंसिंग ने इसे सपोर्ट किया। तिमाही में कुल 2,29,239 यूनिट्स बिकीं, जो 10% ऊपर है, और निर्यात 51% बढ़कर 1.23 लाख यूनिट्स पर पहुंचा, जो छह साल का उच्चतम स्तर है। इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों का हिस्सा कुल घरेलू वॉल्यूम का लगभग 11% रहा।

        कमर्शियल व्हीकल्स (CV): सितंबर के लिए विशिष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन जुलाई-सितंबर तिमाही में CV की बिक्री 8.3% बढ़कर 2,39,781 यूनिट्स रही। यह वृद्धि फ्रेट डिमांड और शहरी लॉजिस्टिक्स की वजह से हुई। निर्यात में 22% की बढ़ोतरी के साथ 0.24 लाख यूनिट्स पहुंची। SIAM का मानना है कि GST सुधारों से CV सेगमेंट में लंबे समय तक मांग बनी रहेगी।

        कुल मिलाकर, सितंबर 2025 ऑटो उद्योग के लिए रिकॉर्ड-ब्रेकिंग महीना रहा, जहां सभी प्रमुख सेगमेंट में उच्चतम थोक बिक्री दर्ज की गई। SIAM अध्यक्ष शैलेश चंद्रा के अनुसार, GST 2.0 एक “लैंडमार्क रिफॉर्म” है, जो किफायत बढ़ाकर पूरे वैल्यू चेन को फायदा पहुंचाएगा। सेक्टर अब फेस्टिव सीजन की पीक मांग का इंतजार कर रहा है, जहां रिटेल बिक्री और भी मजबूत होने की उम्मीद है।

        अगस्त 2025 में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में गिरावट, लेकिन निर्यात में जोरदार उछाल

        नई दिल्ली: इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने अगस्त 2025 में मिक्स्ड प्रदर्शन दिखाया है। जहां पैसेंजर व्हीकल्स (कारों) की घरेलू बिक्री में गिरावट दर्ज की गई वहीं निर्यात के मोर्चे पर मजबूत वृद्धि ने उम्मीदें जगाई हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कमजोर मांग और डिस्पैच में समायोजन के कारण पैसेंजर वाहनों की बिक्री में 8.8% की कमी आई है। हालांकि, कुल वाहन निर्यात में 28.5% की बढ़ोतरी ने इंडस्ट्री को नई ऊर्जा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं क्या कहते हैं SIAM के आंकड़े।

        पैसेंजर वाहनों की बिक्री: गिरावट के बावजूद उम्मीद की किरण

        पैसेंजर व्हीकल्स की घरेलू बिक्री अगस्त 2025 में 3,21,840 यूनिट्स रही, जो पिछले साल अगस्त के 3,52,921 यूनिट्स की तुलना में 8.8% कम है। SIAM के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन के अनुसार, यह गिरावट कमजोर बाजार मांग और मैन्युफैक्चरर्स द्वारा डिस्पैच को समायोजित करने के कारण हुई है। ग्राहक जीएसटी दरों में कटौती की उम्मीद में खरीदारी टाल रहे हैं, जो सितंबर से लागू हो गई हैं।

        सेगमेंट-वाइज ब्रेकडाउन पर नजर डालें तो:

        पैसेंजर कार्स: 90,466 यूनिट्स बिकीं, जो 6.9% की गिरावट दर्शाती है।
        यूटिलिटी व्हीकल्स (UVs): 2,20,589 यूनिट्स, 10.5% की कमी।
        वैन: 10,785 यूनिट्स, महज 1.8% की गिरावट।

        उत्पादन की बात करें तो पैसेंजर वाहनों का कुल उत्पादन लगभग 3.50 लाख यूनिट्स रहा, जिसमें पैसेंजर कार्स में 7.9% और UVs में 1.8% की साल-दर-साल गिरावट दर्ज की गई। फिर भी, इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन और जीएसटी कटौती से आने वाले महीनों में रिकवरी हो सकती है।

        निर्यात में चमक: पैसेंजर वाहनों ने दिखाया दम

        निर्यात के मामले में पैसेंजर वाहनों ने शानदार प्रदर्शन किया। अगस्त 2025 में 82,246 यूनिट्स का निर्यात हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 24% अधिक है। कुल वाहन निर्यात 5.57 लाख यूनिट्स पहुंच गया, जिसमें 28.5% की वृद्धि दर्ज की गई। यह इंडियन ऑटो इंडस्ट्री की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है, खासकर इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की बढ़ती मांग के चलते। अप्रैल से अगस्त 2025 तक के YTD निर्यात 25.37 लाख यूनिट्स पहुंच चुके हैं, जो 25.3% की बढ़ोतरी है।

        अन्य सेगमेंट्स का प्रदर्शन: दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों ने संभाला मोर्चा

        पैसेंजर व्हीकल्स की गिरावट के बावजूद, इंडस्ट्री का कुल उत्पादन 26,93,049 यूनिट्स रहा, जो 8.1% की वृद्धि दर्शाता है। कुल घरेलू बिक्री 22,51,949 यूनिट्स रही। यहां अन्य सेगमेंट्स ने मजबूती दिखाई:

        दो-पहिया वाहन: घरेलू बिक्री 18,34,000 यूनिट्स, 7.1% की बढ़ोतरी। स्कूटर्स में 12.7% और मोटरसाइकिल्स में 3.3% की वृद्धि, जबकि मोपेड्स में 1.7% की गिरावट। निर्यात 4,32,000 यूनिट्स, +13.2%।
        तीन-पहिया वाहन: घरेलू बिक्री 75,759 यूनिट्स, 8.3% की बढ़ोतरी और अगस्त का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा। पैसेंजर कैरियर्स में 8.8% और गुड्स कैरियर्स में 15.6% की वृद्धि। ई-कार्ट्स में 362.9% का जोरदार उछाल, जबकि ई-रिक्शा में 49.4% की गिरावट। निर्यात 42,765 यूनिट्स, +48%।
        क्वाड्रिसाइकिल्स: कोई बिक्री नहीं दर्ज।

        सेगमेंटघरेलू बिक्री (अगस्त 2025)YoY बदलाव (%)निर्यात (अगस्त 2025)YoY बदलाव (%)
        पैसेंजर वाहन3,21,840-8.882,246+24
        दो-पहिया18,34,000+7.14,32,000+13.2
        तीन-पहिया75,759+8.342,765+48
        कुल22,51,9495,57,000+28.5

        आगे की राह: त्योहारी सीजन और जीएसटी कटौती से उम्मीदें

        SIAM के आंकड़े बताते हैं कि इंडस्ट्री में चुनौतियां हैं, लेकिन निर्यात की मजबूती और त्योहारी सीजन की शुरुआत से रिकवरी की संभावना है। जीएसटी दरों में हालिया कटौती (पेट्रोल/डीजल कारों पर 18-40%, EVs पर 5%) से ग्राहक आकर्षित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मांग में सुधार हुआ तो साल के अंत तक इंडस्ट्री 5% की वृद्धि हासिल कर सकती है।

        जुलाई 2025 में ऑटोमोबाइल सेक्टर का मिक्स्ड प्रदर्शन: SIAM

        नई दिल्ली: इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने जुलाई 2025 में मिक्स्ड प्रदर्शन दर्ज किया, जिसमें यात्री वाहनों की बिक्री में मामूली गिरावट देखी गई जबकि दोपहिया और तिपहिया वाहनों ने उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार कुल वाहन उत्पादन 26.98 लाख यूनिट रहा, जो जुलाई 2024 की तुलना में 10.7% अधिक है।

        यात्री वाहनों में हल्की गिरावट, निर्यात में उछाल

        जुलाई 2025 में यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री 3,40,772 यूनिट रही, जो पिछले साल की समान अवधि की 3,41,510 यूनिट की तुलना में 0.2% कम है। हालांकि, निर्यात ने इस कमी को संतुलित किया, जिसमें 67,292 यूनिट्स के साथ 8.7% की वृद्धि दर्ज की गई। विशेष रूप से, यात्री वाहनों ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 2.04 लाख यूनिट्स के साथ अब तक का उच्चतम निर्यात दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 13.2% अधिक है।

        तिपहिया वाहनों का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

        तिपहिया वाहन खंड ने जुलाई 2025 में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें 69,403 यूनिट्स की बिक्री के साथ 17.5% की वृद्धि दर्ज की गई। यह इस खंड की अब तक की सबसे अधिक जुलाई बिक्री है। पैसेंजर कैरियर्स में 21.4% और गुड्स कैरियर्स में 10.6% की वृद्धि देखी गई। हालांकि, ई-रिक्शा की बिक्री 53.3% घटी, वहीं ई-कार्ट्स ने 161.6% की शानदार वृद्धि दर्ज की।

        दोपहिया वाहनों की मजबूत रफ्तार

        दोपहिया वाहनों ने भी मजबूत प्रदर्शन दिखाया, जिसमें 15.67 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ 8.7% की वृद्धि हुई। स्कूटर की बिक्री 16.2% बढ़कर 6,43,169 यूनिट्स रही, जबकि मोटरसाइकिल की बिक्री 4.7% बढ़कर 8,90,107 यूनिट्स तक पहुंची। हालांकि, मोपेड की बिक्री में 9.5% की गिरावट देखी गई। निर्यात में भी दोपहिया वाहनों ने 33.5% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।

        क्या कहते हैं विशेषज्ञ

        SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, “वित्त वर्ष 2024-25 में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने स्वस्थ मांग, बुनियादी ढांचे में निवेश और सरकार की सहायक नीतियों के दम पर स्थिर प्रदर्शन किया।” इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन के साथ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मांग बढ़ने की संभावना है, विशेष रूप से दोपहिया और तिपहिया वाहनों में।

        SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, “जुलाई 2025 में सभी वाहन खंडों ने स्थिर प्रदर्शन दिखाया, हालांकि यात्री वाहन खंड में अब तक मांग में कमी देखी गई है।” उन्होंने आगे बताया कि अगस्त के अंत में ओणम उत्सव के साथ शुरू होने वाले त्योहारी सीजन से मांग में तेजी की उम्मीद है।

        कारों को जून 2025 में बड़ा झटका, डोमेस्टिक मार्केट में बिक्री 15.3% घटी : SIAM

        नई दिल्ली : शहरी डिमांड कमजोर पड़ने के कारण जून 2025 में इंडियन डोमेस्टिक मार्केट में कारों की बिक्री को 15.3% का झटका लगा है। इस महीने में 85,091 कारों की बिक्री हुई वहीं जून 2024 में 1,00,406 कारें बिकीं थीं।

        सेगमेंट-वार पड़ताल: कहां लगी ब्रेक और कहां हुई तेज़ी

        ऑटोमोबाइल कंपनियों के टॉप ऑर्गेनाइजेशन Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) ने अपने रिलीज किए गए डेटा में बताया है कि जून 2025 में इंडियन डोमेस्टिक मार्केट में 85,091 कारों की बिक्री हुई, जो जून 2024 की 1,00,406 यूनिट्स के कॉम्पेरिजन में 15.3% कम है। इतना ही नहीं यह डेटा पिछले 18 महीने का लोवेस्ट लेवल भी है। हालांकि इस पीरियड में कारों के एक्सपोर्ट में 0.3% की बढ़त रही और यह 41,250 यूनिट्स से बढ़कर 41,371 यूनिट्स हो गई।

        इस दौरान यूटिलिटी व्हीकल्स की बिक्री 1,83,056 से 0.9% कम होकर 1,81,335 यूनिट्स और एक्सपोर्ट 34,160 से 0.3% घटकर 34,051 यूनिट्स पर आ गई। इसी तरह वैन्स की बिक्री को भी 13.3% का झटका लगा और यह 10,771 से कम होकर 9,340 यूनिट्स रह गई। हालांकि इसके एक्सपोर्ट में 46.2% का उछाल रहा और यह 887 से बढ़कर 1,297 यूनिट्स पर पहुंच गया। कुल मिलाकर इस पीरियड में पैसेंजर व्हीकल्स की कुल बिक्री 2,94,233 के मुकाबले 6.3% घटकर 2,75,766 यूनिट्स रह गई वहीं टोटल एक्सपोर्ट 76,297 से 0.6% बढ़कर 76,719 यूनिट्स हो गया।

        टू-व्हीलर: घरेलू बाज़ार में मंदी, पर एक्सपोर्ट में सुपर-बूस्ट

        SIAM के मुताबिक, इस पीरियड में डोमेस्टिक मार्केट में टू व्हीलर्स की टोटल बिक्री में 3.4% की गिरावट दर्ज की गई और यह 16,14,154 से कम होकर 15,59,851 यूनिट्स पर आ गई। वहीं, एक्सपोर्ट 2,88,967 से 34.2% बढ़कर 3,87,762 यूनिट्स हो गया। मोटरसाइकिल की बिक्री 10,30,906 से 3.7% कम होकर 9,92,627 वहीं एक्सपोर्ट 2,49,621 के मुकाबले 37.4% उछलकर 3,42,892 यूनिट्स पर पहुंच गया। स्कूटर की सेल्स 5,42,851 से 1.7% कम होकर 5,33,875 यूनिट्स पर आ गई जबकि एक्सपोर्ट 39,262 से 11.0% बढ़कर 43,586 यूनिट्स हो गई। मोपेड की बिक्री 40,397 के मुकाबले 17.4% लुढ़ककर 33,349 पर आ गई जबकि एक्सपोर्ट 84 से 1428.6% की छलांग लगाकर 1,284 यूनिट्स हो गया।

        थ्री-व्हीलर: पॉज़िटिव परफ़ॉर्मेंस जारी

        हालांकि इस दौरान थ्री व्हीलर्स सेगमेंट का परफ़ॉर्मेंस पॉजिटिव रहा और बिक्री 59,544 से 3.8% बढ़कर 61,828 यूनिट्स पर पहुंच गई और टोटल एक्सपोर्ट 26,060 से 42.7% उछलकर 37,188 यूनिट्स हो गया। इस पीरियड में पैसेंजर कैरियर की टोटल सेल्स 48,780 से 5.3% की बढ़ोतरी लेकर 51,350 यूनिट्स हो गई। वहीं, गुड्स कैरियर की सेल्स 9,166 से 0.3% घटकर 9,141, ई-रिक्शा 1,208 से 13.7% की गिरावट लेकर 1,043 और ई-कार्ट 294 के मुक़ाबले 24.6% लुढ़ककर 294 यूनिट्स पर आ गई।

        क्या कहती है कुल तस्वीर

        इस तरह सभी सेगमेंट के व्हीकल्स की टोटल बिक्री 3.6% गिर गई और यह 19,67,959 से कम होकर 18,97,445 यूनिट्स पर आ गई। हालांकि ग्रैंड टोटल एक्सपोर्ट में 28.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 3,91,918 से उछलकर 5,02,131 यूनिट्स पर पहुंच गई। यह दर्शाता है कि घरेलू बाज़ार में एक तरह की धीमी गति बनी हुई है। हालांकि एक्सपोर्ट डेटा यह दिखाता है कि इंडियन वाहन विदेशों में अपनी मज़बूत पकड़ बना रहे हैं।

        सवाल ये है, क्या आने वाले त्योहारी सीज़न में ये मंदी टूटेगी? या फिर शहरी उपभोक्ताओं की ख़रीदने की शक्ति पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ा है? ऑटो उद्योग के विशेषज्ञों की नज़रें अब जुलाई और अगस्त के आंकड़ों पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या यह जून की गिरावट एक अस्थायी झटका है या कोई बड़ा ट्रेंड।