नई दिल्ली: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज यशोभूमि, नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 के प्रदर्शनी क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने भारत के डिजिटल परिवर्तन को सशक्त करने वाली तकनीक और इनोवेशन की जीती जागती तस्वीर देखी।
मंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत दूरसंचार विभाग (डीओटी) मंडप के उद्घाटन से की, जहां डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के तहत कई पहल की गई। आईएमसी 2025 को कई केंद्रीय नेताओं और प्रमुख दूरसंचार अधिकारियों ने देखा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने Ericsson बूथ का दौरा किया और Automated Railcar Inspection समाधान को देखा, जो रोबोटिक्स, AI और प्राइवेट 5G पर आधारित है। इस वर्ष 1.5 लाख से अधिक मेहमानों, 7,000+ वैश्विक प्रतिनिधि और 400 संस्थाओं के आईएमसी में शामिल होने की संभावना है। IMC 2025 में 1,600 से ज़्यादा टेक्नोलॉजी “use‐cases” प्रदर्शित किए जाएंगे, और इस इवेंट को “एशिया मोबाइल कांग्रेस” के रूप में विकसित करने की सोच व्यक्त की गई है।
केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय दूरसंचार और ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी (MoS, संचार एवं ग्रामीण विकास) और दूरसंचार विभाग के शीर्ष अधिकारी श्री नीरज मित्तल जैसे शीर्ष अधिकारी Ericsson बूथ पर आए। यह केवल एक औपचारिक विज़िट नहीं थी, बल्कि यह संदेश था कि सरकार टेल्को टेक्नोलॉजी, 5G/AI नवाचार और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को गंभीरता से देख रही है। सरकारी अधिकारियों का स्वयं निरीक्षण उपयोगकर्ताओं, मीडिया और निवेशकों में विश्वास जगाता है।
Automated Railcar Inspection वेग, सुरक्षा और रखरखाव की मांग वाले रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में यह समाधान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रोबोटिक डिवाइस रेलकार की मूवमेंट का निरीक्षण कर सकते हैं। AI विज़न एल्गोरिदम गलती का तुरंत पता लगा सकते हैं, प्राइवेट 5G नेटवर्क की मदद से डेटा तुरंत, विश्वसनीय रूप से और सुरक्षित तरीके से भेजा जा सकता है। इस तरह के समाधान से रेल नेटवर्क की प्रबंधन लागत, डिटेक्शन समय और गलतियां दोनों कम हो सकती हैं।
IMC 2025 की विषय-वस्तु “Innovate to Transform” रखी गई है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी नवाचार, डिजिटल भारत और अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी नेतृत्व को आगे बढ़ाना है। IMC 2025 को सिर्फ भारत‐मोबाइल कांग्रेस नहीं, बल्कि एशिया मोबाइल कांग्रेस के रूप में देखा जा रहा है, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी मंच बनना चाहता है।
