नई दिल्ली: ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) ने वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman द्वारा पेश किए गए Union Budget 2026-27 का पुरज़ोर स्वागत किया है। ACMA के अनुसार, यह बजट भारत की विनिर्माण प्राथमिकताओं, निर्यात क्षमता और तकनीकी बदलाव (Technology Transition) को मज़बूत करने वाला एक व्यावहारिक और दूरदर्शी कदम है।
बजट की मुख्य बातें जो ऑटो कंपोनेंट उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी:
- MSMEs और विनिर्माण पर ज़ोर
सरकार ने MSMEs के लिए क्रेडिट (ऋण) तक पहुंच आसान बनाने और उनकी उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे छोटे और मध्यम दर्जे के निर्माताओं को अपनी क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) और नवाचार (Innovation) में निवेश करने में मदद मिलेगी। - इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और घरेलू वैल्यू चेन
ACMA ने बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और उच्च-मूल्य वाली इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के स्थानीयकरण (Localization) पर सरकार के फोकस की सराहना की है। इससे न केवल विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि भारत की सप्लाई-चेन भी मज़बूत होगी। - निर्यात और लॉजिस्टिक्स में सुधार
वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं के बीच, बजट में निर्यात क्रेडिट और लॉजिस्टिक्स दक्षता (Logistics Efficiency) पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे भारत को एक वैश्विक Sourcing Hub के रूप में पहचान मिलेगी और भारतीय निर्माता वैश्विक सप्लाई-चेन का अहम हिस्सा बन सकेंगे। - सीमा शुल्क (Customs Duty) का युक्तिकरण
बजट में उल्टे शुल्क ढांचे (Inverted Duty Structures) को ठीक करने और प्रक्रियात्मक सरलीकरण की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की गई है। इससे निर्माण लागत में कमी आएगी और Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा।
नेतृत्व की प्रतिक्रिया
ACMA के अध्यक्ष और JK Fenner (India) Ltd के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री Vikrampati Singhania ने बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा, “केंद्रीय बजट 2026-27 भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए एक विश्वसनीय रोडमैप प्रस्तुत करता है। MSMEs, स्वच्छ गतिशीलता (Clean Mobility) और निर्यात सुविधा पर लगातार ध्यान देना हमारे उद्योग को वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा। यह भारत को एक प्रतिस्पर्धी और विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगा।”
निष्कर्ष: ACMA को उम्मीद है कि सरकार के साथ मिलकर इन प्रस्तावों के प्रभावी कार्यान्वयन से ऑटो कंपोनेंट उद्योग भारत के औद्योगिक और निर्यात विकास का एक प्रमुख स्तंभ बनेगा।
