नई दिल्ली: TATA MOTORS ने नए वित्तीय साल से ठीक पहले बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2026 से उसकी पैसेंजर गाड़ियां महंगी हो जाएंगी। कंपनी अपनी पेट्रोल-डीजल कारों की कीमत में औसतन करीब 0.5% तक बढ़ोतरी करेगी, हालांकि यह बढ़ोतरी हर मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते गाड़ियां बनाना महंगा पड़ रहा है और इसी का कुछ बोझ अब ग्राहकों पर डाला जा रहा है।
इससे पहले भी Tata Motors अपने कमर्शियल वाहनों की कीमत 1.5% तक बढ़ाने का ऐलान कर चुकी है, जो 1 अप्रैल से ही लागू होगा। कंपनी हर सेगमेंट में बढ़ती लागत को बैलेंस करने की कोशिश कर रही है। दरअसल, यह सिर्फ एक कंपनी का मामला नहीं है, बल्कि पूरे ऑटो सेक्टर में यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जहां बढ़ती लागत के दबाव में कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं।
BMW Group India ने भी 1 अप्रैल से अपनी गाड़ियों के दाम 2% तक बढ़ाने की बात कही है, जबकि Mercedes-Benz India और Audi India भी कीमत बढ़ाने के संकेत दे चुके हैं। अब गाड़ियां बनाना कंपनियों के लिए महंगा हो गया है, इसलिए वे अपनी लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूल रही हैं। इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। अप्रैल से वही कार खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे। भले ही 0.5% की बढ़ोतरी छोटी लगे, लेकिन लाखों रुपये की गाड़ी पर यह हजारों रुपये तक का फर्क डाल सकती है। अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो मार्च का समय आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि अप्रैल से कीमतें बढ़ने के बाद आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है।
