ड्राइवर कौन? Wipro-IISc की इंडियन कार ने कहा, “मुझे खुद चलना आता है, आप आराम से बैठिए”

नई दिल्ली: सोचिए, एक ऐसी कार जो खुद चलती है, खुद मोड़ लेती है, और यहां तक कि सड़क पर आ गए गाय, कुत्ते या गड्ढे से भी बच निकलती है। वो भी बिना किसी ड्राइवर के! जी हां, इंडिया के बेंगलुरु में अब ये हकीकत बन चुकी है। Wipro, Indian Institute of Science (IISc) और RV College of Engineering ने इंडिया की अपनी ड्राइवरलेस कार WIRIN मिलकर तैयार की है।

बेंगलुरु में यह कार पूरी तरह “Made in India” ड्राइवरलेस तकनीक पर आधारित है। ट्रैफिक में ये कार बोलेगी, “मुझे खुद चलना आता है, आप आराम से बैठे रहिए। मैं सब कुछ खुद संभालूंगी।“ यह ड्राइवरलेस कार 27 अक्टूबर को आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रदर्शित की गई। 2019 में Wipro और IISc ने मिलकर एक खास साझेदारी की थी। इसका मकसद सिर्फ रिसर्च करना नहीं, बल्कि ‘सोचने वाली मशीनें’ बनाना था। इसी के तहत उन्होंने (Wipro-IISc Research and Innovation Network) WIRIN बनाया। यह एक ऐसा “टेक्नोलॉजी ब्रेनस्टॉर्मिंग सेंटर” है, जहां ऑटोनॉमस सिस्टम्स, रोबोटिक्स और 5G पर देश के बेहतरीन दिमाग काम कर रहे हैं।

Wipro पहले से ही ऑटोनॉमस व्हीकल सिस्टम्स में माहिर है। कंपनी ने पहले ऐसे सिम्युलेटर और कॉग्निटिव नेविगेशन एल्गोरिदम बनाए हैं जो कार को खुद सोचने की ताकत देते हैं यानी “रोड पर क्या करना है”, ये कार खुद तय करती है। इसमें 5G बेस्ड V2X (Vehicle-to-Everything) तकनीक, जिससे कार आसपास के वाहनों और सिग्नल सिस्टम से बात कर सकती है। इस प्रोजेक्ट की टेस्टिंग और डेमो RV College of Engineering, बेंगलुरु में हुई, जहां छात्रों और प्रोफेसरों की टीम ने दिन-रात मेहनत की। बेंगलुरु में एक ऐसी कार जो पूरी तरह “Made in India” ड्राइवरलेस तकनीक पर आधारित है। “भारत की टेक्नोलॉजी अब ड्राइव मोड में नहीं, ऑटोपायलट मोड में है!”

सोशल मीडिया पर इस कार का विडियो जमकर वायरल हो रहा है। उत्तरादी मठ के श्री श्री 1008 सत्यात्म तीर्थ श्रीपादांगलु को इस स्वचालित कार में बैठे देखा गया। बिना ड्राइवर के यह कार कॉलेज कैंपस में बड़े आराम से चलती नजर आई। इस तकनीक पर पिछले छह वर्षों से रिसर्च और डेवलपमेंट चल रहा था, जिसमें कॉलेज के फैकल्टी और छात्रों की टीम ने मिलकर काम किया। यह प्रोजेक्ट AI, मशीन लर्निंग, विजुअल कंप्यूटिंग और 5G आधारित कम्युनिकेशन जैसी उन्नत तकनीकों पर आधारित है।