दिल्ली सरकार का ग्रीन मिशन तेज, EV खरीदने पर 30 हज़ार रुपये की सब्सिडी

दिल्ली सरकार का ग्रीन मिशन तेज, EV खरीदने पर 30 हज़ार रुपये की सब्सिडी

घर बैठे मिलेगी EV सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन के 60 दिन में खाते में आएगी

दिल्ली EV पॉलिसी 2026 लागू, 7,000 करोड़ रुपये से मिलेगा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बूस्ट

EV खरीदारों के लिए राहत, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को नई दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 के तहत EV सब्सिडी पोर्टल लॉन्च कर दिया। इस पोर्टल से अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले पात्र नागरिक और संस्थान घर बैठे ऑनलाइन सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकेंगे और अपने आवेदन की स्थिति रियल टाइम में ट्रैक भी कर पाएंगे। सरकार के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलने के 30 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 60 दिनों के भीतर सब्सिडी भेजने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है, ताकि लोगों को किसी सरकारी कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। आवेदन के लिए आधार कार्ड, वाहन का RC और वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों की जरूरत होगी। मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए आवेदन की पुष्टि की जाएगी।
दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर नई EV नीति को लागू करेगी। इस नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी, पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस में छूट जैसी कई सुविधाएं शामिल हैं।
नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 30,000 तक, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों पर ₹50,000 तक और N-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी दी जाएगी। पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को स्क्रैप करने पर भी अलग से प्रोत्साहन राशि मिलेगी, जिसकी राशि वाहन की श्रेणी के अनुसार तय होगी। यह नई नीति दोपहिया, तिपहिया और कार खरीदने वालों को बड़ी राहत देगी। उन्होंने बताया कि ₹30 लाख तक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर राजधानी में प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।