30 साल बाद KTM ने KISKA से तोड़ा रिश्ता, अपनी बाइक्स खुद डिजाइन करेगी कंपनी

नई दिल्ली: ऑस्ट्रिया की मशहूर मोटरसाइकिल कंपनी KTM ने अपनी दशकों पुरानी साझेदारी डिजाइन एजेंसी KISKA के साथ खत्म कर दी है। करीब 30 साल से ज्यादा समय तक साथ काम करने के बाद KTM ने KISKA में अपनी बची हुई हिस्सेदारी Loxone GmbH को बेच दी है।

यह फैसला कंपनी की नई रणनीति और अंदरूनी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह बदलाव उस समय आया है जब Bajaj Auto ने Pierer Mobility में नियंत्रण हासिल किया है। बताया जा रहा है कि लागत में कटौती और डिजाइन व डेवलपमेंट पर ज्यादा सीधा नियंत्रण रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।

KISKA ने 1990 के दशक की शुरुआत से KTM की पहचान गढ़ने में अहम भूमिका निभाई। सिर्फ बाइक डिजाइन ही नहीं, बल्कि ब्रांडिंग, कम्युनिकेशन, राइडिंग गियर और कस्टमर एक्सपीरियंस तक में KISKA का बड़ा योगदान रहा। KTM की जो तेज, एग्रेसिव और शार्प डिजाइन भाषा आज दुनिया भर में पसंद की जाती है, उसे आकार देने में KISKA की बड़ी भूमिका रही है। KTM, KISKA का सबसे बड़ा क्लाइंट और निवेशक भी था, और एक समय पर Pierer Mobility के पास KISKA के करीब आधे शेयर थे।

अब नई व्यवस्था के तहत Loxone GmbH के पास KISKA की 71% हिस्सेदारी होगी, जबकि 29% शेयर एजेंसी की मैनेजमेंट टीम के पास रहेंगे। वहीं KTM ने अब साल्ज़बर्ग में अपना अलग डिजाइन सेंटर बनाने का फैसला किया है, जो उसके मौजूदा Mattighofen डेवलपमेंट हब से अलग होगा। इससे कंपनी डिजाइन और इंजीनियरिंग के बीच बेहतर तालमेल बना सकेगी और भविष्य की बाइकों पर ज्यादा सीधा नियंत्रण रख पाएगी।

हालांकि, निकट भविष्य में KTM की बाइकों के लुक में अचानक बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। मोटरसाइकिल डेवलपमेंट में कई साल लगते हैं और जो मॉडल पहले से पाइपलाइन में हैं, वे पुराने डिजाइन डीएनए के साथ ही आएंगे।

KISKA के लिए यह बदलाव चुनौती और अवसर दोनों है। KTM के अलग होने के बाद अब एजेंसी अन्य ग्लोबल ब्रांड्स के साथ काम बढ़ाने की तैयारी में है। कुछ रिपोर्ट्स में स्टाफ कटौती की भी बात सामने आई है, लेकिन KISKA अब अपने पोर्टफोलियो को और विविध बनाने पर जोर दे रही है। कुल मिलाकर, यह कदम KTM के लिए डिजाइन की नई शुरुआत है—अब कंपनी अपनी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह इन-हाउस क्रिएटिव टीम पर भरोसा करेगी।