इंडिया बनेगा NOTHING का एक्सपोर्ट हब, Made in India फोन 48 देशों मे बिकेंगे

नई दिल्ली: लंदन की स्मार्टफोन कंपनी Nothing अब इंडिया को अपना एक्सपोर्ट हब बनाने की तैयारी में है। कंपनी ने भारत में बने अपने स्मार्टफोन्स की अमेरिका को एक्सपोर्ट शुरू भी कर दी है। कंपनी के सह-संस्थापक Akis Evangelidis के मुताबिक भारत से एक्सपोर्ट की शुरुआत हो चुकी है और आगे चलकर यहां से 48 देशों में फोन भेजने की योजना है।

इंडिया से सबसे पहले Nothing Phone (2a) एक्सपोर्ट किया गया। इसके बाद Nothing Phone (3a) सीरीज और फ्लैगशिप Nothing Phone (3) भी विदेश भेजे जा रहे हैं। इन फोनों का निर्माण चेन्नई की फैक्ट्री में किया जाता है। इसके लिए Nothing ने चीन की कंपनी BYD के साथ साझेदारी की है। अभी भारत से सबसे ज्यादा स्मार्टफोन एक्सपोर्ट Apple और Samsung करते हैं। Nothing के सब-ब्रांड CMF by Nothing ने 2025 में भारतीय कंपनी Optiemus Electronics के साथ जॉइंट वेंचर बनाया है। इससे पहले Nothing, चीन की कंपनी Transsion की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट iSmartu के साथ काम करती थी। Nothing अब भारत में ज्यादा फोन और गैजेट बनाकर उन्हें दुनिया के कई देशों में भेजना चाहती है।

लंदन की स्मार्टफोन कंपनी Nothing अभी दुनिया के कुल स्मार्टफोन बाजार का लगभग 1.1% हिस्सा रखती है। लेकिन भारत में इसका हिस्सा करीब 3% तक पहुंच चुका है। विश्लेषकों के अनुसार, करीब 2 साल से Nothing भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन ब्रांड रहा है।

इंडियन गवर्नमेंट की Production Linked Incentive (PLI) Scheme ने देश में मोबाइल निर्माण को काफी बढ़ावा दिया। यह योजना 2020 में शुरू हुई थी। इसके तहत कंपनियों को भारत में उत्पादन बढ़ाने पर प्रोत्साहन (इंसेंटिव) मिलता है इसका असर यह हुआ कि अब भारत की करीब 99% मोबाइल मांग ‘मेड इन इंडिया’ फोन से पूरी हो रही है चीन और वियतनाम के मुकाबले भारत में मोबाइल बनाने की लागत अभी भी थोड़ी ज्यादा है। Nothing ने 2020 में अपना कारोबार शुरू किया था। उस समय एक स्मार्टफोन बनाने के लिए कम से कम 5 करोड़ डॉलर (करीब 400 करोड़ रुपये) का निवेश लगता है।

2025 की शुरुआत तक Nothing की कुल कमाई 1 अरब डॉलर (लगभग 8,000 करोड़ रुपये) से ज्यादा हो चुकी थी। हाल ही में कंपनी ने 200 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाई। कंपनी ऐसे AI आधारित नए हार्डवेयर डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। पहला AI-नेटिव डिवाइस भारत में सबसे पहले लॉन्च किया जाएगा।