नई दिल्ली: इंडिया में बढ़ती दोपहिया वाहनों की मांग को देखते हुए Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी राजस्थान के टपूकड़ा (अलवर) प्लांट में नई प्रोडक्शन लाइन जोड़कर अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा रही है। इस विस्तार के तहत यहां तीसरी प्रोडक्शन लाइन लगाई जा रही है, जो 2028 से शुरू होगी और हर साल करीब 6.7 लाख दोपहिया वाहन बनाने में सक्षम होगी।
इस नए विस्तार के बाद टपूकड़ा प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर करीब 20.1 लाख यूनिट सालाना हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट से 2,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की भी उम्मीद है, जिससे इलाके के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। कंपनी का कहना है कि भारत में तेजी से बदलती मोबिलिटी जरूरतों को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। आने वाले समय में स्कूटर और मोटरसाइकिल की मांग और बढ़ने वाली है, ऐसे में कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता मजबूत कर रही है ताकि ग्राहकों को समय पर गाड़ियां मिल सकें।
राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने भी इस निवेश का स्वागत किया और कहा कि इससे राज्य में उद्योग, रोजगार और ऑटो सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। HMSI के देशभर में चार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिनकी मौजूदा सालाना क्षमता करीब 62.5 लाख यूनिट है। कंपनी 2001 से अब तक 7 करोड़ (70 मिलियन) से ज्यादा दोपहिया वाहन बना चुकी है, जो भारत में उसकी मजबूत मौजूदगी दिखाता है। कंपनी गुजरात के विठलापुर प्लांट में भी नई प्रोडक्शन लाइन जोड़ रही है, जो 2027 में शुरू होगी। इन सभी विस्तार योजनाओं के बाद HMSI की कुल उत्पादन क्षमता 2028 तक बढ़कर करीब 80 लाख (8 मिलियन) यूनिट सालाना हो जाएगी।
इस प्रोजेक्ट पर कंपनी करीब ₹1500 करोड़ (15 बिलियन रुपये) का निवेश कर रही है और इसके लिए टपूकड़ा में अतिरिक्त जमीन भी खरीदी जा रही है। Honda का यह कदम साफ दिखाता है कि कंपनी भारत में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने, ज्यादा रोजगार देने और बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम कर रही है।
