सड़क पर AI का जलवा, अब कारें आगे खतरा भांपकर देंगी अलर्ट, बचाएगी जान

सड़क पर AI का जलवा, अब कारें आगे खतरा भांपकर देंगी अलर्ट, बचाएगी जान

नई दिल्ली : कल्पना कीजिए कि आप रात में हाइवे पर गाड़ी चला रहे हों। सामने घना कोहरा हो, सड़क साफ दिखाई नहीं दे रही हो। तभी आपकी कार आपको पहले ही बता दे कि आगे कोई वाहन अचानक ब्रेक लगा चुका है। या फिर कोई बाइक आपकी नजर से छिपी हो, लेकिन कार उसे पहचानकर टक्कर होने से पहले खुद ब्रेक लगा दे। अभी यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का सीन लग सकता है, लेकिन इंडिया में अब ऐसी तकनीकों का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने ऑटोमोटिव रडार और V2X (व्हीकल-टू-एवरीथिंग) जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए नियमों में बड़ी ढील दे दी है। इससे न सिर्फ ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम वाली कारें तेजी से भारतीय बाजार में आएंगी, बल्कि भविष्य की ड्राइवरलेस और एक-दूसरे से बात करने वाली स्मार्ट कारों की नींव भी मजबूत होगी।

अगर भविष्य की ड्राइवरलेस कार को इंसान मान लें, तो रडार उसकी आंखें हैं। कैमरे उसकी नजर हैं। AI उसका दिमाग है। V2X उसका मोबाइल फोन है, जिससे वह दूसरी कारों और सड़क से बात करती है सरकार ने उन नियमों को आसान कर दिया है जो आधुनिक सुरक्षा तकनीकों वाली कारों को भारत में लाने में बाधा बन रहे थे। इससे कार कंपनियां अब ADAS और V2X जैसी उन्नत तकनीकों को ज्यादा आसानी और कम लागत में भारतीय बाजार में ला सकेंगी। ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) ऐसी तकनीक है जो ड्राइवर की मदद करती है। जैसे कार का अपने आप ब्रेक लगाना, लेन से बाहर जाने पर चेतावनी देना, आगे वाली गाड़ी से सुरक्षित दूरी बनाए रखना, ब्लाइंड स्पॉट में मौजूद वाहन की जानकारी देना।

वहीं, V2X (Vehicle-to-Everything) तकनीक कार को दूसरी कारों, ट्रैफिक सिग्नल, सड़क के सेंसर और एम्बुलेंस जैसे वाहनों से “बात” करने की क्षमता देती है। आगे मोड़ के पीछे दुर्घटना हुई है तो आपकी कार पहले ही अलर्ट दे सकती है।एम्बुलेंस पीछे से आ रही है तो कार आपको पहले ही सावधान कर सकती है। पहले इन तकनीकों के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ रेडियो फ्रीक्वेंसी पर लाइसेंस और मंजूरी की जरूरत पड़ती थी। अब सरकार ने इन फ्रीक्वेंसी बैंड्स को लाइसेंस से छूट दे दी है। भारत में अब ऐसी कारों का रास्ता आसान हो गया है जो खतरे को पहले पहचान सकें, ड्राइवर की मदद कर सकें और भविष्य में एक-दूसरे से भी जुड़कर काम कर सकें।

इंडिया में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं। 2024 में 1.77 लाख से ज्यादा लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई थी। सरकार को उम्मीद है कि स्मार्ट रडार, ADAS और कनेक्टेड व्हीकल तकनीकें दुर्घटनाओं को कम करने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।