Boeing 747 को खींचने वाली SUV का आखिरी सफर, Volkswagen ने कहा, अलविदा Touareg

नई दिल्ली: SUV जिसने कभी Boeing 747 जैसे विशाल विमान को रनवे पर खींचा था, अब अपने आखिरी सफर पर निकल पड़ी है। Volkswagen Touareg, जो दो दशकों से कंपनी की इंजीनियरिंग और ताकत का प्रतीक रही है, 2026 में उत्पादन बंद होने से पहले एक खास अंदाज़ में विदा की जाएगी। जर्मन कार निर्माता ने इसके लिए Touareg Final Edition लॉन्च की है, जो मार्च 2026 तक बुक की जा सकेगी। इसकी शुरुआती कीमत 75,025 यूरो (करीब ₹76 लाख) रखी गई है।

Touareg सिर्फ एक SUV नहीं थी, बल्कि Volkswagen की उस महत्वाकांक्षा का प्रतीक थी, जिसने कंपनी को “प्रीमियम” सेगमेंट में नई पहचान दिलाई। 2002 में जब पहली बार यह मॉडल पेश हुआ, तब Volkswagen ने दुनिया को दिखाया कि Beetle और Golf जैसी कारों के अलावा वो लक्ज़री और दमदार SUV भी बना सकता है। पहली पीढ़ी की Touareg ने अपनी ऑफ-रोड क्षमता और तकनीकी खूबियों से सबको चौंका दिया था। इसी इंजन ने 2006 में वह ऐतिहासिक कारनामा किया जब इस SUV ने 155 टन के Boeing 747 को खींचकर दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं। यह वही पल था जब Touareg एक कार नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग के प्रतीक के रूप में जानी जाने लगी।

इसके बाद आई दूसरी पीढ़ी (2010–2018) में Volkswagen ने ताकत के साथ सॉफिस्टिकेशन जोड़ा। यह कंपनी की पहली हाइब्रिड SUV बनी, जिसमें 3.0 लीटर V6 TSI हाइब्रिड इंजन था, जो 380bhp की ताकत और 580Nm टॉर्क देता था। यही दौर था जब Touareg ने खुद को एक परफॉर्मेंस लग्ज़री SUV के रूप में स्थापित किया। तीसरी और मौजूदा पीढ़ी (2018–2026) में Touareg तकनीकी रूप से उन्नत और बेहद प्रीमियम बन गई। Touareg का नाम रेसिंग इतिहास में भी दर्ज है। Race Touareg ने तीन बार लगातार (2009, 2010, 2011) Dakar Rally जीती, जबकि Touareg Stanley ने 2005 के DARPA Grand Challenge में जीत हासिल की।

Touareg Final Edition में लेजर-एंग्रेव्ड बैज, मल्टीकलर एंबिएंट लाइटिंग, स्पेशल लेदर गियर लीवर और “Final Edition” डैशबोर्ड ग्राफिक्स जैसे डिटेल्स दिए गए हैं। दो दशकों, तीन पीढ़ियों और 1.2 मिलियन से अधिक यूनिट्स की बिक्री के बाद Touareg का यह अंतिम अध्याय खत्म हो रहा है, लेकिन इसकी कहानी — ताकत, इंजीनियरिंग और आत्मविश्वास की कहानी — हमेशा याद की जाएगी।