नई दिल्ली: Tata Motors अपनी लग्ज़री कार यूनिट Jaguar Land Rover (JLR) के लिए इंडिया में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि 9 फरवरी 2026 से Chennai के पास Panapakkam स्थित नए प्लांट में JLR वाहनों की असेंबली शुरू की जाएगी। यह कदम मौजूदा प्लांट्स में क्षमता की कमी और बढ़ती मांग को देखते हुए उठाया गया है।
Tata Motors ने इस फैक्ट्री के विकास में करीब ₹9,000 करोड़ का निवेश किया है। इस Tata Motors को एक साथ कई फायदे मिलेंगे। उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। ज्यादा गाड़ियां समय पर तैयार की जा सकेंगी और ग्राहकों का इंतजार कम होगा। अलग प्लांट होने से JLR की असेंबली ज्यादा सुचारू तरीके से हो पाएगी और सप्लाई चेन पर दबाव भी घटेगा। इंडिया में ही असेंबली होने से लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल खर्च कम होंगे, जिसका फायदा आगे चलकर उपभोक्ताओं को मिल सकता है।
इंडिया में JLR के ज्यादातर मॉडल Pune प्लांट (Maharashtra) में CKD (Completely Knocked Down) यूनिट्स के तौर पर असेंबल किए जाते हैं। इनमें Range Rover, Range Rover Sport, Range Rover Evoque, Range Rover Velar और Discovery Sport शामिल हैं। अब Chennai प्लांट के शुरू होने से Tata Motors को उत्पादन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।Land Rover Range Rover Evoque इस नए प्लांट से असेंबल होने वाला पहला मॉडल हो सकता है। निवेशकों और शेयर बाजार के लिए होने वाली मीटिंग के दौरान Tata Motors ने यह कन्फर्म कर दिया कि JLR वाहनों की असेंबली Chennai प्लांट में शुरू की जाएगी।
शुरुआती चरण में Chennai प्लांट में केवल assembly operations शुरू किए जाएंगे। इस फैक्ट्री की कुल सालाना क्षमता करीब 2.5 लाख यूनिट बताई जा रही है और फुल कैपेसिटी पर यह प्लांट लगभग 5,000 लोगों को रोजगार दे सकता है। ग्लोबल लेवल पर Jaguar ने ICE वाहनों का प्रोडक्शन बंद कर दिया है। Land Rover ब्रैंड ही JLR की बिक्री की जिम्मेदारी संभाल रहा है। भारत में Defender ने खासतौर पर शानदार प्रदर्शन किया है और भविष्य में इसके Chennai प्लांट में असेंबल होने की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं।
