भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों ने पकड़ी रफ्तार, बिक्री में 72% की छलांग

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों ने पकड़ी रफ्तार, बिक्री में 72% की छलांग

• EV का जलवा, हर 100 में 9 दोपहिया अब इलेक्ट्रिक
• ICRA की भविष्यवाणी: धीमी लेकिन मजबूत रहेगी ग्रोथ

भारतीय दोपहिया वाहन उद्योग अगले वित्त वर्ष (FY27) में भी विकास की राह पर बना रहेगा। हालांकि यह वृद्धि पिछले वर्ष जैसी तेज़ नहीं होगी, फिर भी सेक्टर 3 से 5 प्रतिशत की स्वस्थ वृद्धि दर्ज हो सकती है। देश की प्रमुख रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर 71.7% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। जहां पिछले साल लोग पेट्रोल स्कूटर और मोटरसाइकिलों को प्राथमिकता दे रहे थे, वहीं अब बड़ी संख्या में ग्राहक इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
मई 2026 में देशभर में करीब 1.72 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बिके। इसके साथ ही कुल टू-व्हीलर बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 8.9% पहुंच गई। दूसरे शब्दों में कहें तो अब हर 100 बिकने वाले दोपहिया वाहनों में लगभग 9 इलेक्ट्रिक हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू मांग में लगातार सुधार, मजबूत रिटेल बिक्री और निर्यात बाजारों में बढ़ती मांग उद्योग को मजबूती प्रदान कर रही है। वहीं दूसरी ओर अल-नीनो के कारण कमजोर मानसून की आशंका, बढ़ती महंगाई और वाहन कीमतों में संभावित बढ़ोतरी उद्योग की रफ्तार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकती है।
मई 2026 में भारतीय दोपहिया उद्योग ने शानदार प्रदर्शन किया। घरेलू थोक बिक्री (Wholesale) सालाना आधार पर 15.7 प्रतिशत बढ़कर 19 लाख यूनिट तक पहुंच गई। GST 2.0 सुधारों के बाद ग्राहकों की खरीद की क्षमता में सुधार आया। कंपनियों की ओर स कीमतें बढ़ाने से पहले हुई खरीदारी ने इस बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई।
रिटेल बिक्री भी मजबूत बनी रही और इसमें 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। शादी-विवाह के सीजन, बेहतर फाइनेंसिंग विकल्प और एंट्री-लेवल से लेकर प्रीमियम श्रेणी तक नए मॉडलों की उपलब्धता ने बाजार को गति दी।
सबसे बड़ा बदलाव इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में देखने को मिला। मई 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 1.72 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 71.7 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग है। अब कुल दोपहिया बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 8.9 प्रतिशत हो गई है। भारतीय ग्राहक अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपना रहे हैं। चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार, बेहतर बैटरी तकनीक और सरकार की प्रोत्साहन नीतियों का भी इसमें बड़ा योगदान है।
हालांकि उद्योग के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव सप्लाई चेन और उत्पादन लागत पर असर डाल सकते हैं। भीषण गर्मी से शोरूम में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कुछ मॉडलों की सीमित उपलब्धता ने भी बिक्री की गति को थोड़ा धीमा किया।
फिर भी उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत ग्रामीण मांग, रिप्लेसमेंट खरीद और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता भारतीय दोपहिया उद्योग को आने वाले वर्षों में विकास की राह पर बनाए रखेगी।