नई दिल्ली: Tata Motors Limited ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 1,32,465 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि के 1,05,643 यूनिट्स के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है। मार्च 2026 में भी कंपनी की रफ्तार बरकरार रही, जहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलाकर कुल 47,976 यूनिट्स की बिक्री हुई। यह आंकड़ा मार्च 2025 के 41,122 यूनिट्स से करीब 17 प्रतिशत ज्यादा है।
सेगमेंट में हैवी कमर्शियल व्हीकल (HCV) ट्रकों की बिक्री मार्च में 14 प्रतिशत बढ़कर 14,614 यूनिट्स रही, जबकि ILMCV ट्रकों में की बिक्री में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 8,337 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। पैसेंजर कैरियर्स सेगमेंट में भी 31 प्रतिशत की तेज ग्रोथ देखने को मिली और बिक्री 7,983 यूनिट्स तक पहुंच गई। छोटे कमर्शियल व्हीकल (SCV) कार्गो और पिकअप सेगमेंट में 17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 14,891 यूनिट्स की बिक्री हुई। घरेलू कमर्शियल व्हीकल बिक्री 18 प्रतिशत बढ़कर 45,825 यूनिट्स रही।
कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार (CV IB) में मार्च में हल्की गिरावट (-4%) जरूर देखने को मिली, लेकिन पूरे वित्त वर्ष में यह सेगमेंट 54 प्रतिशत की जबरदस्त ग्रोथ के साथ 28,216 यूनिट्स तक पहुंच गया। FY 2026 में Tata Motors Limited ने कुल 4,28,329 कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री की, जो पिछले साल के 3,76,903 यूनिट्स के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है।
मध्यम और भारी कमर्शियल व्हीकल (MH&ICV) सेगमेंट में भी कंपनी की मजबूत पकड़ देखने को मिली। मार्च 2026 में घरेलू बिक्री 23,805 यूनिट्स रही, जो पिछले साल से 16 प्रतिशत अधिक है। चौथी तिमाही में यह आंकड़ा 64,904 यूनिट्स तक पहुंच गया, जिसमें 26 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में भी कंपनी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और FY 2026 में 59 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की, जो कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।
कंपनी के एमडी और सीईओ गिरीश वाघ के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में उद्योग में थोड़ी सुस्ती रही, लेकिन GST 2.0 लागू होने के बाद दूसरी छमाही में मांग तेजी से बढ़ी और तीसरी और चौथी तिमाही में मजबूत रिकवरी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि कंपनी ने इस दौरान अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करते हुए Ace Pro, Winger 9S और नई Azura रेंज जैसे प्रोडक्ट्स लॉन्च किए। मार्च के अंत में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का कुछ असर बिक्री पर पड़ा, लेकिन कंपनी ने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए कदम उठाए हैं।
