नई दिल्ली: Lamborghini अब सिर्फ तेज़ और लग्ज़री सुपरकार बनाने वाली कंपनी ही नहीं रही, बल्कि वह भविष्य की ऐसी कारें तैयार कर रही है जो पर्यावरण के लिए जिम्मेदार भी हों। इसके लिए कंपनी हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को अपनाकर अपने प्लांट, फैक्ट्री सिस्टम और काम करने के तरीके को बदल रही है, ताकि गाड़ियां बनाते वक्त भी प्रदूषण कम हो। Sant’Agata Bolognese में Lamborghini अब एक ऐसी मैन्युफैक्चरिंग व्यवस्था खड़ी कर रही है, जहां जबरदस्त परफॉर्मेंस, प्रीमियम लग्ज़री और सस्टेनेबिलिटी—तीनों एक साथ आगे बढ़ें।
2014 की तुलना में आज Lamborghini ने फैक्ट्री में गाड़ियां बनाते समय निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को लगभग 50 प्रतिशत तक घटा दिया है। Lamborghini ज्यादा कारें बना रही है, लेकिन कम प्रदूषण के साथ। Lamborghini ने फैक्ट्री में नए सेफ्टी नियम लागू किए हैं। कर्मचारियों को नई ट्रेनिंग और स्किल्स दी जा रही हैं। गाड़ियों की क्वॉलिटी जांच को और सख्त किया गया है। हाइब्रिड टेक्नोलॉजी ने Lamborghini की फैक्ट्री को ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा हाई-टेक बना दिया है।
कार बनाने में पेंट शॉप सबसे ज्यादा बिजली, पानी और केमिकल्स का इस्तेमाल करती है, जिससे प्रदूषण भी ज्यादा होता है। कंपनी ने पेंट शॉप को इस तरह डिजाइन किया कि प्रदूषण बढ़े नहीं, बल्कि घटे। Lamborghini अब कार को रंगते वक्त भी पर्यावरण का पूरा ख्याल रख रही है।
भले ही आज फैक्ट्रियों में रोबोट और AI का इस्तेमाल बढ़ रहा हो, Lamborghini पूरी तरह मशीनों पर निर्भर नहीं होना चाहती। कंपनी का मानना है कि उसकी पहचान हाथ से बनाई गई लग्ज़री, बारीक कारीगरी और इंसानी हुनर से है। Lamborghini अपनी फैक्ट्री में अब ज्यादा से ज्यादा सौर ऊर्जा जैसी साफ ऊर्जा का इस्तेमाल कर रही है और सोलर पावर क्षमता को लगभग दोगुना कर चुकी है। पानी की खपत पर नजर रखी जा रही है, कचरे को सही तरीके से मैनेज किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य है—जो चीज़ अभी काम की है, उसे बेकार न किया जाए, बल्कि उसे नया जीवन दिया जाए।
