Vega Auto का 2026 का रोडमैप तैयार : हर साल कंपनी बनाएगी 1.2 करोड़ हेलमेट

नई दिल्ली: इंडिया में बाइक और स्कूटर लगभग हर घर की ज़रूरत बन चुके हैं। लोगों में हेलमेट पहनने की समझ और कानूनों की सख्ती भी बढ़ी है। अब अच्छे, सुरक्षित और आरामदायक हेलमेट की मांग पहले से कहीं ज़्यादा हो गई है। Vega Auto Accessories ने इस बदलाव को समय रहते पहचान लिया। कंपनी समझ गई कि आने वाले सालों में हेलमेट सिर्फ “कानूनी मजबूरी” नहीं बल्कि सेफ्टी और स्टाइल की ज़रूरत बनेंगे। Vega ने फैसला किया कि वह 2026 तक अपनी सालाना हेलमेट बनाने की क्षमता बढ़ाकर 1 करोड़ 20 लाख हेलमेट करेगी।

इंडिया के ऑर्गनाइज्ड हेलमेट मार्केट में हर 100 में से करीब 35 हेलमेट Vega के बिकते हैं। यह भरोसे की सबसे बड़ी पहचान है। दक्षिण भारत में Vega की पकड़ और भी तगड़ी है। वहां कंपनी का मार्केट शेयर लगभग 50% है । मजबूत क्वालिटी, किफायती कीमत, हल्के और आरामदायक डिजाइन के कारण पसंद किए जाते है।

कर्नाटक के बेलगाम में मुख्यालय वाली यह कंपनी सिर्फ देश तक सीमित नहीं है। Vega के हेलमेट आज अमेरिका, जर्मनी, इटली समेत एशिया और अफ्रीका के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। कंपनी के हेलमेट ISI (भारत), DOT (अमेरिका) और ECE (यूरोप) जैसे सख्त अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं। इसके लिए कंपनी फाइबरग्लास और कार्बन फाइबर जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है।

Vega Auto के चेयरमैन दिलीप चंदक यह साफ कहना चाहते हैं कि रुद्रपुर और बेलगाम में Vega के पास बड़े और आधुनिक कारखाने में ज़्यादा हेलमेट बनाए जा सकते हैं और हर स्टेप पर क्वालिटी पर बेहतर नियंत्रण रहता है।

vega राइडर कम्युनिटी से जुड़ाव बनाना चाहती है। इसके लिए कंपनी इवेंट्स के साथ ग्रुप राइड्स और सेफ्टी अवेयरनेस कैंपेन आयोजित करती है। इससे कंपनी राइडर्स की असली ज़रूरतें समझकर उनसे मिले फीडबैक के आधार पर नए हेलमेट डिजाइन करती है। EICMA में Vega ने अपनी जबर्दस्त मौजूदगी दर्ज कराई है। Vega आम भारतीय राइडर के लिए किफायती और सुरक्षित विकल्प है। Axor तेज़ रफ्तार और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए प्रीमियम हेलमेट है।