VinFast के तमिलनाडु प्लांट के लिए 200 हेक्टेयर जमीन अलॉट, USD 500 मिलियन निवेश

हनोई/नई दिल्ली: ग्लोबल इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता VinFast ने तमिलनाडु सरकार से एक MOU साइन किया है। समझौते के तहत तमिलनाडु के थूथुकुडी के SIPCOT इंडस्ट्रियल पार्क में लगभग 200 हेक्टेयर जमीन VinFast को अलॉट की जाएगी। इससे कंपनी को इलेक्ट्रिक कारों के अलावा इलेक्ट्रिक बस, ई-स्कूटर और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का मौका देगा। तमिलनाडु सरकार VinFast को जरूरी परमिट्स, बिजली, पानी, सड़क, ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी बुनियादी सुविधाओं में सहयोग प्रदान करेगी।

VinFast की USD 2 बिलियन की प्रतिबद्धता के दूसरे चरण के तहत कंपनी थूथुकुडी में USD 500 मिलियन का निवेश करेगी। इस निवेश से नए वर्कशॉप और प्रोडक्शन लाइन तैयार की जाएंगी, जो इलेक्ट्रिक बस और ई-स्कूटर के निर्माण, असेंबली और टेस्टिंग सहित संबंधित ऑपरेशन्स को कवर करेंगी। थूथुकुडी का प्लांट 400 एकड़ (160 हेक्टेयर) में फैला है। इसकी प्रारंभिक वार्षिक क्षमता 50,000 इलेक्ट्रिक वाहन की है, जिसे 150,000 यूनिट तक बढ़ाने की योजना है।

VinFast एशिया के CEO Pham Sanh Chau ने कहा, “तमिलनाडु प्लांट के विस्तार से हम भारत में अपनी उत्पाद रेंज बढ़ा पाएंगे, इलेक्ट्रिक कारों के अलावा इलेक्ट्रिक बस और ई-स्कूटर भी पेश करेंगे। यह पहल नए रोजगार सृजन, स्थानीयकरण को बढ़ावा और स्थानीय वर्कफोर्स के कौशल को मजबूत करने में मदद करेगी।” तमिलनाडु सरकार के उद्योग मंत्री Dr. T.R.B. Rajaa ने कहा, “VinFast ने इंडियन मार्केट में प्रवेश के बाद EV इकोसिस्टम का लगातार विस्तार किया है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, आफ्टरसेल्स सर्विस और बैटरी रीसायक्लिंग शामिल हैं। कंपनी के 24 डीलर प्रमुख शहरों में काम कर रहे हैं और वर्ष के अंत तक इसे 35 तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

VF 7 के रोलआउट के साथ VinFast का तमिलनाडु प्लांट शुरू

नई दिल्ली/चेन्नई: इंडियन इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में दबदबा बढ़ाने की कोशिश कर रही वियतनाम की EV निर्माता कंपनी VinFast ने प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV VF 7 को रोलआउट कर के तमिलनाडु में पहला इंडियन इलेक्ट्रिक गाड़ियों का प्लांट शुरू कर दिया है।

VinFast ने तमिलनाडु में पहला इंडियन इलेक्ट्रिक गाड़ियों का प्लांट शुरू किया है। यह कंपनी का इंडिया में पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग सेंटर है। VinFast ने तूतीकोरिन के SIPCOT इंडस्ट्रियल पार्क में पहले इंडियन EV असेंबली प्लांट की नींव रख दी है। यह प्लांट आने वाले समय में साउथ एशिया का सबसे बड़ा EV एक्सपोर्ट सेंटर बनेगा। यहां से साउथ एशिया के तमाम देशों को गाड़ियां एक्सपोर्ट की जाएंगी।

VinFast का तमिलनाडु प्लांट कंपनी का तीसरा ऐसा प्लांट है जहां उत्पादन शुरू हो चुका है। दुनियाभर में ये कंपनी का पांचवां बड़ा प्रोजेक्ट है। ये फैक्टरी पूरी तरह से हाईटेक और ऑटोमेटेड सिस्टम से चलती है। इस प्लांट में गाड़ी बनाने की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह पर होती है। बॉडी शॉप में गाड़ी का ढांचा तैयार होता है। पेंट शॉप में उसे रंग दिया जाता है। असेंबली लाइन पर गाड़ी के सारे पार्ट्स (जैसे बैटरी, टायर, सीट्स, स्टीयरिंग वगैरह) जोड़े जाते हैं। क्वॉलिटी कंट्रोल सेंटर में हर गाड़ी को अच्छे से चेक किया जाता है कि सब कुछ सही है या नहीं। लॉजिस्टिक्स हब से ये गाड़ियां देश के अलग-अलग हिस्सों या विदेशों में भेजी जाती हैं।

VinFast के इस प्लांट में सबसे पहले दो प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV — VF 6 और VF 7 बनेंगी। इस फैक्ट्री की सालाना उत्पादन क्षमता 50,000 यूनिट्स रखी गई है, लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, इसकी ताकत भी बढ़ेगी। ये आंकड़ा 1.5 लाख गाड़ियों तक जा सकता है। इस प्लांट से 3,500 से ज़्यादा लोगों को सीधी नौकरियां मिलेंगी। VinFast का ये प्लांट इंडिया की EV रफ्तार का नया इंजन बनेगा। VinFast के CEO Pham Sanh Chau ने कहा कि वे तमिलनाडु को साउथ एशिया का सबसे बड़ा EV सेंटर बनाना चाहते हैं।

VinFast ने इंडिया की कुछ बड़ी कंपनियों से साझेदारी की है। कंपनी ने बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए BatX Energies, आफ्टर सेल्स सर्विस के लिए myTVS Global Assure और डिजिटल सर्विस नेटवर्क के लिए RoadGrid से हाथ मिलाया है। कंपनी ने 2025 तक दो लाख गाड़ियां बेचने का और 2030 तक हर साल 10 लाख EV बनाने का टारगेट रखा है।